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Etawah News: बेसमेंट में चल रहे क्लीनिक और बाजार
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इटावा। लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने भले ही बेसमेंट में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने का आदेश दिया हो, लेकिन जिले में यह आदेश अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। शहर की घनी बस्ती से लेकर बाहरी क्षेत्रों तक सैकड़ों बेसमेंट में क्लीनिक, बाजार, शोरूम और रेस्टोरेंट चल रहे हैं। प्रशासन अब इन सभी बेसमेंट को चिह्नित कर नोटिस देने की तैयारी कर रहा है।
लखनऊ की एक इमारत में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद अब शासन ने मानक के अनुरूप नहीं बने भवनों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में गुरुवार को शहर के प्रमुख बाजारों में संचालित शोरूमों में सामान्य आवाजाही नजर आई। वहीं, बेसमेंटों में संचालित झोलाछापों के क्लीनिक, रेस्टोरेंट आदि भी खुलेआम संचालित होते रहे। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि सभी को नोटिस जारी करके जल्द ही गतिविधियां रोकी जाएंगी।
शहर के नौरंगाबाद चौराहे से लेकर नगर पालिका चौराहे तक के मुख्य बाजार में ही जगह-जगह जूते, साड़ी, घड़ी, काॅस्मेटिक सामान, कपड़ों के शोरूम हैं। तिकोनिया तिराहे पर ही सुपर मार्केट, सपना मार्केट समेत कई मार्केट हैं। सुपर मार्केट के ही बेसमेंट में ही अकेले 15-20 दुकानें हैं। इनमें रोजाना एक हजार लोगों की आवाजाही रहती है। 50-100 लोग हमेशा बने रहते हैं। इस बाजार के बेसमेंट में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है। पीछे से कोई भी दरवाजा या खिड़की नहीं है। यही हाल अन्य बाजारों का भी है। इस बाजार में प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। यदि यहां कोई हादसा होता है तो हजारों लोगों की जान खतरे में आ सकती है।
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शहर के मुख्य चौराहे शास्त्री चौराहे पर ही स्थित मॉल में बेसमेंट में दुकानें खुली हैं। इसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ईदगाह रोड पर डाकखाने के पास एक रेस्टोरेंट भी बेसमेंट में बना हुआ है। इन दोनों स्थानों पर भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।
कोई भी व्यावसायिक भवन बनवाने से पहले उसका नक्शा विनियमित क्षेत्र के जेई से पास कराने का नियम है। यह प्रक्रिया होने के बाद उक्त भवन सभी मानकों को पूरा करने वाला माना जाता है, लेकिन मनमानी से भवनों का निर्माण कराने के लिए चलते अधिकांश लोग यहां नक्शे पास ही नहीं कराते हैं। एक साल में ही पूरे जिले में सैकड़ों व्यावसायिक भवन बन रहे हैं। जेई रोहन ने बताया कि छह माह में 350 आवेदन आए हैं। इनमें जो मानकों के हिसाब से सही थे, उनके नक्शे पास किए गए थे।
बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों वाले स्थान को चिन्हित कराया जा रहा है। बिना मानक के चल रहे संस्थानों को नोटिस भिजवाया जाएगा। शासन की मंशा के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम
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लखनऊ की एक इमारत में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद अब शासन ने मानक के अनुरूप नहीं बने भवनों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में गुरुवार को शहर के प्रमुख बाजारों में संचालित शोरूमों में सामान्य आवाजाही नजर आई। वहीं, बेसमेंटों में संचालित झोलाछापों के क्लीनिक, रेस्टोरेंट आदि भी खुलेआम संचालित होते रहे। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि सभी को नोटिस जारी करके जल्द ही गतिविधियां रोकी जाएंगी।
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शहर के नौरंगाबाद चौराहे से लेकर नगर पालिका चौराहे तक के मुख्य बाजार में ही जगह-जगह जूते, साड़ी, घड़ी, काॅस्मेटिक सामान, कपड़ों के शोरूम हैं। तिकोनिया तिराहे पर ही सुपर मार्केट, सपना मार्केट समेत कई मार्केट हैं। सुपर मार्केट के ही बेसमेंट में ही अकेले 15-20 दुकानें हैं। इनमें रोजाना एक हजार लोगों की आवाजाही रहती है। 50-100 लोग हमेशा बने रहते हैं। इस बाजार के बेसमेंट में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है। पीछे से कोई भी दरवाजा या खिड़की नहीं है। यही हाल अन्य बाजारों का भी है। इस बाजार में प्रतिदिन हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। यदि यहां कोई हादसा होता है तो हजारों लोगों की जान खतरे में आ सकती है।
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शहर के मुख्य चौराहे शास्त्री चौराहे पर ही स्थित मॉल में बेसमेंट में दुकानें खुली हैं। इसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ईदगाह रोड पर डाकखाने के पास एक रेस्टोरेंट भी बेसमेंट में बना हुआ है। इन दोनों स्थानों पर भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।
कोई भी व्यावसायिक भवन बनवाने से पहले उसका नक्शा विनियमित क्षेत्र के जेई से पास कराने का नियम है। यह प्रक्रिया होने के बाद उक्त भवन सभी मानकों को पूरा करने वाला माना जाता है, लेकिन मनमानी से भवनों का निर्माण कराने के लिए चलते अधिकांश लोग यहां नक्शे पास ही नहीं कराते हैं। एक साल में ही पूरे जिले में सैकड़ों व्यावसायिक भवन बन रहे हैं। जेई रोहन ने बताया कि छह माह में 350 आवेदन आए हैं। इनमें जो मानकों के हिसाब से सही थे, उनके नक्शे पास किए गए थे।
बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों वाले स्थान को चिन्हित कराया जा रहा है। बिना मानक के चल रहे संस्थानों को नोटिस भिजवाया जाएगा। शासन की मंशा के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम