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नगला भगवंत में जलभराव ने बढ़ा दी ग्रामीणों की दिक्कतें
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जसवंतनगर। कस्बे के नगला भगवंत के लोग जलभराव से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। शिकायतों के बाद भी अफसरों ने कुछ नहीं किया। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत खेड़ा बुजुर्ग के गांव नगला भगवंत में जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के तहत सीसी मार्गों का निर्माण कराया गया था। सीसी निर्माण कराते समय नाले के पूरे हिस्से को नहीं बनवाने से जलभराव की समस्या सामने आई। गांव की अधिकतर गलियां गंदे पानी तथा कचरे से पटी पड़ी हुई हैं। इसके कारण ग्रामीण खासे परेशान हैं। वहीं गलियों मे लगातार गंदे पानी भरे होने से डेंगू जैसी जानलेवा घातक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता चला जा रहा है। गांव में एक दो मकान जलभराव के कारण कभी भी धराशायी हो सकते हैं। गलियों में गंदा पानी भरने से छात्र छात्राओं को स्कूल जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अभिभावक बच्चों को गांव के बाहर यूनिफार्म पहुंचाते हैं।
स्कूल बैग साइकिल पंगडंडियों से निकालकर बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है। जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बीती 1 तथा 3 जुलाई को शिकायत शासन तथा जिले के उच्च अधिकारियों से की। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बीते 5 नवंवर को जसवंतनगर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भी ग्रामीणों ने शिकायत की। जिसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने बीडीओ को समस्या के निस्तारण के आदेश दिए। यही नहीं इसके बाद भी डीएम तथा सीडीओ ने कई बार ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को फोन पर जलभराव की समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। आजतक समस्या का निदान नहीं कराया गया। इस कारण ग्रामीण खासे परेशान है तथा गांव से पलायन के लिए मजबूर हैं।
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ग्राम पंचायत खेड़ा बुजुर्ग के गांव नगला भगवंत में जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के तहत सीसी मार्गों का निर्माण कराया गया था। सीसी निर्माण कराते समय नाले के पूरे हिस्से को नहीं बनवाने से जलभराव की समस्या सामने आई। गांव की अधिकतर गलियां गंदे पानी तथा कचरे से पटी पड़ी हुई हैं। इसके कारण ग्रामीण खासे परेशान हैं। वहीं गलियों मे लगातार गंदे पानी भरे होने से डेंगू जैसी जानलेवा घातक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता चला जा रहा है। गांव में एक दो मकान जलभराव के कारण कभी भी धराशायी हो सकते हैं। गलियों में गंदा पानी भरने से छात्र छात्राओं को स्कूल जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अभिभावक बच्चों को गांव के बाहर यूनिफार्म पहुंचाते हैं।
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स्कूल बैग साइकिल पंगडंडियों से निकालकर बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है। जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बीती 1 तथा 3 जुलाई को शिकायत शासन तथा जिले के उच्च अधिकारियों से की। इसके बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। बीते 5 नवंवर को जसवंतनगर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भी ग्रामीणों ने शिकायत की। जिसका संज्ञान लेते हुए डीएम ने बीडीओ को समस्या के निस्तारण के आदेश दिए। यही नहीं इसके बाद भी डीएम तथा सीडीओ ने कई बार ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को फोन पर जलभराव की समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। आजतक समस्या का निदान नहीं कराया गया। इस कारण ग्रामीण खासे परेशान है तथा गांव से पलायन के लिए मजबूर हैं।
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