{"_id":"5a71fa754f1c1b7e268b78a0","slug":"181517419125-etawah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेप में दो भाइयों को दस साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रेप में दो भाइयों को दस साल की सजा
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बकेवर। बिहार से दिल्ली जा रही महिला को ट्रेन से उतारकर अपने घर ले जाकर बंधक बनाकर रखने रेप करने के मामले में दो सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट उमेश चंद्र पांडेय ने दस-दस साल की सजा सुनाई। इसके अलावा बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा मिलेगी । मामला बकेवर थाना का वर्ष 2015 का है।
औरंगाबाद बिहार की रहने वाली महिला अपने पति से मिलने जा रही थी। उसका पति दिल्ली में रिक्शा चलाता है। तूफान एक्सप्रेस ट्रेन में बिहार के पावरगंज स्टेशन से बैठी। कानपुर में उसे लुधियानी बकेवर निवासी कालीशंकर मिल गया। खुद को भी दिल्ली में रहने वाला बताकर महिला को भरथना रेलवे स्टेशन पर उतार लिया। अपने गांव लुधियानी लेकर पहुंचा। कालीशंकर ने महिला को अपने घर लाकर अपने भाई वीरेंद्र को सौंप दिया था। इन लोगों ने महिला को दो माह से अधिक समय तक बंधक बना कर घर रखा। उसके साथ दो माह में कई बार बलात्कार किया था। 19 नवंबर 2015 को महिला शौच के बहाने किसी तरह घर से निकल कर बकेवर थाना पर पहुंची। पुलिस को सारी जानकारी द ेदी।
थाना पुलिस ने महिला के बताये बिहार के पते पर उसके ससुर शिवनंदन राम को सूचना भेजी जिस पर उसका ससुर आया था। महिला के प्रार्थना पत्र पर बकेवर थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। मामले की पैरवी बकेवर थाना के पैरोकार भरत सेंगर ने की। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता मुहम्मद जुबैर तैमूरी ने बहस की। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी भाइयों कालीशंकर व वीरेंद्र को दस दस साल सश्रम कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
- घर में बंधक बनाकर महिला से किया था रेप
विज्ञापन
औरंगाबाद बिहार की रहने वाली महिला अपने पति से मिलने जा रही थी। उसका पति दिल्ली में रिक्शा चलाता है। तूफान एक्सप्रेस ट्रेन में बिहार के पावरगंज स्टेशन से बैठी। कानपुर में उसे लुधियानी बकेवर निवासी कालीशंकर मिल गया। खुद को भी दिल्ली में रहने वाला बताकर महिला को भरथना रेलवे स्टेशन पर उतार लिया। अपने गांव लुधियानी लेकर पहुंचा। कालीशंकर ने महिला को अपने घर लाकर अपने भाई वीरेंद्र को सौंप दिया था। इन लोगों ने महिला को दो माह से अधिक समय तक बंधक बना कर घर रखा। उसके साथ दो माह में कई बार बलात्कार किया था। 19 नवंबर 2015 को महिला शौच के बहाने किसी तरह घर से निकल कर बकेवर थाना पर पहुंची। पुलिस को सारी जानकारी द ेदी।
विज्ञापन
थाना पुलिस ने महिला के बताये बिहार के पते पर उसके ससुर शिवनंदन राम को सूचना भेजी जिस पर उसका ससुर आया था। महिला के प्रार्थना पत्र पर बकेवर थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। मामले की पैरवी बकेवर थाना के पैरोकार भरत सेंगर ने की। मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता मुहम्मद जुबैर तैमूरी ने बहस की। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी भाइयों कालीशंकर व वीरेंद्र को दस दस साल सश्रम कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
- घर में बंधक बनाकर महिला से किया था रेप