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डाक्टर आते नहीं, पर्चा बनाने वाले भी गायब
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ऊसराहार। ताखा के सरकारी अस्पताल में डाक्टरों के अभाव में मरीज भटक रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टर तो छोड़िए पर्चा बनाने वाला तक नहीं मिला। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से डाक्टरों के देर से आने की शिकायत की है।
ऊसराहार क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सहित एक दर्जन से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। डाक्टरों को समय पर अस्पताल पहुंचने तक की फुर्सत नहीं है।
पूरे ताखा क्षेत्र में मरीजों को दिन रात इलाज देने की जिम्मेदारी सीएचसी सरसईनावर की है। सीएचसी पर दो तीन कर्मचारियों को छोड़कर सभी की आदत देर से आना और जल्दी जाना हो चुकी है।
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जब मुखिया ही देर से आता है तो बाकी पर लगाम कौन कसेगा। सीएचसी सरसईनावर में डाक्टर अस्पताल में समय पर नहीं आते। सरसईनावर निवासी श्रीकांत गुप्ता की पुत्री नव्या को तीन दिन से बुखार आ रहा है।
वह सोमवार को अस्पताल गई और ग्यारह बजे तक बैठी रही, लेकिन कोई डाक्टर नहीं मिला। मंगलवार को बुखार में सुधार न होने पर वह अपने पिता श्रीकांत के साथ अस्पताल पहुंची तो ग्यारह बजे तक कोई भी डाक्टर नहीं पहुंचा।
श्रीकांत ने बताया कि अस्पताल में एक फार्मासिस्ट और अनूप दो कर्मचारी मौजूद थे। बाकी सभी डाक्टर गायब थे। जांच करने के लिए कोई भी नहीं था और तो और पर्चा बनाने वाले काउंटर पर भी कोई नहीं था।
डाक्टरों के न पहुंचने से श्रीकांत ने जिलाधिकारी को अस्पताल से ही फोन कर शिकायत की। श्रीकांत ने बताया कि अस्पताल में चिकित्साधीक्षक कभी भी ग्यारह बजे से पहले नही आते हैं। चार बजे से पहले चले जाते हैं।
ऊसराहार एवं खरगपुर सरैया के सरकारी अस्पताल में भी कोई डाक्टर मरीजों को नहीं देखता है। यहां तीन-तीन दिन के लिए डाक्टरों को मरीज देखने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन वह सब आदेश हवा हवाई हो गए।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डाक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि वह कोविड में लगे लोगों की मानीटरिंग के लिए फील्ड में थे। अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर हैं।
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ऊसराहार क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सहित एक दर्जन से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। डाक्टरों को समय पर अस्पताल पहुंचने तक की फुर्सत नहीं है।
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पूरे ताखा क्षेत्र में मरीजों को दिन रात इलाज देने की जिम्मेदारी सीएचसी सरसईनावर की है। सीएचसी पर दो तीन कर्मचारियों को छोड़कर सभी की आदत देर से आना और जल्दी जाना हो चुकी है।
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जब मुखिया ही देर से आता है तो बाकी पर लगाम कौन कसेगा। सीएचसी सरसईनावर में डाक्टर अस्पताल में समय पर नहीं आते। सरसईनावर निवासी श्रीकांत गुप्ता की पुत्री नव्या को तीन दिन से बुखार आ रहा है।
वह सोमवार को अस्पताल गई और ग्यारह बजे तक बैठी रही, लेकिन कोई डाक्टर नहीं मिला। मंगलवार को बुखार में सुधार न होने पर वह अपने पिता श्रीकांत के साथ अस्पताल पहुंची तो ग्यारह बजे तक कोई भी डाक्टर नहीं पहुंचा।
श्रीकांत ने बताया कि अस्पताल में एक फार्मासिस्ट और अनूप दो कर्मचारी मौजूद थे। बाकी सभी डाक्टर गायब थे। जांच करने के लिए कोई भी नहीं था और तो और पर्चा बनाने वाले काउंटर पर भी कोई नहीं था।
डाक्टरों के न पहुंचने से श्रीकांत ने जिलाधिकारी को अस्पताल से ही फोन कर शिकायत की। श्रीकांत ने बताया कि अस्पताल में चिकित्साधीक्षक कभी भी ग्यारह बजे से पहले नही आते हैं। चार बजे से पहले चले जाते हैं।
ऊसराहार एवं खरगपुर सरैया के सरकारी अस्पताल में भी कोई डाक्टर मरीजों को नहीं देखता है। यहां तीन-तीन दिन के लिए डाक्टरों को मरीज देखने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन वह सब आदेश हवा हवाई हो गए।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डाक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि वह कोविड में लगे लोगों की मानीटरिंग के लिए फील्ड में थे। अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर हैं।