{"_id":"579cea8e4f1c1bdd4121e1e9","slug":"accused-in-murder-case-caught-after-11-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 साल बाद पकड़ा गया हत्यारोपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
11 साल बाद पकड़ा गया हत्यारोपी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
हत्या और लूट का आरोपी।
- फोटो : crime
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिविल लाइन थानाक्षेत्र अंतर्गत हाईवे पर 11 साल पहले गांव नगला वर्माजीत के पास चालक और क्लीनर की हत्या कर परचून भरे ट्रक को लूटने के मामले में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी आरोपी को पुलिस ने शनिवार को स्टेशन बजरिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में शामिल 6 आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
22 नवंबर 2005 को मलखान पुत्र चुन्ने सिंह निवासी सिंहौल थाना चांदहट फरीदाबाद ने सिविल लाइन थाने को सूचना दी थी कि अज्ञात लुटेरों ने उसके परचून भरे ट्रक को लूट लिया है। उन्हाेंने चालक राज भान पटेल पुत्र राम लोचन निवासी बिनौरा सतना और क्लीनर अजय पटेल पुत्र बड़ाई लाल निवासी पोड़ी थाना महेर जिला सतना की हत्या कर शव सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला वर्माजीत के पास फेंक दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन कर ट्रक और माल बरामद किया था।
विज्ञापन
पुलिस की विवेचना में जयपाल पुत्र परसादी जाट निवासी नगला हरकनाथाना इगलास अलीगढ़, अखिलेश यादव उर्फ आशुतोष उर्फ वकील पुत्र अजब सिंह निवासी जीटी रोड एटा, संजय चौधरी पुत्र राम बाबू निवासी गांधी नगर मथुरा, हरपाल पुत्र मोती ठाकुर निवासी बिड़ौरा शेरगढ़ मथुरा, रिषी पंडित पुत्र राम प्रकाश निवासी नसीटी जिला मथुरा, विनोद गुप्ता पुत्र रोशन लाल निवासी लोहिया नगर जलेसर रोड फिरोजाबाद और वीरेद्र पुत्र करन सिंह निवासी जुन्नसुटी थाना हाईवे मथुरा के नाम प्रकाश में आए थे। मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि वीरेंद्र फरार चल रहा था। पुलिस ने वीरेंद्र पर पांच हजार का इनाम घोषित किया था।
विज्ञापन
एसएसपी एन कोलांचि ने बताया कि उन्होंने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगाई थी। शनिवार को टीम को मुखबिर ने सूचना दी कि वीरेंद्र स्टेशन बजरिया के पास है। इस पर पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि घटना के बाद वह महाराष्ट्र भाग गया था। कुछ दिनों से वह वृंदावन में छिपा था। वह किसी काम से इटावा आया था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उन्होंने वीरेंद्र को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार नगद और प्रशस्ति पत्र दिया है।