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11 बीघा खेती के लालच में इकलौते बेटे ने मां का किया कत्ल
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ऊसराहार (इटावा)। थानाक्षेत्र के नगला गंगे गांव में 11 बीघे जमीन के लिए बेटे ने मां का कत्ल कर शव को जला दिया और अवशेष को गड्ढे में दबा दिया। बाद में मां की गुमशुदगी दर्ज करा दी। बहनों और ग्रामीणों ने शक जताया तो पुलिस ने कढ़ाई से पूछताछ की। इस पर युवक टूट गया और सच उगल दिया। सोमवार को पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। उसके एक साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
ऊसराहार थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नगला गंगे गांव में गत 28 नवंबर को 65 वर्षीया विद्यावती का गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पति तोताराम की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। विद्यावती की चार संतानों में शादीशुदा बेटा हरि नरायन व तीन बेटियां हैं। बेटियों की भी शादी हो चुकी है।
विद्यावती के लापता हो जाने की गुमशुदगी उसके बेटे हरि नरायन उर्फ हरीश ने गत 9 दिसंबर को दर्ज कराई थी। पुलिस खोजबीन में जुटी थी। बेटियों व गांववालों से पूछताछ में पता चला कि हरि नरायन खेती की जमीन को लेकर मां के साथ अक्सर मारपीट करता था। क्योंकि मां कह चुकी थी कि वह जमीन अपनी तीनों बेटियों के नाम कर देगी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने हरि नरायन से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि वह मां को गत 28 नवंबर को ही गला दबाकर मार चुका है। शव को खेत में ले जाकर लकड़ी के ढेर पर जला दिया। जले हुए अवशेषों को गड्ढे में दफन कर दिया। अगले दिन खेत में सफाई करने के बाद कूड़े करकट का ढेर इसी गड्ढे के ऊपर जमा कर दिया। ताकि किसी को भनक न लग सके।
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पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गड्ढे से जली हुईं उंगलियां आदि अवशेष बरामद किए हैं। फोरेंसिक टीम बुलाकर उन अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने हरि नरायन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गुमशुदगी को हत्या में तरमीम किया गया है। हिरासत में लिए गए आरोपी के साथी से पूछताछ की जा रही है।
एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि गत 9 दिसंबर को थाना में विद्यावती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बेटे ने ही मां की हत्या कर दी।
गांववालों को देता रहा था गोलमोल जवाब
मां विद्यावती की हत्या करने बाद हरि नरायन गांववालों को गोलमोल जवाब देता था। यह बात उसके चचेरे भाई शोभाराम ने बताई।
उन्होंने कहा कि विद्यावती के तीन पुत्रियां हैं। बड़ी बेटी माया देवी, मझली मुला देवी और सबसे छोटी कलावती है। तीनों की शादी हो चुकी है। हरि नरायन अपनी मां विद्यावती को गत 27 नवंबर को अपनी बहन के यहां से लेकर आया था। 28 नवंबर को विद्यावती गांव में एक शादी समारोह में शामिल भी हुई थी। उसके बाद से वह नजर नहीं आईं। गांव के लोग जब हरि नरायन से उनके बारे में पूछते तो वह गोलमोल जवाब देता था। इन्हीं जवाबों से बचने के लिए उसने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब उसे पकड़ा और पूछताछ की तो उसने सब कुछ कबूल दिया।
नहीं चाहिए जमीन, मां को तो न मारता
भाई की करतूत पर बहन कलावती रोती रही। गांव पहुंची कलावती ने बताया कि उसे भाई से ऐसी उम्मीद नहीं थी। खेती के लालच में उसने मां को ही मार दिया। बहन ने कहा कि उसे कोई खेती नहीं चाहिए। वह भले ही जमीन ले लेता, लेकिन मां को तो न मारता।
गांव में तरह-तरह की चर्चाओं से बेटे पर गया शक
विद्यावती के लापता होने पर पुलिस को गांव में कई तरह चर्चाएं सुनने को मिलीं। इस पर पुलिस ने बेटे हरि नरायन को बुलाकर पूछताछ भी की थी। पहली बार हरि नरायन बातें बनाकर पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच गया। लेकिन पुलिस का उस पर शक बना रहा। पुलिस उस पर नजर रखे रही। जानकारी जुटाने पर पुलिस को पता चला कि विद्यावती के पति तोताराम मरने से पूर्व कुल 22 बीघा जमीन में से 11 बीघा बेटे और इतनी ही पत्नी विद्यावती के नाम कर गए हैं। हरि नरायन मां के नाम जमीन अपने नाम करवाने का लगातार दबाव बना रहा था। आए दिन प्रताड़ना से बचने के लिए विद्यावती अपनी बेटियों के घर में जाकर रहने लगी थी। पुलिस को पता चला कि दो साल पूर्व हरि नरायन मां विद्यावती को करंट लगा चुका है। करीब चार महीने पूर्व बेटी के घर जाते वक्त उसने विद्यावती को बाइक से धक्का देकर गिरा दिया था। इन घटनाओं के सामने आने पर पुलिस का शक पुख्ता हुआ और उसने हरि नरायन से पूछताछ की। इसमें सारा सच सामने आ गया।
