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विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ दफन हो गई फरार साथियों की पहचान
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इटावा। कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही इटावा में मारे गए उसके साथी प्रवीण दुबे उर्फ बऊआ के फरार सहयोगियों की पहचान भी दफन हो गई। मुठभेड़ से पहले बदमाशों ने झारखंड निवासी युवकों की गाड़ी के साथ तो मोबाइल फोन लूटे थे वह पुलिस ने बरामद कर लिए, लेकिन लूटने वालों का पता नहीं लगा। इसे लेकर पुलिस की भूमिका पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
इटावा पुलिस ने गुरुवार भोर में विकास दुबे के करीबी प्रवीण उर्फ बऊआ को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के मुताबिक बऊआ चार साथियों के साथ स्कॉर्पियो से औरैया की ओर से आ रहा था।
अजीतमल के आगे श्यामा ढाबे के पास दिल्ली जा रहे झारखंड निवासी गणेश साब की स्विफ्ट डिजायर कार लूट ली थी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की। कचौरा घाट रोड पर लोहन्ना चौराहे के पास पुलिस से मुठभेड़ भी हो गई। इसमें स्विफ्ट लेकर भाग रहा बऊआ मारा गया, लेकिन उसके स्कॉर्पियो सवार तीन साथी भागने में कामयाब हो गए। विकास के गिरफ्त में आने से उम्मीद थी कि फरार साथियों के नाम उससे उगलवाए जाएंगे। लेकिन, शुक्रवार को उसके एनकाउंटर के साथ ही फरार बदमाशों की पहचान का यह रास्ता बंद हो गया।
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बदमाशों ने गणेश और गाड़ी में सवार उनके परिजनों के कपड़ों से भरे दो बैग, दो पर्स और चार मोबाइल फोन लूटे थे। बऊआ को धराशायी करने के बाद पुलिस लूटी गई कार कब्जे में लेकर थाने गई। कार से दोनों बैग और पर्स सुरक्षित बरामद किया गया, लेकिन चार मोबाइल फोन का पता नहीं चला। आशंका जताई गई कि लूटे गए फोन फरार बदमाशों के पास हैं। इससे पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। लेकिन शुक्रवार को गणेश ने सिविल थाने में संपर्क किया तो उसे बताया गया कि चारों फोन भी बरामद हो गए हैं। गणेश ने बताया कि पुलिस के कहने पर उसने गाड़ी और फोन रिलीज करने के लिए वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी है।
गणेश का कहना है कि गुरुवार रात से उसने बकेवर और सिविल लाइन थाने के दर्जनों चक्कर लगाए। पुलिसवाले कोई साफ जानकारी देने की बजाय घंटों बैठाने के बाद टाल रहे थे। शुक्रवार दोपहर बाद उसे सही जानकारी दी गई तब दूसरी गाड़ी मंगवाकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ। सवाल उठ रहा है कि अगर लूटे गए फोन बरामद हो गए तो लूट करने वाले बऊआ के साथियों का सुराग क्यों नहीं लगा। एसपी सिटी रामयश का कहना है कि गाड़ी में बैग और पर्स मिला था। फोन बरामद करने वाली टीम से जानकारी नहीं मिल पाई। इस बारे में सिविल थाने से जानकारी मंगवाई गई है।
एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह का कहना है कि बऊआ के फरार साथियों की तलाश में बीहड़ सहित जिले के अन्य इलाकों में कांबिंग की जा रही है। कानपुर कांड में लूटी गई पुलिस की इंसास रायफल और एके-47 अभी तक बरामद नहीं हुई है। बदमाशों के साथ गायब हथियारों की तलाश करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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इटावा पुलिस ने गुरुवार भोर में विकास दुबे के करीबी प्रवीण उर्फ बऊआ को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस के मुताबिक बऊआ चार साथियों के साथ स्कॉर्पियो से औरैया की ओर से आ रहा था।
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अजीतमल के आगे श्यामा ढाबे के पास दिल्ली जा रहे झारखंड निवासी गणेश साब की स्विफ्ट डिजायर कार लूट ली थी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की। कचौरा घाट रोड पर लोहन्ना चौराहे के पास पुलिस से मुठभेड़ भी हो गई। इसमें स्विफ्ट लेकर भाग रहा बऊआ मारा गया, लेकिन उसके स्कॉर्पियो सवार तीन साथी भागने में कामयाब हो गए। विकास के गिरफ्त में आने से उम्मीद थी कि फरार साथियों के नाम उससे उगलवाए जाएंगे। लेकिन, शुक्रवार को उसके एनकाउंटर के साथ ही फरार बदमाशों की पहचान का यह रास्ता बंद हो गया।
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बदमाशों ने गणेश और गाड़ी में सवार उनके परिजनों के कपड़ों से भरे दो बैग, दो पर्स और चार मोबाइल फोन लूटे थे। बऊआ को धराशायी करने के बाद पुलिस लूटी गई कार कब्जे में लेकर थाने गई। कार से दोनों बैग और पर्स सुरक्षित बरामद किया गया, लेकिन चार मोबाइल फोन का पता नहीं चला। आशंका जताई गई कि लूटे गए फोन फरार बदमाशों के पास हैं। इससे पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। लेकिन शुक्रवार को गणेश ने सिविल थाने में संपर्क किया तो उसे बताया गया कि चारों फोन भी बरामद हो गए हैं। गणेश ने बताया कि पुलिस के कहने पर उसने गाड़ी और फोन रिलीज करने के लिए वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी है।
गणेश का कहना है कि गुरुवार रात से उसने बकेवर और सिविल लाइन थाने के दर्जनों चक्कर लगाए। पुलिसवाले कोई साफ जानकारी देने की बजाय घंटों बैठाने के बाद टाल रहे थे। शुक्रवार दोपहर बाद उसे सही जानकारी दी गई तब दूसरी गाड़ी मंगवाकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ। सवाल उठ रहा है कि अगर लूटे गए फोन बरामद हो गए तो लूट करने वाले बऊआ के साथियों का सुराग क्यों नहीं लगा। एसपी सिटी रामयश का कहना है कि गाड़ी में बैग और पर्स मिला था। फोन बरामद करने वाली टीम से जानकारी नहीं मिल पाई। इस बारे में सिविल थाने से जानकारी मंगवाई गई है।
एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह का कहना है कि बऊआ के फरार साथियों की तलाश में बीहड़ सहित जिले के अन्य इलाकों में कांबिंग की जा रही है। कानपुर कांड में लूटी गई पुलिस की इंसास रायफल और एके-47 अभी तक बरामद नहीं हुई है। बदमाशों के साथ गायब हथियारों की तलाश करने का भी प्रयास किया जा रहा है।