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धारदार हथियार से सास की गर्दन काटकर गहने उड़ाये
Tue, 05 Mar 2019 10:30 PM IST
gaurav gaurav
इटावा
इटावा
Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 05 Mar 2019 10:30 PM IST
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मृतका की बहू के पास से बरामद जेवर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नी फैल गई। सूचना पर एसपी ग्रामीण राम बदन सिंह समेत थाने की फोर्स ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही बहू को हिरासत लेकर गहने और हत्या में उपयोग हुआ फावड़ा भी बरामद कर लिया।
भागीपुरा गांव में रहने वाले मजदूर राजबहादुर के तीन बेटे में दो दिल्ली में काम करते है। मझला बेटे की पत्नी की सांस सत्यवती की बनती नहीं थी। इसकी वजह से ससुर राजबहादुर ने मछला बेेटे छोटे लाल और उसकी पत्नी सरिता को अलग कर दिया था। वह गांव में मजदूर करके अपने परिवार का पेट पालता था।
चार दिन पहले राजबहादुर अपने बेटों से मिलने के लिए दिल्ली चले गए थे। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को सत्यवती अपने घर पर अकेली थी तभी उसकी बहू सरिता उसके घर पर पहुंची। वहां पर दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तैश में आकर सरिता ने घर में रखे फावड़े से सास की हत्या कर दी।
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इसके बाद उसने सास के जेवर उठाए और उन्हें छुपाकर अपने घर में रख लिया। इसके बाद उसने खुद ग्रामीणों को सास की हत्या और लहूलुहान शव घर के अंदर पड़ा होने की सूचना दी। हत्या की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक सैफई चंद्र देव यादव, सीओ सैफई मस्सा सिंह के अलावा एसपी ग्रामीण राम बदन सिंह मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया।
छानबीन के दौरान लोगों ने बताया कि उन लोगों ने सरिता को घर के आसपास देखा था। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ और पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में वह टूट गई और सास के जेवर व अन्य सामान पुलिस ने बरामद कर लिया। एसपी सिटी राम बदन सिंह ने बताया कि मृतका का अपनी बहू से विवाद होता रहता था। बहू सरिता सास के पास से जेवर हड़पना चाहती थी। इसी कारण से उसने सास की हत्या की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सास की हत्या के बाद सरिता गहने अपने घर में छुपाकर आई और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए उसने चाल चली। वह सत्यवती के घर पर पहुंची और लोगों से कहने लगी कि मम्मी कहां है भैंस को चारा नहीं दिया। अंदर जाकर देखा को उसका शव लहू लुहान अवस्था में पड़ा था उसके शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
एसएसपी रामबदन सिंह ने बताया कि सरिता बदलते बयान से फंस गई। पहले उसने बताया कि वह घटना के बारे में नहीं जानती है। वह तो भैंस को चारे के लिए सास को ढूंढने आई थी लेकिन जब ग्रामीणों ने बताया कि कि वह कुछ देर पहले ही सास के घर से निकली तो सरिता ने पहले इनकार कर दिया लेकिन बाद में दो महिलाओं के कहने पर पति छोटे लाल को ढूंढने की बात कही। सख्ती दिखाने पर वह टूट गई और हत्या की बात कबूल ली।
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भागीपुरा गांव में रहने वाले मजदूर राजबहादुर के तीन बेटे में दो दिल्ली में काम करते है। मझला बेटे की पत्नी की सांस सत्यवती की बनती नहीं थी। इसकी वजह से ससुर राजबहादुर ने मछला बेेटे छोटे लाल और उसकी पत्नी सरिता को अलग कर दिया था। वह गांव में मजदूर करके अपने परिवार का पेट पालता था।
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चार दिन पहले राजबहादुर अपने बेटों से मिलने के लिए दिल्ली चले गए थे। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को सत्यवती अपने घर पर अकेली थी तभी उसकी बहू सरिता उसके घर पर पहुंची। वहां पर दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। तैश में आकर सरिता ने घर में रखे फावड़े से सास की हत्या कर दी।
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इसके बाद उसने सास के जेवर उठाए और उन्हें छुपाकर अपने घर में रख लिया। इसके बाद उसने खुद ग्रामीणों को सास की हत्या और लहूलुहान शव घर के अंदर पड़ा होने की सूचना दी। हत्या की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक सैफई चंद्र देव यादव, सीओ सैफई मस्सा सिंह के अलावा एसपी ग्रामीण राम बदन सिंह मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया।
छानबीन के दौरान लोगों ने बताया कि उन लोगों ने सरिता को घर के आसपास देखा था। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ और पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में वह टूट गई और सास के जेवर व अन्य सामान पुलिस ने बरामद कर लिया। एसपी सिटी राम बदन सिंह ने बताया कि मृतका का अपनी बहू से विवाद होता रहता था। बहू सरिता सास के पास से जेवर हड़पना चाहती थी। इसी कारण से उसने सास की हत्या की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सास की हत्या के बाद सरिता गहने अपने घर में छुपाकर आई और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए उसने चाल चली। वह सत्यवती के घर पर पहुंची और लोगों से कहने लगी कि मम्मी कहां है भैंस को चारा नहीं दिया। अंदर जाकर देखा को उसका शव लहू लुहान अवस्था में पड़ा था उसके शोर मचाने पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
एसएसपी रामबदन सिंह ने बताया कि सरिता बदलते बयान से फंस गई। पहले उसने बताया कि वह घटना के बारे में नहीं जानती है। वह तो भैंस को चारे के लिए सास को ढूंढने आई थी लेकिन जब ग्रामीणों ने बताया कि कि वह कुछ देर पहले ही सास के घर से निकली तो सरिता ने पहले इनकार कर दिया लेकिन बाद में दो महिलाओं के कहने पर पति छोटे लाल को ढूंढने की बात कही। सख्ती दिखाने पर वह टूट गई और हत्या की बात कबूल ली।