{"_id":"587279774f1c1b1829ba8324","slug":"dont-take-patience-as-silence","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्र को खामोशी न समझें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्र को खामोशी न समझें
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
वार्ता करते सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिलेश गुट के घोषित सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने शिवपाल गुट के सुनील यादव को पूर्व जिलाध्यक्ष बता उन्हें नौ जनवरी तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष अपराधियों को साथ लेकर पार्टी कार्यालय पर कब्जा जमाए हैं। जिसमें कई ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है। उन्होंने कहा कि उनके सब्र को कमजोरी न समझा जाए। नौ जनवरी के बाद उच्च नेताओं से बात कर पार्टी कार्यालय को खाली करा लिया जाएगा।
विज्ञापन
रविवार को फ्रेंड्स कालोनी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गोपाल यादव ने कहा कि अखिलेश यादव अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने उन्हें जिले के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में वह ही सपा के जिलाध्यक्ष हैं। पार्टी कार्यालय पर कब्जा जमाए सुनील यादव को इस बात को स्वीकार कर लेना चाहिए। शनिवार को पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक को उन्होंने गलत ठहराया। कहा कि सुनील यादव को हटाने के साथ जिले की कार्यकारिणी भी भंग की जा चुकी है। जल्द नई कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा। पूर्व जिलाध्यक्ष ने उनसे नौ जनवरी तक का समय मांगा था इसलिए वह पार्टी कार्यालय नहीं जा रहे हैं। कार्यालय पर अराजकता का माहौल निंदनीय है। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन से भी बात की है। अनहोनी से बचने के लिए पुलिस को सपा कार्यालय अराजकतत्वों से खाली कराना चाहिए। विरोधी उनके सब्र को कमजोरी न समझें। समय सीमा पूरी होने के बाद वह पार्टी कार्यालय में नियम विरुद्ध किसी को नहीं बैठने देंगे और अराजकतत्वों को कार्यालय से खदेड़ दिया जाएगा। जिले का एक-एक सपा कार्यकर्ता उनके साथ है।
विज्ञापन