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Etawah News: दावों की पोल खोल रहे बिजली के जर्जर पोल
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इटावा। जिले में रीवैंप योजना के तहत भले ही 4000 पोल बदलने के दावा बिजली विभाग कर रहा है लेकिन उसके इन दावों की पोल जर्जर बिजली के पोल खोल रहे हैं। हकीकत यह है कि अभी भी शहर के कई मोहल्लों में जर्जर खंभों से लोगों में हादसे का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बाद भी जर्जर खंभे नहीं बदले गए।
जिले की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार की ओर से रीवैंप योजना चलाई जा रही है। इसके तहत लगभग 100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इससे जिले के जर्जर खंभे और जर्जर तार बदलने का काम किया जा रहा है। काम कर रही कंपनी की ओर से अधिकारियों को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, शहर में करीब 4000 खंभे बदल चुके हैं। पहले फेज के तहत शहर में काम हो रहा है, जो काफी हद तक पूरा भी हो चुका है।
हालांकि इसके बावजूद शहर के आवास विकास, पुलिस लाइन के सामने, मोहल्ला करौल, सुंदरपुर मोड़ समेत कई मोहल्लों में जर्जर खंभों पर अभी भी बिजली के तार दौड़ रहे हैं। यहां के लोगों को हादसे का डर सता रहा है। 28 मार्च को सांसद की हुई बैठक में भी यह दावे विभाग की ओर से किए गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 4000 बिजली के पोल विभाग ने लगा कहां दिए हैं।
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बिजली के कमजोर खंभों पर केबल का बोझ
शहर में विद्युत विभाग का एक भी पोल ऐसा नहीं है, जिस पर केबिल का जाल न हो। अब यह समस्या इतनी जटिल हो चुकी है कि इन तारों की वजह से बिजली सप्लाई में भी बाधा आ रही। जगह-जगह बिजली के खंभे टूटने का डर हैं। विभाग की ढील व लापरवाही के चलते बिजली के खंभों पर तारों को इस तरह से लाद दिया गया कि बिजली तार झूल रहे हैं।
आवास विकास बी ब्लॉक की गली में एक जर्जर खंभा लगा है। इस मोहल्ले में लगभग पांच हजार लोग रहते हैं। पूरे दिन गली में आवाजाही रहती है। लोगों की शिकायत पर गले खंभे को बदलवाने की जगह लगभग 25 दिन पहले सीमेंट लगाकर लीपापोती कर दी गई। आलम यह है कि यह खंभा उखड़ने भी लगा है। ऐसे में लोगों को हादसे का डर बना हुआ है।
पुलिस लाइन के सामने आवास विकास को जाने वाली मोड़ पर भी जर्जर खंभा लगा है। यह नीचे से गल चुका है। जंग लगने की वजह से यह खोखला खंभा कभी भी गिर सकता है। इस रोड से दिनभर में करीब चार से पांच हजार लोगों की आवाजाही रहती है। कई बार शिकायतों के बाद भी खंभा नहीं बदला गया। लोगों को इस खंभे से हादसे का डर बना रहता है।
आवास विकास निवासी देवरिषी ने बताया कि घर के पास में ही बिजली का पोल गल गया है। इससे लोगों को डर है कि कहीं किसी के मकान के ऊपर न गिर जाए। कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से कहने के बाद भी पोल नहीं बदला गया। जहां जरूरत है वहां के खंभे नहीं बदले जा रहे हैं। सिर्फ आंकड़े ही पूरे किए जा रहे हैं।
पुलिस लाइन के सामने आवास विकास के मोड़ पर गला हुआ पोल लगा है। इसको आज तक बदला नहीं गया। कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। रीवैंप योजना शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि यह पोल बदल जाएगा, पर ऐसा नहीं हुआ। आज भी गला हुआ पोल ही लगा हुआ है।
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जिले की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार की ओर से रीवैंप योजना चलाई जा रही है। इसके तहत लगभग 100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इससे जिले के जर्जर खंभे और जर्जर तार बदलने का काम किया जा रहा है। काम कर रही कंपनी की ओर से अधिकारियों को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, शहर में करीब 4000 खंभे बदल चुके हैं। पहले फेज के तहत शहर में काम हो रहा है, जो काफी हद तक पूरा भी हो चुका है।
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हालांकि इसके बावजूद शहर के आवास विकास, पुलिस लाइन के सामने, मोहल्ला करौल, सुंदरपुर मोड़ समेत कई मोहल्लों में जर्जर खंभों पर अभी भी बिजली के तार दौड़ रहे हैं। यहां के लोगों को हादसे का डर सता रहा है। 28 मार्च को सांसद की हुई बैठक में भी यह दावे विभाग की ओर से किए गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 4000 बिजली के पोल विभाग ने लगा कहां दिए हैं।
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बिजली के कमजोर खंभों पर केबल का बोझ
शहर में विद्युत विभाग का एक भी पोल ऐसा नहीं है, जिस पर केबिल का जाल न हो। अब यह समस्या इतनी जटिल हो चुकी है कि इन तारों की वजह से बिजली सप्लाई में भी बाधा आ रही। जगह-जगह बिजली के खंभे टूटने का डर हैं। विभाग की ढील व लापरवाही के चलते बिजली के खंभों पर तारों को इस तरह से लाद दिया गया कि बिजली तार झूल रहे हैं।
आवास विकास बी ब्लॉक की गली में एक जर्जर खंभा लगा है। इस मोहल्ले में लगभग पांच हजार लोग रहते हैं। पूरे दिन गली में आवाजाही रहती है। लोगों की शिकायत पर गले खंभे को बदलवाने की जगह लगभग 25 दिन पहले सीमेंट लगाकर लीपापोती कर दी गई। आलम यह है कि यह खंभा उखड़ने भी लगा है। ऐसे में लोगों को हादसे का डर बना हुआ है।
पुलिस लाइन के सामने आवास विकास को जाने वाली मोड़ पर भी जर्जर खंभा लगा है। यह नीचे से गल चुका है। जंग लगने की वजह से यह खोखला खंभा कभी भी गिर सकता है। इस रोड से दिनभर में करीब चार से पांच हजार लोगों की आवाजाही रहती है। कई बार शिकायतों के बाद भी खंभा नहीं बदला गया। लोगों को इस खंभे से हादसे का डर बना रहता है।
आवास विकास निवासी देवरिषी ने बताया कि घर के पास में ही बिजली का पोल गल गया है। इससे लोगों को डर है कि कहीं किसी के मकान के ऊपर न गिर जाए। कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से कहने के बाद भी पोल नहीं बदला गया। जहां जरूरत है वहां के खंभे नहीं बदले जा रहे हैं। सिर्फ आंकड़े ही पूरे किए जा रहे हैं।
पुलिस लाइन के सामने आवास विकास के मोड़ पर गला हुआ पोल लगा है। इसको आज तक बदला नहीं गया। कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। रीवैंप योजना शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि यह पोल बदल जाएगा, पर ऐसा नहीं हुआ। आज भी गला हुआ पोल ही लगा हुआ है।