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ऊसराहार थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नगला गंगे गांव में गत 28 नवंबर को 65 वर्षीया विद्यावती का गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पति तोताराम की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। विद्यावती की चार संतानों में शादीशुदा बेटा हरि नरायन व तीन बेटियां हैं। बेटियों की भी शादी हो चुकी है।
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विद्यावती के लापता हो जाने की गुमशुदगी उसके बेटे हरि नरायन उर्फ हरीश ने गत 9 दिसंबर को दर्ज कराई थी। पुलिस खोजबीन में जुटी थी। बेटियों व गांववालों से पूछताछ में पता चला कि हरि नरायन खेती की जमीन को लेकर मां के साथ अक्सर मारपीट करता था। क्योंकि मां कह चुकी थी कि वह जमीन अपनी तीनों बेटियों के नाम कर देगी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने हरि नरायन से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि वह मां को गत 28 नवंबर को ही गला दबाकर मार चुका है। शव को खेत में ले जाकर लकड़ी के ढेर पर जला दिया। जले हुए अवशेषों को गड्ढे में दफन कर दिया। अगले दिन खेत में सफाई करने के बाद कूड़े करकट का ढेर इसी गड्ढे के ऊपर जमा कर दिया। ताकि किसी को भनक न लग सके।
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पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गड्ढे से जली हुईं उंगलियां आदि अवशेष बरामद किए हैं। फोरेंसिक टीम बुलाकर उन अवशेषों को जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने हरि नरायन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गुमशुदगी को हत्या में तरमीम किया गया है। हिरासत में लिए गए आरोपी के साथी से पूछताछ की जा रही है।
एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताया कि गत 9 दिसंबर को थाना में विद्यावती की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बेटे ने ही मां की हत्या कर दी।
गांववालों को देता रहा था गोलमोल जवाब
मां विद्यावती की हत्या करने बाद हरि नरायन गांववालों को गोलमोल जवाब देता था। यह बात उसके चचेरे भाई शोभाराम ने बताई।
उन्होंने कहा कि विद्यावती के तीन पुत्रियां हैं। बड़ी बेटी माया देवी, मझली मुला देवी और सबसे छोटी कलावती है। तीनों की शादी हो चुकी है। हरि नरायन अपनी मां विद्यावती को गत 27 नवंबर को अपनी बहन के यहां से लेकर आया था। 28 नवंबर को विद्यावती गांव में एक शादी समारोह में शामिल भी हुई थी। उसके बाद से वह नजर नहीं आईं। गांव के लोग जब हरि नरायन से उनके बारे में पूछते तो वह गोलमोल जवाब देता था। इन्हीं जवाबों से बचने के लिए उसने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब उसे पकड़ा और पूछताछ की तो उसने सब कुछ कबूल दिया।
नहीं चाहिए जमीन, मां को तो न मारता
भाई की करतूत पर बहन कलावती रोती रही। गांव पहुंची कलावती ने बताया कि उसे भाई से ऐसी उम्मीद नहीं थी। खेती के लालच में उसने मां को ही मार दिया। बहन ने कहा कि उसे कोई खेती नहीं चाहिए। वह भले ही जमीन ले लेता, लेकिन मां को तो न मारता।
गांव में तरह-तरह की चर्चाओं से बेटे पर गया शक
विद्यावती के लापता होने पर पुलिस को गांव में कई तरह चर्चाएं सुनने को मिलीं। इस पर पुलिस ने बेटे हरि नरायन को बुलाकर पूछताछ भी की थी। पहली बार हरि नरायन बातें बनाकर पुलिस के हत्थे चढ़ने से बच गया। लेकिन पुलिस का उस पर शक बना रहा। पुलिस उस पर नजर रखे रही। जानकारी जुटाने पर पुलिस को पता चला कि विद्यावती के पति तोताराम मरने से पूर्व कुल 22 बीघा जमीन में से 11 बीघा बेटे और इतनी ही पत्नी विद्यावती के नाम कर गए हैं। हरि नरायन मां के नाम जमीन अपने नाम करवाने का लगातार दबाव बना रहा था। आए दिन प्रताड़ना से बचने के लिए विद्यावती अपनी बेटियों के घर में जाकर रहने लगी थी। पुलिस को पता चला कि दो साल पूर्व हरि नरायन मां विद्यावती को करंट लगा चुका है। करीब चार महीने पूर्व बेटी के घर जाते वक्त उसने विद्यावती को बाइक से धक्का देकर गिरा दिया था। इन घटनाओं के सामने आने पर पुलिस का शक पुख्ता हुआ और उसने हरि नरायन से पूछताछ की। इसमें सारा सच सामने आ गया।