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अवैध रूप से रह रहे 84 बेदखल

Wed, 11 Mar 2015 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Wed, 11 Mar 2015 10:51 PM IST
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Colony 84 living illegally evicted .

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नगर में दो चरणों में 2028 कांशीराम आवास बनाए गए थे। पहले चरण में पुलिस अस्पताल के समीप 224, टीवी अस्पताल के पीछे 812 और राहतपुरा में 464 आवास बनाए गए। दूसरे चरण में एआरटीओ दफ्तर के पास 528 आवास बनाए गए। इन आवासों को जहां सत्यापन के बाद पात्र लोगों को आवंटित किया गया वहीं कई आवंटियों ने अपने आवास किराए पर उठा दिए। कुछ आवास आवंटित नहीं हुए थे, उनमें लोग अनाधिकृत रूप से रहने लगे।

जबकि कांशीराम आवास के लिए जिन्होंने आवेदन किया था वह आज भी कचहरी में लोकल बॉडी क्लर्क और डूडा दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उनके आवेदन आज भी लंबित पड़े हैं। इनकी संख्या करीब एक हजार के आसपास है। डीएम नितिन बंसल ने पीओ डूडा मिथलेश अवस्थी को इन अवैध रूप से रहने वाले लोगों को चिह्नित करने और उनको बाहर कर विभाग का ताला डालने के निर्देश दिए।

इसी निर्देश के तहत डूडा ने सबसे पहले एआरटीओ दफ्तर के पास बने 528 आवासों का सत्यापन किया जिसमें 84 आवासों में गैर आवंटी लोग रहते हुए मिले। इस पर डूडा की टीम ने गत मंगलवार को पुलिस बल के साथ उक्त कांशीराम कालोनी में जाकर इन अवैध रूप से बसे लोगों को बाहर निकलने का फरमान सुनाया। थाना पुलिस ने भी उन्हें अपने अंदाज में हड़काया। इन लोगों को तत्काल आवास खाली करने को कहा गया। डूडा का आवास खाली कराओ अभियान बुधवार को भी जारी रहा।

उधर इस कार्रवाई से  अवैध रूप से रहने वालों में खलबली मची हुई है। उनका कहना रहा कि वह भले ही आवंटी नहीं हैं लेकिन गरीब हैं और इसकी जांच कराई जा सकती है। पीओ डूडा मिथलेश अवस्थी ने बताया कि लंबित आवेदनकर्ताओं का सत्यापन कराया जाएगा। जो पात्र होेंगे उन्हें नियमानुसार आवास मुहैया कराए जाएंगे। वर्तमान में जो रह रहा है। यदि उसने पूर्व में आवेदन किया हुआ है और वह पात्रता की श्रेणी में आता है तो उसके विषय में भी विचार किया जाएगा।

आवंटन किया जाएगा निरस्त
कालोनी में 84 आवासों पर अवैध कब्जा होना पाया गया है लेकिन विभाग अभी तक सिर्फ 4 आवासों को ही अपने कब्जे में ले पाया है। यह चार आवास भी अवैध कब्जेदारों ने स्वेच्छा से खाली किए हैं। वैसे इन 84 आवासों में 33 आवासों का आवंटन ही नहीं हुआ है, जबकि शेष 51 आवास जिन्हें आवंटित हुए हैं। उन्होंने इसे किराए पर उठा रखा है। डूडा ऐसे आवंटियों का आवंटन निरस्त करने जा रहा है। पीओ डूडा मिथलेश अवस्थी का कहना है कि अभी लोगों ने कब्जा छोड़ना शुरू नहीं किया है। वह वस्तुस्थिति से डीएम को अवगत कराएंगी। जो लोग अल्टीमेटम के बाद भी बाहर नहीं निकलेंगे उनसे बलपूर्वक आवास खाली कराया जाएगा। नियम के विरुद्ध आवास में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

अब दूसरी कालोनियों पर निशाना
बाद डूडा की नजर शहर की शेष तीन अन्य कालोनियां पर है जिसमें डेढ़ हजार आवास बने हैं और काफी संख्या में अवैध रूप से लोग रह रहे हैं। इन कालोनियों में अराजकतत्वों का डेरा होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। पीओ डूडा ने बताया कि 15 दिन के अंदर इन कालोनियों का सत्यापन पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद अवैध रूप से रहने वालों को बाहर निकालने की कार्रवाई होगी।
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