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पोषाहार गबन मामले में वसूली शुरू
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:57 PM IST
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पांच साल पूर्व बसरेहर में बाल विकास परियोजना में हुए पौने तीन लाख के पोषाहार गबन के मामले में विभाग ने संबंधित मुख्य सेविका और वरिष्ठ सहायक से वसूली शुरू कर दी है। दोनों के खिलाफ बाल विकास सेवा और पुष्टाहार निदेशक ने वसूली के आदेश दिए थे। इनके वेतन से हर माह 5 हजार रुपये काटे जाएंगे। 2012 में एक शिकायत पर तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (वर्तमान में सेवानिवृत्त) रंजना सिन्हा ने बसरेहर ब्लाक परियोजना के भरथना चौराहा स्थित स्टोर के स्टाक को चेेक किया था।
पोषाहार स्टाक में गड़बड़ी मिलने पर ब्लाक कार्यालय की वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी को निलंबित कर मामले की जांच लखनऊ मुख्यालय से कराई गई। इसमें विभाग की अपर परियोजना प्रबंधक आरुषि यादव को 83 बोरी पोषाहार और 265 बैग रिच एनर्जी फूड में हेराफेरी मिली। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में बसरेहर ब्लाक की तत्कालीन मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना को भी दोषी पाया गया।
निदेशालय स्तर से दोनों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। निदेशालय ने उक्त मुख्य सेविका को पोषाहार स्टाक का समय से सत्यापन न करने का जिम्मेदार मान उनकी भूमिका को भी संदिग्ध माना। विभागीय निदेशक आनंद कुमार सिंह ने गत दिसंबर में 2 लाख 77 हजार 484 रुपये के पोषाहार गबन की वसूली के आदेश दिए।
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उन्होंने मुख्य सेविका और वरिष्ठ सहायक दोनों से बराबर-बराबर रकम एक लाख 38 हजार 742 रुपये 28 किस्तों में वसूलने को कहा। जिसके तहत विभाग ने वर्तमान में शहर परियोजना मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना के वेतन से प्रतिमाह 5 हजार रुपये की कटौती शुरू कर दी है। जबकि वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी इस समय फर्रुखाबाद में तैनात है।
वर्जन
पोषाहार गबन के मामले में वसूली आदेश का पालन शुरू हो गया है। ब्लाक की तत्कालीन वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी से ये वसूली फर्रुखाबाद जिले में हो रही है। जबकि यहां मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना के वेतन से कटौती की जा रही है।
समर बहादुर सिंह, डीपीओ, इटावा
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पोषाहार स्टाक में गड़बड़ी मिलने पर ब्लाक कार्यालय की वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी को निलंबित कर मामले की जांच लखनऊ मुख्यालय से कराई गई। इसमें विभाग की अपर परियोजना प्रबंधक आरुषि यादव को 83 बोरी पोषाहार और 265 बैग रिच एनर्जी फूड में हेराफेरी मिली। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में बसरेहर ब्लाक की तत्कालीन मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना को भी दोषी पाया गया।
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निदेशालय स्तर से दोनों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। निदेशालय ने उक्त मुख्य सेविका को पोषाहार स्टाक का समय से सत्यापन न करने का जिम्मेदार मान उनकी भूमिका को भी संदिग्ध माना। विभागीय निदेशक आनंद कुमार सिंह ने गत दिसंबर में 2 लाख 77 हजार 484 रुपये के पोषाहार गबन की वसूली के आदेश दिए।
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उन्होंने मुख्य सेविका और वरिष्ठ सहायक दोनों से बराबर-बराबर रकम एक लाख 38 हजार 742 रुपये 28 किस्तों में वसूलने को कहा। जिसके तहत विभाग ने वर्तमान में शहर परियोजना मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना के वेतन से प्रतिमाह 5 हजार रुपये की कटौती शुरू कर दी है। जबकि वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी इस समय फर्रुखाबाद में तैनात है।
वर्जन
पोषाहार गबन के मामले में वसूली आदेश का पालन शुरू हो गया है। ब्लाक की तत्कालीन वरिष्ठ सहायक ज्योति तिवारी से ये वसूली फर्रुखाबाद जिले में हो रही है। जबकि यहां मुख्य सेविका मधुबाला सक्सेना के वेतन से कटौती की जा रही है।
समर बहादुर सिंह, डीपीओ, इटावा