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इटावा : चंबल खतरे के निशान के पार, 50 गांवों पर खतरा

Thu, 18 Aug 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 11:42 PM IST
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भरेह संगम पर चंबल के जलस्तर का जायजा लेते डीएम अवनीश राय। संवाद - फोटो : ETAWAH
चकरनगर। कोटा बैराज से 1.85 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से चंबल नदी का जलस्तर खतरे के निशान 120.80 मीटर को पार करके 120.89 मीटर पर पहुंच गया है। इससे क्षेत्र के 50 गांवों की करीब दो लाख की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गुरुवार को डीएम ने क्षेत्र का निरीक्षण करके कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया।
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चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर गुरुवार को डीएम अवनीश राय भरेह संगम पर पहुंचे। स्थितियां देखते हुए बाढ़ की तैयारियों का जायजा लिया। यहां चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि रात्रि में ड्यूटी कर रिपोर्टिंग की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने नदी किनारे बसे गांव चकरपुरा, पथर्रा हरपुरा, हरौली आदि गांव का भी दौरा करके ग्रामीणों से वार्ता की। बताया कि जलस्तर बढ़ चुका है। ऐसे में टीमों को अलर्ट किया गया है। आप सभी से भी आग्रह है कि घबराएं नहीं पर सतर्क रहें। देर शाम तक क्षेत्र के किसी भी गांव तक पानी नहीं पहुंचा था। निरीक्षण के दौरान एडीएम जयप्रकाश, तहसीलदार श्रीराम यादव, सीओ राकेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
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जल बोर्ड चौकी उदी के प्रभारी दीपक कुमार ने बताया बारिश के चलते कोटा बैराज में क्षमता से अधिक पानी है। इसे छोड़ा गया है। चंबल नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। लगातार निगरानी की जा रही है। बंसरी, अचरौली सलोखरा, कतरौली, पथर्रा, बिहार, इमिलिया, चकरपुरा, महुआ सूडा, जगतौली, बरेछा, मिटहटी, कुंदौल, पालीघार, सहसो, भोआ समेत 16 गांवों को बाढ़ का अधिक खतरा है।
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पांच गांवों में नौका के साथ नाविक तैनात
चंबल से सटे पथर्रा गांव में प्रेम सिंह, अंदावा में मिट्ठू लाल, महुआ सूडा में पुष्पेंद्र कुमार, नीमाडांडा में आनंद कुमार, भरेह में दो नौकाओं के साथ दो नाविक भीकम सिंह, किशोर कुमार लगाए गए हैं। गांवों में पानी घुसने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा सके।
तहसील मुख्यालय पर बनाया रिपोर्टिंग सेंटर
प्रशासन ने बाढ़ के मद्देनजर 12 चौकियां, एक रिपोर्टिंग सेंटर तहसील मुख्यालय में बनाया है। मर्दानपुरा, विंडवा खुर्द, सिंडोस, बिडौरी, बंसरी, कचहरी, गढ़ाकास्दा, अनेठा, अंदावा, भरेह, कंधेसीघार गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में चौकियां बनाई गईं हैं।
ग्रामीणों को सजग रहने के लिए कहा गया है : एसडीएम
एसडीएम मलखान सिंह ने बताया कि नदी के किनारे बसे गांव वालों को सजग रहने के लिए कहा गया है। लेखपाल क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अभी क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या नदियों के पानी से नहीं है। नौकाओं, नाविकों की तैयारी भी कर ली गई है।

यमुना और क्वारी का भी बढ़ सकता है जलस्तर
चंबल का जलस्तर बढ़ने के साथ ही यमुना और क्वारी का भी जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इससे यमुना नदी किनारे के गौहानी, खिरीटी, कछपुरा, नदगंवा, चिंडोली, डिभौली, हरौलीघार, दिलीपनगर, कांयछी, निवी, नौगांवापुरा वली, इकनौर, विल्हाटी, नीवरी कचहरी लखनपुरा घार करावली आदि 25 गांव शामिल हैं। उधर, क्वारी नदी के भी ललूपुरा, चौरेला, सिंडौस, विंडवा खुर्द, चमराहीतीर, रीतौर, कुवंरपुरा कुर्छा, बिडौरी, बिठौली पसिया समेत करीब 10 गांव हैं।
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