इटावा। आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया की जयंती पर मंगलवार को उनके समाधि स्थल पर कार्यक्रम किया गया। प्रशासन की ओर से समाधि स्थल के पास सफाई भी नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने पहले सफाई की फिर कमांडर को पुष्पांजलि अर्पित की।
चंबल फाउंडेशन प्रमुख क्रांतिकारी लेखक शाह आलम राना की अगुवाई में बसरेहर के लुहिया गांव में कार्यक्रम किया गया। राना ने कहा कि कमांडर ने रूस की तर्ज पर लाल सेना बनाई थी। उनकी लाल सेना ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। कमांडर के पौत्र सिद्धार्थ भदौरिया और चंद्रोदय सिंह ने कहा कि वह लगभग 52 बार जेल गए। आजादी के बाद 1957, 1962 और 1977 में इटावा से तीन बार लोकसभा के सदस्य चुने गए। हरीराम जाटव की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मोहित यादव, चंद्रवीर सिंह, मनोज चौहान, प्रेम चंद्र बाथम मौजूद रहे। संचालन डॉ. कमल कुमार कुशवाहा ने किया।