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खाने को सूखा चारा, पीने को गंदा पानी
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जसवंतनगर। नोडल अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बृहस्पतिवार को ग्राम फुलरई में स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश पशु बेहद कमजोर मिले।
पशुओं को हरा मिक्स चारे की बजाय सूखा भूसा ही दिया जा रहा था। इसके अलावा पशुओं की मौत होने पर गोशाला में बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया जाता है।
भूसा जिस टिन शेड में रखा गया, वहां बारिश के चलते भूसा खराब होना बताया गया। गोशाला के कर्मियों को वेतन भी नहीं मिला है। नोडल अधिकारी ने कहा कि गोशाला पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई। गोशाला में केवल 30 गोवंश रखे गए हैं। सर्दी से बचाव के लिए टिन शेड से पन्नी लटकाकर सभी गोवंशों को रखा गया है।
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साथ ही गंदगी और टंकी में भरा गंदा पानी देखकर नोडल अधिकारी भड़क उठे। उन्होंने दलदल को सही करने के आदेश दिए। गोवंश को दफनाने के लिए पहले से खोदे गए गड्ढे देखकर नाराजगी जताई।
ग्राम प्रधान से पूछा तो उन्होंने बताया कि गोशाला के अंदर गोवंश की मौत होने के बाद उन्हें दफना देते हैं। इसमें कई गोवंशों को दफनाया गया हैं। नोडल अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि गोशाला के अंदर श्मशान घाट नहीं बनाया जाएगा।
गोशाला के बाहर दफनाना होगा। नोडल अधिकारी ने ग्राम सचिव नीरज यादव को नियमित रूप से देखरेख व गोवंशों को सर्दी में सुरक्षित रखने व साफ-सफाई कराने आदि कमियों को सुधारने के निर्देश दिए।
कहा कि यदि आगे भी इसी प्रकार की कमियां व गंदगी पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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पशुओं को हरा मिक्स चारे की बजाय सूखा भूसा ही दिया जा रहा था। इसके अलावा पशुओं की मौत होने पर गोशाला में बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया जाता है।
भूसा जिस टिन शेड में रखा गया, वहां बारिश के चलते भूसा खराब होना बताया गया। गोशाला के कर्मियों को वेतन भी नहीं मिला है। नोडल अधिकारी ने कहा कि गोशाला पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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उन्होंने इसके लिए उत्तरदायी अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाई। गोशाला में केवल 30 गोवंश रखे गए हैं। सर्दी से बचाव के लिए टिन शेड से पन्नी लटकाकर सभी गोवंशों को रखा गया है।
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साथ ही गंदगी और टंकी में भरा गंदा पानी देखकर नोडल अधिकारी भड़क उठे। उन्होंने दलदल को सही करने के आदेश दिए। गोवंश को दफनाने के लिए पहले से खोदे गए गड्ढे देखकर नाराजगी जताई।
ग्राम प्रधान से पूछा तो उन्होंने बताया कि गोशाला के अंदर गोवंश की मौत होने के बाद उन्हें दफना देते हैं। इसमें कई गोवंशों को दफनाया गया हैं। नोडल अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि गोशाला के अंदर श्मशान घाट नहीं बनाया जाएगा।
गोशाला के बाहर दफनाना होगा। नोडल अधिकारी ने ग्राम सचिव नीरज यादव को नियमित रूप से देखरेख व गोवंशों को सर्दी में सुरक्षित रखने व साफ-सफाई कराने आदि कमियों को सुधारने के निर्देश दिए।
कहा कि यदि आगे भी इसी प्रकार की कमियां व गंदगी पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।