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Etawah News: दुर्दशा का शिकार हुई डूडा कालोनी, दरवाजे-खिड़की चोरी
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जसवंतनगर। चार करोड़ से बनाई गई डूडा कॉलोनी में अराजकतत्वों का डेरा है। हाल ये है कि खाली आवासों के दरवाजे और खिड़कियां भी चोरी हो गईं हैं। कई कालोनियों में मूल आवंटी नहीं रह रहे हैं।
जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) ने वर्ष 2009 में कोठी कैश्त मोहल्ले में कॉलोनी बनाई थी। इसमें 264 आवास हैं। प्रत्येक आवास में दो कमरे, शौचालय, रसोई घर की व्यवस्था की गई थी। पानी के लिए टंकी लगाई गई और हर आवास में कनेक्शन दिए गए। निर्माण के बाद इन आवासों को नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया गया। पालिका ने 15-15 हजार रुपये में पात्रता पूरी करने वाले जरूरतमंदों को आवासों का आवंटन किया। इनमें 39 आवासों का आवंटन आज तक नहीं हो सका। कई आवासों में लोग रहने नहीं आए।
खाली आवासों से अराजकतत्व खिड़की, दरवाजे तक उखाड़ ले गए। टंकियां गायब हो गईं। कालोनी निवासी वीरेंद्र, अशोक, राजेश कुमार, श्याम सिंह, घनश्याम आदि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अराजकतत्वों को कॉलोनी से बाहर किया जाए।
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मामला संज्ञान में है। पहले भी कालोनियों को खाली कराने के लिए प्रयास किए गए थे। वहां दबंग रह रहे हैं। जिलाधिकारी को इससे अवगत कराकर पुलिस की मदद से अवैध रूप से रह रहे लोगों से आवास खाली कराए जाएंगे। - फरहत इकबाल, प्रबंधक, डूडा, शहरी मिशन।
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जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) ने वर्ष 2009 में कोठी कैश्त मोहल्ले में कॉलोनी बनाई थी। इसमें 264 आवास हैं। प्रत्येक आवास में दो कमरे, शौचालय, रसोई घर की व्यवस्था की गई थी। पानी के लिए टंकी लगाई गई और हर आवास में कनेक्शन दिए गए। निर्माण के बाद इन आवासों को नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया गया। पालिका ने 15-15 हजार रुपये में पात्रता पूरी करने वाले जरूरतमंदों को आवासों का आवंटन किया। इनमें 39 आवासों का आवंटन आज तक नहीं हो सका। कई आवासों में लोग रहने नहीं आए।
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खाली आवासों से अराजकतत्व खिड़की, दरवाजे तक उखाड़ ले गए। टंकियां गायब हो गईं। कालोनी निवासी वीरेंद्र, अशोक, राजेश कुमार, श्याम सिंह, घनश्याम आदि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अराजकतत्वों को कॉलोनी से बाहर किया जाए।
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मामला संज्ञान में है। पहले भी कालोनियों को खाली कराने के लिए प्रयास किए गए थे। वहां दबंग रह रहे हैं। जिलाधिकारी को इससे अवगत कराकर पुलिस की मदद से अवैध रूप से रह रहे लोगों से आवास खाली कराए जाएंगे। - फरहत इकबाल, प्रबंधक, डूडा, शहरी मिशन।