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बारिश से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा
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इटावा। 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश से चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार 70 सेमी. प्रति घंटा है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर करीब छह मीटर तक बढ़ गया है। हालांकि पानी खतरे के निशान से लगभग सात मीटर नीचे है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नदी के तटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग की टीम हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर शासन प्रशासन को रिपोर्ट भेज रही है।
27 जुलाई को सुबह आठ बजे चंबल नदी का जलस्तर 106.92 मीटर मापा गया । इसके बाद से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 28 जुलाई को सुबह आठ बजे जलस्तर करीब एक मीटर बढ़कर 107.59 मीटर पर पहुंच गया। इसी दिन शाम आठ बजे जलस्तर बढ़कर 114.14 मीटर पर पहुंच गया।
नदी का खतरे का निशान 121 मीटर पर है। इस स्तर तक पानी पहुंचने पर आसपास के गांवों में पानी घुसने लगता है। कभी-कभी बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। चंबल में जब बाढ़ आती है तो उसका असर यमुना नदी पर भी पड़ता है। क्योंकि पचनद के पास चंबल का पानी उलटी दिशा में लौटकर यमुना में आने लगता है।
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ऐसी स्थिति में दोनों नदियों के आसपास के गांवों खतरे की जद में आने लगते हैं। केंद्रीय जल आयोग के अभियंता शहजादे लाल ने बताया कि पानी की रफ्तार बराबर बढ़ रही है। अभी बारिश का पानी है। कहीं बाहर से नहीं छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है।
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27 जुलाई को सुबह आठ बजे चंबल नदी का जलस्तर 106.92 मीटर मापा गया । इसके बाद से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 28 जुलाई को सुबह आठ बजे जलस्तर करीब एक मीटर बढ़कर 107.59 मीटर पर पहुंच गया। इसी दिन शाम आठ बजे जलस्तर बढ़कर 114.14 मीटर पर पहुंच गया।
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नदी का खतरे का निशान 121 मीटर पर है। इस स्तर तक पानी पहुंचने पर आसपास के गांवों में पानी घुसने लगता है। कभी-कभी बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। चंबल में जब बाढ़ आती है तो उसका असर यमुना नदी पर भी पड़ता है। क्योंकि पचनद के पास चंबल का पानी उलटी दिशा में लौटकर यमुना में आने लगता है।
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ऐसी स्थिति में दोनों नदियों के आसपास के गांवों खतरे की जद में आने लगते हैं। केंद्रीय जल आयोग के अभियंता शहजादे लाल ने बताया कि पानी की रफ्तार बराबर बढ़ रही है। अभी बारिश का पानी है। कहीं बाहर से नहीं छोड़ा गया है। जलस्तर बढ़ने की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है।