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Etawah News: बदलते मौसम में बुखार, खांसी व जुकाम की चपेट में आ रहे बच्चे
Fri, 23 Oct 2026 11:10 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:10 PM IST
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फोटो 13: बीमार बच्चे का चेकअप करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके यादव। संवाद
इटावा। मौसम में बार-बार हो रहा बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। आठ साल तक के बच्चे बुखार, खांसी व जुकाम की अधिक चपेट में आ रहे हैं। शुक्रवार को 318 बीमार बच्चे इलाज कराने पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ ने जांच के बाद बच्चों को दवाएं दीं। साथ ही बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी।
संयुक्त जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1092 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जबकि 110 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे। सुबह होते ही मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो शुरू हो गई। इसमें सबसे अधिक बच्चों की संख्या रही। इसमें आठ साल के बीमार बच्चे अधिक थे। अभिभावक पर्चा बनवाने के बाद बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लाइन में लग गए। इसमें सबसे अधिक बुखार, खांसी व जुकाम के 318 मरीजों की संख्या अधिक रही।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके यादव ने जांच करने के बाद बीमार बच्चों की जांच करवाई। जांच के बाद दवाएं लिखीं। उन्होंने कहा सुबह मौसम में ठंडक रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। जरा सी सर्दी लगने पर वह बीमार पड़ रहे हैं। बदलते मौसम में छोटे बच्चों के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमार पड़ने पर बिना डॉक्टर के परामर्श के बिना बच्चों को दवा न दें। ऐसे में दवा नुकसान कर सकती है।
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संयुक्त जिला अस्पताल में शुक्रवार को 1092 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जबकि 110 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे। सुबह होते ही मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो शुरू हो गई। इसमें सबसे अधिक बच्चों की संख्या रही। इसमें आठ साल के बीमार बच्चे अधिक थे। अभिभावक पर्चा बनवाने के बाद बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लाइन में लग गए। इसमें सबसे अधिक बुखार, खांसी व जुकाम के 318 मरीजों की संख्या अधिक रही।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके यादव ने जांच करने के बाद बीमार बच्चों की जांच करवाई। जांच के बाद दवाएं लिखीं। उन्होंने कहा सुबह मौसम में ठंडक रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। जरा सी सर्दी लगने पर वह बीमार पड़ रहे हैं। बदलते मौसम में छोटे बच्चों के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमार पड़ने पर बिना डॉक्टर के परामर्श के बिना बच्चों को दवा न दें। ऐसे में दवा नुकसान कर सकती है।
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