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Etawah News: एक दिन की डीएम वर्तिका, बोलीं- करूंगी सरकारी योजनाओं की समीक्षा
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= कक्षा सात की छात्रा बोली, देखेंगे कितने जरूरतमंदों को मिल रहा लाभ, कितने अब भी वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा वर्तिका सिंह मंगलवार को एक दिन की डीएम बनीं तो उनके मन में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर कई सपने आकार लेने लगे। डीएम की कुर्सी पर बैठने का अनुभव उनके लिए सिर्फ एक दिन का सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्य को पाने की प्रेरणा भी बना।
वर्तिका ने कहा कि यदि वह वास्तव में डीएम बनीं तो सबसे पहले सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगी। देखेंगी कि कितने जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कितने लोग अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि अब वह और मेहनत से पढ़ाई करेंगी और एक दिन इसी कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी निभाएंगी।
औरैया जिले के रत्नीपुर निवासी वर्तिका सिंह के पिता अनिल कुमार निजी शिक्षक हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नगर क्षेत्र की कक्षा सात की छात्रा वर्तिका को मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एक दिन का डीएम बनाया गया। इस अवसर ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने को नई दिशा दी। वर्तिका का कहना है कि एक दिन की डीएम बनने से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। अब वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत करेंगी। इसके साथ ही कक्षा सात की छात्रा खुशी को सीडीओ और कक्षा आठ की छात्रा काजल को बीएसए बनाया गया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि बालिकाओं में प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा वर्तिका सिंह मंगलवार को एक दिन की डीएम बनीं तो उनके मन में प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर कई सपने आकार लेने लगे। डीएम की कुर्सी पर बैठने का अनुभव उनके लिए सिर्फ एक दिन का सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्य को पाने की प्रेरणा भी बना।
वर्तिका ने कहा कि यदि वह वास्तव में डीएम बनीं तो सबसे पहले सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगी। देखेंगी कि कितने जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कितने लोग अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि अब वह और मेहनत से पढ़ाई करेंगी और एक दिन इसी कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी निभाएंगी।
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औरैया जिले के रत्नीपुर निवासी वर्तिका सिंह के पिता अनिल कुमार निजी शिक्षक हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नगर क्षेत्र की कक्षा सात की छात्रा वर्तिका को मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एक दिन का डीएम बनाया गया। इस अवसर ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और प्रशासनिक सेवा में जाने के सपने को नई दिशा दी। वर्तिका का कहना है कि एक दिन की डीएम बनने से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। अब वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत करेंगी। इसके साथ ही कक्षा सात की छात्रा खुशी को सीडीओ और कक्षा आठ की छात्रा काजल को बीएसए बनाया गया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि बालिकाओं में प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है।
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