{"_id":"5da760448ebc3e93af0f6352","slug":"crime-etawha-news-knp520163998","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजात की मौत पर निजी अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़
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इटावा। शहर के एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत पर मंगलवार रात को परिजनों ने हंगामा कर दिया। डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही बरतने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ कर दी। स्टाफ ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देने की बात की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सिविल लाइन थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
लखनऊ के दुबग्गा पक्काबाग निवासी राहुल गुप्ता की इटावा के नुमाइश चौराहा स्थल पर ससुराल है। राहुल लखनऊ में ही प्राइमरी स्कूल के अध्यापक हैं। 25 वर्षीया उनकी पत्नी शोभा गुप्ता गर्भवती थी। करीब एक महीने से वह नुमाइश चौराहा स्थित पिता विनोद गुप्ता के घर रह रही थी।
पिता जिला अस्पताल के समक्ष ही जनरल स्टोर की दुकान किए हैं। प्रसव में सहूलियत को लेकर पुत्री को इटावा बुला लिया था। प्रसव पीड़ा होने पर शोभा को मायका पक्ष के लोग गत रविवार को भरथना रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। जहां शोभा ने अपनी पहली संतान के रूप में पुत्र को जन्म दिया।
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नवजात को सांस लेने में तकलीफ होने पर रविवार शाम को परिजन उसे लेकर ड्रीमलैंड स्थित एक अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे। रविवार व सोमवार इलाज के बाद मंगलवार शाम को नवजात की हालत बिगड़ी और रात करीब दस बजे उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत पर परिजनों ने हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर यूपी 100 मौके पर पहुंच गई। रोते बिलखते परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान हॉस्पिटल स्टाफ ने उनसे अभद्रता कर दी। इस पर गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। पुलिस ने हॉस्पिटल के काउंटर पर मौजूद एक युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया।
इसी बीच सिविल लाइन थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाते हुए डाक्टर से पूछताछ की। देर रात परिजन थाने पहुंचे और प्रसूता शोभा के पिता विनोद कुमार गुप्ता ने हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ तहरीर दी।
पिता विनोद ने बताया कि उनकी पुत्री मायके में ही रह रही है। गत रविवार को उसने एक अन्य हॉस्पिटल में पुत्र को जन्म दिया था। बच्चे की तबीयत सही न होने पर उसे स्टेशन बजरिया के पास स्थित ड्रीमलैंड कालोनी में संचालित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाक्टर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां डाक्टर 48 घंटे तक हालत में सुधार बताते रहे। लेकिन सोमवार की देर शाम उसे वेंटीलेटर पर ले गए और कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने उन्हें सिर्फ गुमराह किया। इलाज के नाम पर लापरवाही की गई। इससे मासूम की मौत हो गई। उधर, हॉस्पिटल संचालक ने भी तोड़फोड़ करने व हॉस्पिटल की इमेज खराब करने को लेकर पुलिस को तहरीर दी। संचालक ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से सलाह मशविरा करके अगला निर्णय लेंगे।
इस संबंध में सिविल लाइन थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि नवजात की मौत पर हंगामे की सूचना मिली थी। हॉस्पिटल संचालक पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया था। बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि कोई तहरीर थाने में नहीं दी गई है। हिरासत में लिए गए युवक को रिहा कर दिया है।
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लखनऊ के दुबग्गा पक्काबाग निवासी राहुल गुप्ता की इटावा के नुमाइश चौराहा स्थल पर ससुराल है। राहुल लखनऊ में ही प्राइमरी स्कूल के अध्यापक हैं। 25 वर्षीया उनकी पत्नी शोभा गुप्ता गर्भवती थी। करीब एक महीने से वह नुमाइश चौराहा स्थित पिता विनोद गुप्ता के घर रह रही थी।
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पिता जिला अस्पताल के समक्ष ही जनरल स्टोर की दुकान किए हैं। प्रसव में सहूलियत को लेकर पुत्री को इटावा बुला लिया था। प्रसव पीड़ा होने पर शोभा को मायका पक्ष के लोग गत रविवार को भरथना रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए। जहां शोभा ने अपनी पहली संतान के रूप में पुत्र को जन्म दिया।
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नवजात को सांस लेने में तकलीफ होने पर रविवार शाम को परिजन उसे लेकर ड्रीमलैंड स्थित एक अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे। रविवार व सोमवार इलाज के बाद मंगलवार शाम को नवजात की हालत बिगड़ी और रात करीब दस बजे उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत पर परिजनों ने हॉस्पिटल के डॉक्टर व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर यूपी 100 मौके पर पहुंच गई। रोते बिलखते परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान हॉस्पिटल स्टाफ ने उनसे अभद्रता कर दी। इस पर गुस्साए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। पुलिस ने हॉस्पिटल के काउंटर पर मौजूद एक युवक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया।
इसी बीच सिविल लाइन थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाते हुए डाक्टर से पूछताछ की। देर रात परिजन थाने पहुंचे और प्रसूता शोभा के पिता विनोद कुमार गुप्ता ने हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ तहरीर दी।
पिता विनोद ने बताया कि उनकी पुत्री मायके में ही रह रही है। गत रविवार को उसने एक अन्य हॉस्पिटल में पुत्र को जन्म दिया था। बच्चे की तबीयत सही न होने पर उसे स्टेशन बजरिया के पास स्थित ड्रीमलैंड कालोनी में संचालित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाक्टर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां डाक्टर 48 घंटे तक हालत में सुधार बताते रहे। लेकिन सोमवार की देर शाम उसे वेंटीलेटर पर ले गए और कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने उन्हें सिर्फ गुमराह किया। इलाज के नाम पर लापरवाही की गई। इससे मासूम की मौत हो गई। उधर, हॉस्पिटल संचालक ने भी तोड़फोड़ करने व हॉस्पिटल की इमेज खराब करने को लेकर पुलिस को तहरीर दी। संचालक ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से सलाह मशविरा करके अगला निर्णय लेंगे।
इस संबंध में सिविल लाइन थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता ने बताया कि नवजात की मौत पर हंगामे की सूचना मिली थी। हॉस्पिटल संचालक पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया था। बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि कोई तहरीर थाने में नहीं दी गई है। हिरासत में लिए गए युवक को रिहा कर दिया है।