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17 देशों के बच्चों ने भाषाई और सांस्कृतिक एकता की छटा बिखेरी
अमर उजाला ब्यूरो, इटावा
Updated Mon, 09 May 2016 12:51 AM IST
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राजस्थान का कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत करती पदमश्री गुलाबो ग्रुप के कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 17 देशों के बाल कलाकारों के कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से भाषाई और सांस्कृतिक एकता को मजबूती मिलती है।
मुख्यमंत्री सैफई में रिम्स के इंडोर स्टेडियम में रविवार को राज्य संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भाषाई एवं सांस्कृतिक महोत्सव में बतौर मुख्यमंत्री बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री दुनियां के 17 देशों से आए 110 बाल कलाकारों के कार्यक्रम में अपने बेटे अर्जुन और बेटी टीना के साथ शामिल हुए और पूरी शिद्दत के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
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समारोह में दुनियां की विभिन्न संस्कृतियों की मनोहारी छटा बाल कलाकारों द्वारा सैफई में बिखेरी। इसके बाद बोस्निया से आई बालिका ने हना गया कार्यक्रम प्रस्तुत किया। तंजानियां के अब्दुल मलिक ने अपने ग्रुप के कलाकारों के साथ अपनी भाषा में गीत गाया। हंगरी से विक्टोरिया ने भी गाना गाया। इंडोनेशिया की उलमा ने अपनी भाषा में गीत प्रस्तुत किया।
कजाकिस्तान से आए ग्रुप कलाकारों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। पपुआ न्यू गिनी के कलाकार ने परंपरागत ड्रेस में अपनी प्रस्तुति दी। राजस्थान की कलाकार पदमश्री गुलाबो ने मशहूर कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। श्रेया, मुस्कान एवं रवि ने देश रंगीला- रंगीला गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद फिलिपींस की फातिमा ने ग्रीन ड्रेस में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम को देखने के लिए जिले के 22 विद्यालयों के बच्चे भी सैफई पहुंचे।
विदेशों की भाषाएं भले ही लोगों की समझ में नहीं आ रही हों, लेकिन बच्चों की प्रस्तुतियों का जमकर आनंद लिया। तर्की, रूस और बल्गारिया के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। इससे पूर्व रिम्स सैफई के छात्र- छात्राओं ने गणेश वंदना एवं संत विवेकानंद आवासीय स्कूल के प्रधानाचार्य डा. आनंद के निर्देशन में स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एजूकेशन इनवायरमेंट ट्रस्ट ईईटी के अध्यक्ष अर्सिन ने स्मृति चिन्ह एवं बुके भेंटकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत किया।
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मुख्यमंत्री सैफई में रिम्स के इंडोर स्टेडियम में रविवार को राज्य संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भाषाई एवं सांस्कृतिक महोत्सव में बतौर मुख्यमंत्री बोल रहे थे।
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मुख्यमंत्री दुनियां के 17 देशों से आए 110 बाल कलाकारों के कार्यक्रम में अपने बेटे अर्जुन और बेटी टीना के साथ शामिल हुए और पूरी शिद्दत के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
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समारोह में दुनियां की विभिन्न संस्कृतियों की मनोहारी छटा बाल कलाकारों द्वारा सैफई में बिखेरी। इसके बाद बोस्निया से आई बालिका ने हना गया कार्यक्रम प्रस्तुत किया। तंजानियां के अब्दुल मलिक ने अपने ग्रुप के कलाकारों के साथ अपनी भाषा में गीत गाया। हंगरी से विक्टोरिया ने भी गाना गाया। इंडोनेशिया की उलमा ने अपनी भाषा में गीत प्रस्तुत किया।
कजाकिस्तान से आए ग्रुप कलाकारों ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया। पपुआ न्यू गिनी के कलाकार ने परंपरागत ड्रेस में अपनी प्रस्तुति दी। राजस्थान की कलाकार पदमश्री गुलाबो ने मशहूर कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। श्रेया, मुस्कान एवं रवि ने देश रंगीला- रंगीला गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद फिलिपींस की फातिमा ने ग्रीन ड्रेस में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम को देखने के लिए जिले के 22 विद्यालयों के बच्चे भी सैफई पहुंचे।
विदेशों की भाषाएं भले ही लोगों की समझ में नहीं आ रही हों, लेकिन बच्चों की प्रस्तुतियों का जमकर आनंद लिया। तर्की, रूस और बल्गारिया के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। इससे पूर्व रिम्स सैफई के छात्र- छात्राओं ने गणेश वंदना एवं संत विवेकानंद आवासीय स्कूल के प्रधानाचार्य डा. आनंद के निर्देशन में स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एजूकेशन इनवायरमेंट ट्रस्ट ईईटी के अध्यक्ष अर्सिन ने स्मृति चिन्ह एवं बुके भेंटकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत किया।