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बिना मास्क-किट के डाक्टर कर रहे थर्मल स्क्रीनिंग
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इटावा। जिला अस्पताल में समस्त ओपीडी बंद है लेकिन खांसी, जुकाम, बुखार की ओपीडी आयुष विभाग में चल रही है। शनिवार को 286 मरीज आए। इनमें महिलाएं, बच्चे, युवा शामिल रहे। अंदर आने वाले मरीजों के बारे में विशेष एहतियात बरती जा रही है। डाक्टर और सहायक किट और दस्ताने पहनकर काम कर रहे हैं। लेकिन फार्मासिस्ट प्रमोद शर्मा जो मरीजों की थर्मल स्कैनर से जांच कर रहे हैं वह केवल ग्लब्स पहनकर काम कर रहे हैं। मास्क के नाम पर नाक और मुंह पर अंगौछा बांधे रहते हैं।
डा.सोनाली विश्वास एंव डा.रिचा चौधरी ने खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को देखा। मरीज दवाएं लेकर गए। दोनों ही डाक्टर मरीजों से करीब एक मीटर की दूरी से बात कर उनसे बीमारी के बारे के अलावा किसी अन्य शहर से आने तथा कब आए के बारे में पूछ रहीं हैं। नाम-पता के साथ मोबाइल नंबर लिखा जा रहा है। बाहर से आने वाले मरीजों को 14 दिन घर में ही रहने और किसी से न मिलने की सलाह भी दी जा रही है। डा.सोनाली विश्वास ने बताया कि मरीजों को कोरोना वायरस को लेकर क्या सावधानी बरतनी है, इस बारे में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही उन्हें घरों से बाहर न निकलने और कोई भी काम करने के बाद हाथ को साबुन से धोने के बारे में जागरूक कर रहे हैं। रोजाना ही बाहर से कई मरीज आ जाते हैं, जिन्हें ज्यादा सावधानी बरतने के बारे में बताना पड़ता है।
जिला अस्पताल में मास्क के अलावा सैनिटाइजर की भी कमी है। अस्पताल में सैनिटाइजर और एन95 मास्क और ग्लब्स कम पड़ गए हैं। सीएमएस डा.एसएस भदौरिया ने बताया कि अभी उनके पास जितना सामान है उससे दो या तीन दिन और काम चल सकता है। बताया सामान जिला अस्पताल को सीधे नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के पास 204 मास्क, 38 पीटीई किट, एन 95 मास्क, 5-5 लीटर के चार केन सैनिटाइजर, 2406 ग्लब्स ही बचे हैं। सीएमओ ने बताया है कि एक दो आर्डर का माल आ चुका है। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। काम में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। पैरामेडिकल स्टाफ को सभी जरूरी सामान उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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डा.सोनाली विश्वास एंव डा.रिचा चौधरी ने खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों को देखा। मरीज दवाएं लेकर गए। दोनों ही डाक्टर मरीजों से करीब एक मीटर की दूरी से बात कर उनसे बीमारी के बारे के अलावा किसी अन्य शहर से आने तथा कब आए के बारे में पूछ रहीं हैं। नाम-पता के साथ मोबाइल नंबर लिखा जा रहा है। बाहर से आने वाले मरीजों को 14 दिन घर में ही रहने और किसी से न मिलने की सलाह भी दी जा रही है। डा.सोनाली विश्वास ने बताया कि मरीजों को कोरोना वायरस को लेकर क्या सावधानी बरतनी है, इस बारे में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही उन्हें घरों से बाहर न निकलने और कोई भी काम करने के बाद हाथ को साबुन से धोने के बारे में जागरूक कर रहे हैं। रोजाना ही बाहर से कई मरीज आ जाते हैं, जिन्हें ज्यादा सावधानी बरतने के बारे में बताना पड़ता है।
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जिला अस्पताल में मास्क के अलावा सैनिटाइजर की भी कमी है। अस्पताल में सैनिटाइजर और एन95 मास्क और ग्लब्स कम पड़ गए हैं। सीएमएस डा.एसएस भदौरिया ने बताया कि अभी उनके पास जितना सामान है उससे दो या तीन दिन और काम चल सकता है। बताया सामान जिला अस्पताल को सीधे नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के पास 204 मास्क, 38 पीटीई किट, एन 95 मास्क, 5-5 लीटर के चार केन सैनिटाइजर, 2406 ग्लब्स ही बचे हैं। सीएमओ ने बताया है कि एक दो आर्डर का माल आ चुका है। जरूरत पड़ने पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। काम में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी। पैरामेडिकल स्टाफ को सभी जरूरी सामान उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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