फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Destruction of rain

बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी

Mon, 16 Mar 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Mon, 16 Mar 2015 12:00 AM IST
विज्ञापन
Destruction of rain

बेमौसम बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। शनिवार को रात भर और रविवार को दिनभर बारिश हुई। इस पानी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में आलू की खुदाई ठप हो चुकी है जो आलू खुदा पड़ा है, उसका सड़ना भी तय माना जा रहा है।

विज्ञापन


50 फीसदी से अधिक आलू की फसल के बर्बाद होने की आशंका है। वहीं गेहूं और दलहन की पौध टूटकर जमीन में बिछ चुकी है। बारिश ने किसान को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है। कृषि विभाग का भी मानना है कि इस बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी नुकसान का आंकलन नहीं हुआ है।
विज्ञापन


इस महीने की शुरुआत में जमकर पानी बरसा था। उस आलू की खुदाई शुरू हो रही थी, लेकिन बरसात होने से खेतों में पानी भर गया। लिहाजा खुदाई बंद करनी पड़ी थी। इधर होली के इर्द गिर्द मौसम खुला रहा तो किसानों ने आलू खोदना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बरसात फिर शुरू हो गई। इस बार न सिर्फ पहले से ज्यादा बरसात हो रही है, बल्कि शनिवार से शुरू पानी थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले में इस बार आलू का आच्छादन करीब 17 हजार हेक्टेयर है। करीब सवा चार लाख मीट्रिक टन आलू पैदा होने का अनुमान है।

बेमौसम बारिश ने सब चौपट कर दिया है। किसानों की मानें तो अभी 40-50 फीसदी खुदाई संभव हो पाई थी। यानि सीधे तौर पर आधा से अधिक आलू की फसल अभी खेतों में है। मौसम की अड़ंगेबाजी ने सब ठप कर दिया है। इस बारिश से न सिर्फ खुदाई कार्य लेट होगा बल्कि आलू के सड़ने की आशंका बढ़ गई है।

किसान दुआ कर रहे है कि बरसात जल्द से जल्द थमे और धूप निकले। यदि ऐसा न हुआ तो बचा हुआ समूचा आलू सड़ जाएगा। ओलावृष्टि का सर्वाधिक असर गेहूं, सरसों, अरहर, मटर, चना की फसलों पर हुआ है। गेहूं की पौध में फूल निकल चुके हैं। तेज हवा और पानी ने यह पौध टूटकर जमीन में बिछ चुकी है। जिससे उनके फूल झड़कर मिट्टी में मिल गए।


कर्ज माफी की मांग
इकदिल क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से किसान कराह उठा है। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेम नारायण त्रिपाठी ने केंद्र व प्रदेश सरकारों से किसानों के कर्ज माफी की मांग की है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed