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अपहरण के बाद मासूम की हत्या पर बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Mon, 26 Jan 2015 12:53 AM IST
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जसवंतनगर में चार साल के मासूम की अपहरण के बाद हत्या पर कस्बे में जमकर बवाल हुआ। हत्या के आरोप में ताऊ को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में हाइवे पर जाम लगाकर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। थाना पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए उसमें आग लगा दी।
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हालात बेकाबू होते देख छह थानों का फोर्स, पीएसी के साथ क्यूआरटी मौके पर पहुंची। हाइवे पर जमा भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ हवाई फायरिंग करनी पड़ी। दिल्ली-कानपुर नेशनल हाइवे पर करीब ढाई घंटे बवाल होता रहा। यातायात पूरी तरह से बंद रहा।
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जसवंतनगर थाना क्षेत्र के गांव महलई निवासी अरविंद शाक्य के इकलौते पुत्र देवांश (4) का शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे घर के बाहर खेलते समय अपहरण कर लिया गया था। शाम करीब पांच बजे पिता के मोबाइल पर सात लाख की फिरौती के लिए फोन आया।
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परिजनों की शिकायत पर पुलिस बच्चे की तलाश में जुट गई। फिरौती मांगने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर पुलिस ने शनिवार की सुबह गांव के ही हरीओम पुत्र रामकिशोर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में हरीओम ने देवांश के ताऊ आदेशबाबू के साजिश में शामिल होने की जानकारी दी।
शनिवार की रात गांव के बाहर रखे घूरे को खुदवाकर पुलिस ने देवांश का शव बरामद किया था। साथ ही उसके ताऊ को भी गिरफ्तार कर लिया। रविवार की सुबह आठ बजे मृतक के परिजन और ग्रामीण थाने पहुंचे और गिरफ्तार किए गए ताऊ आदेशबाबू को बेगुनाह बताते हुए छोड़ने की मांग की।
पुलिस ने आदेशबाबू को नहीं छोड़ा तो करीब 9 बजे परिजनों के साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। पहले थाना पुलिस बाद में एसडीएम हंसराज यादव, सीओ जसवंतनगर अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। इसी बीच पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए बल प्रयोग किया तो वहां मौजूद लोग उग्र हो गए।
ग्रामीणों ने पास में ही खड़े ईंटों से भरे ट्रैक्टर से ईंटें निकालकर पुलिस टीम पर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव में एसडीएम हंसराज यादव के पैर में चोट लगी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस और अफसर वहां से हट गए। सूचना आला अफसरों को दी गई। इसी बीच ग्रामीणों ने पथराव करके थाना पुलिस की जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया और आग लगा दी।
हाइवे पर कुछ और वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। पथराव और आगजनी की वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। क्षेत्रीय दुकानदार दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। हालात बेकाबू होने पर बढ़पुरा, पछायगांव, बलरई, वैदपुरा, सैफई, भरथना थाना का फोर्स, क्यूआरटी और पीएसी सहित एएसपी सर्वानंद यादव, एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ सैफई अरुण दीक्षित सहित स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अफसरों ने उग्र भीड़ को शांत करके उनसे बातचीत की कोशिश की, लेकिन लोगों ने हिरासत में लिए गए ताऊ को छोड़ने की बात पर अड्े रहे। काफी समझाने पर जब भीड़ नहीं मानी तो करीब सवा 11 बजे पुलिस ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी। हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज होते ही पब्लिक हाइवे से भाग खड़ी हुई।
मृतक के पिता अरविंद शाक्य ने कहा कि उनका भाई ऐसा नहीं कर सकता। उसे आरोपी युवक ने साजिश के तहत फंसाया है। वहीं एएसपी सर्वानंद यादव ने बताया कि बच्चे की हत्या में उसका ताऊ शामिल है। उसी ने हत्या की साजिश रची थी।
जांच में पुलिस को उसके खिलाफ अहम सुराग मिले हैं। हाइवे पर जाम लगाने वाले और पथराव, आगजनी करने वालों के खिलाफ 7 क्रिमिनल एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून आदि धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही उपद्रवियों को चिह्नित करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।