फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   Fifteen-day love, then cheat

पंद्रह दिन में पटाने का था टारगेट

Fri, 30 Jan 2015 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Fri, 30 Jan 2015 11:37 PM IST
विज्ञापन
Fifteen-day love, then cheat
पढ़ा लिखा युवक संजय कक्षा 12 में पढ़ने वाली 17 वर्षीय किशोरी की दिलफरेब मोहब्बत का शिकार हो गया। शुक्र तो ये है कि उसकी जान बच गई। किशोरी ने पुलिस हिरासत में अपहरण कांड की पूरी कहानी सुनाई तो लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। उसने बताया कि पिंटू उसके घर के सामने दुकान किए था।
विज्ञापन


पिंटू ने उसे रुपये का लालच दिया और सिर्फ फोन भर करने के लिए कहा। अपहरण से 15 दिन पूर्व उसने संजय के मोबाइल पर फोन करना शुरू किया। इसके बाद दिन में कई-कई घंटे दोनों के बीच बातें होती थीं। उसे जल्द से जल्द कथित प्रेमी को कब्जे में करने का टारगेट था।

विज्ञापन


इसलिए वह हर स्तर पर जाकर उसे अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास करती थी। 14 जनवरी को उसने ही फोन करके संजय को बुलाया था। बताया जाता है कि किशोरी का पिंटू के साथ भी प्रेम प्रसंग था। पिंटू के कहने पर ही उसने अपना शिकार बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि किशोरी ने यह बात स्वीकार नहीं की, लेकिन पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना से पहले किशोरी और आरोपी पिंटू की खूब बातचीत होती थी। इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि अन्य घटनाओं में भी इसका इस्तेमाल न किया गया हो।

अफवाह बनी अपहरण का कारण
अपहृत संजय जाटव के पिता को उनकी ससुराल मुकुंदी का नगला गांव में एक बीघा जमीन मिली हुई है। शहर से सटे होने के कारण जमीन की कीमत लाखों रुपये में है। बीते कुछ दिनों से पूरे गांव में एक बीघा जमीन 60 लाख रुपये में बेचे जाने की चर्चा थी। इसी चर्चा के चलते संजय का अपहरण किया गया। पुलिस बीस लाख रुपये फिरौती मांगे जाने की बात कह रही है, जबकि पिता ने बताया कि फिरौती के रूप में 60 लाख रुपये मांगे गए थे।

संजय को है पछतावा
अपह्रत युवक संजय जाटव की बरामदगी होने से पूरा परिवार खुश है। खुद संजय ने स्वीकार किया कि वह अगर लड़की की बातों में न आता तो उसका अपहरण शायद नहीं होता। उसने लड़की की बातों पर इस तरह विश्वास किया कि उसके बुलाने पर चला गया।

संजय जाटव ने बताया कि करीब एक महीने पहले आरोपी लड़की का अनजान की तरह फोन आया। दोनों के बीच कुछ पल बातचीत हुई और फिर फोन कट गया। इसके बाद फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया। दोनों के बीच घंटों बातचीत होने लगी और वह दोनों फोन पर ही एक अच्छे दोस्त बन गए।

14 जनवरी को लड़की ने मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए उसे अकेला जसोहन बगिया में बुलाया। युवक को नहीं पता था कि जिस लड़की के बुलाने पर वह जसोहन बगिया जा रहा है वह लड़की उसकी दोस्त नहीं बल्कि अपहरण की लिखी गई कहानी का एक हिस्सा है।

युवक जैसे ही जसोहन बगिया पहुंचा वहां मौजूद अपहरणकर्ताओं ने उसे दबोच लिया। जबरन उसे बीहड़ में ले गए और आठ दिन तक रखा। फिरौती के लिए दबाव बनाने की नीयत से उक्त लोग उसके साथ मारपीट भी किया करते थे।

संजय जाटव के अपहरण में मोबाइल फोन ने अहम भूमिका निभाई। अपहरण की इस गुत्थी को सुलझाने में मोबाइल फोन ही मददगार बना।

कॉल डिटेल के जरिए पुलिस ने उस नंबर को हासिल किया जिस पर संजय की घंटों बात होती थी। पुलिस तलाश में जुट गई और जैसे ही नंबर की लोकेशन पुलिस को मिली तो पुलिस ने दबिश दे दी और अपह्रत युवक के साथ अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया। खुद पुलिस मान रही है कि लड़की को आगे करके अपहरण की जिले में शायद यह हाल फिलहाल की पहली वारदात है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed