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Etawah News: छुट्टा गोवंश से रबी की फसल बचाना चुनौती
Thu, 30 Nov 2023 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:07 AM IST
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गांवों से लेकर खेतों तक मवेशियों के झुंड से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा तो करती है। लेकिन दूसरी ओर बीहड़ी क्षेत्र चकरनगर के किसान छुट्टा गोवंश से खासे परेशान कर रहे हैं। रबी की बुआई शुरू हो गई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
गांवों, कस्बों से लेकर खेतों में गोवंशों के झुंड दिखाई दे रहे हैं। लेकिन गोशालाओं में कागजों में सब ठीक चल रहा है। हाल यह है कि निरीक्षण की भनक लगते ही गोवंशों को घेरकर गोशाला में बंद कर दिया जाता है। निरीक्षण खत्म होते ही गोशाला फिर से खाली हो जाती हैं।
एक नवंबर से छुट्टा गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजे जाने के अभियान के बाद भी चकरनगर के हालात जस के तस हैं। हाल यह है कि बड़ी संख्या में चारों ओर गोवंश दिखाई पड़ जाएंगे। इनके खुले में विचरण करने से किसानों को अब रबी की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
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तहसील क्षेत्र चकरनगर की पांच गोशालाओं में 406 मवेशी संरक्षित है। यही वजह है कि गांव से लेकर खेतों तक मवेशियों का झुंड घूम रहा है और गोशालाएं खाली पड़ी हैं। जिस गोशाला में मवेशी बंद हैं। उन्हें सूखा व सड़ा गला चारा खिलाया जा रहा है। जो अपनी जान गवां रहे हैं।
दिन में खेत जाते हैं, लेकिन रात में जाने से डरते
आगामी लोक सभा चुनाव में घुमंतु पशुओं की समस्या यदि चुनावी मुद्दा बन जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। खेतों में फसल बर्बाद करने के अलावा लोग भी इनकी चपेट में आ जाते हैं। किसान इतने परेशान हैं कि दिन में खेत पर काम करते हैं, लेकिन रात में खेत पर सो नहीं पाते। खेती की रखवाली करने के लिए मचानों पर डटे रहते हैं।
गोशाला संरक्षित गोवंश
सहसों 75
अनेठा 135
बरचोली 58
हरौली बहादुरपुर 82
नौगवां 56
घुमंतु पशुओं के आवारा गोवंश
मुख्य स्थान लगभग संख्या
चकरनगर चौराहा 100 से 160
हनुमंतपुर कस्बा 80 से 130
सिंडोस सरकारी स्कूल 150 से 230
पिपरौली गढ़िया 100 से 150
बंसरी गांव में अस्थाई 150 से 200
विंडवा खुर्द 60 से 80
सिरसा कोला 80 से 130
टिटावली 50 से 70
नदा चंबल किनारे 150 से 250
किसानों ने बताई परेशानी
- सिंडौस के ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने बताया कि गांव के स्कूल के पास दो सौ से ढाई सौ आवारा मवेशी बैठते हैं। पशुपालन विभाग सहभगिता योजना में रुचि नहीं दिखा रहा है।
- चकरनगर कस्बा निवासी तनु चौहान व किसान यूनियन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानु ने बताया कि चकरनगर मुख्य चौराहा पर रात के समय सैकड़ों मवेशी रहते हैं। जो फसल बर्वाद करते हैं। राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं। प्रशासन को इन्हें पकड़ कर गोशाला भेजना चाहिए।
- सिरसा निवासी किसान नारायण सिंह बताते हैं कि बाजरा की दिन में और रात में जाग कर रखवाली की, लेकिन फिर भी फसल नही बचा पाए।अब सरसों और गेहूं की फसल रखवाली बड़ी समस्या है।
- गढ़ीमंगद निवासी कौशलेन्द्र राजावत ने बताया कि क्षेत्र में मवेशी समस्या गंभीर समस्या है। जिला प्रशासन को मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाना चाहिए। जिससे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी से निजात मिल सके।
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गांवों से लेकर खेतों तक मवेशियों के झुंड से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा तो करती है। लेकिन दूसरी ओर बीहड़ी क्षेत्र चकरनगर के किसान छुट्टा गोवंश से खासे परेशान कर रहे हैं। रबी की बुआई शुरू हो गई है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
गांवों, कस्बों से लेकर खेतों में गोवंशों के झुंड दिखाई दे रहे हैं। लेकिन गोशालाओं में कागजों में सब ठीक चल रहा है। हाल यह है कि निरीक्षण की भनक लगते ही गोवंशों को घेरकर गोशाला में बंद कर दिया जाता है। निरीक्षण खत्म होते ही गोशाला फिर से खाली हो जाती हैं।
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एक नवंबर से छुट्टा गोवंशों को पकड़कर गोशाला भेजे जाने के अभियान के बाद भी चकरनगर के हालात जस के तस हैं। हाल यह है कि बड़ी संख्या में चारों ओर गोवंश दिखाई पड़ जाएंगे। इनके खुले में विचरण करने से किसानों को अब रबी की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
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तहसील क्षेत्र चकरनगर की पांच गोशालाओं में 406 मवेशी संरक्षित है। यही वजह है कि गांव से लेकर खेतों तक मवेशियों का झुंड घूम रहा है और गोशालाएं खाली पड़ी हैं। जिस गोशाला में मवेशी बंद हैं। उन्हें सूखा व सड़ा गला चारा खिलाया जा रहा है। जो अपनी जान गवां रहे हैं।
दिन में खेत जाते हैं, लेकिन रात में जाने से डरते
आगामी लोक सभा चुनाव में घुमंतु पशुओं की समस्या यदि चुनावी मुद्दा बन जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। खेतों में फसल बर्बाद करने के अलावा लोग भी इनकी चपेट में आ जाते हैं। किसान इतने परेशान हैं कि दिन में खेत पर काम करते हैं, लेकिन रात में खेत पर सो नहीं पाते। खेती की रखवाली करने के लिए मचानों पर डटे रहते हैं।
गोशाला संरक्षित गोवंश
सहसों 75
अनेठा 135
बरचोली 58
हरौली बहादुरपुर 82
नौगवां 56
घुमंतु पशुओं के आवारा गोवंश
मुख्य स्थान लगभग संख्या
चकरनगर चौराहा 100 से 160
हनुमंतपुर कस्बा 80 से 130
सिंडोस सरकारी स्कूल 150 से 230
पिपरौली गढ़िया 100 से 150
बंसरी गांव में अस्थाई 150 से 200
विंडवा खुर्द 60 से 80
सिरसा कोला 80 से 130
टिटावली 50 से 70
नदा चंबल किनारे 150 से 250
किसानों ने बताई परेशानी
- सिंडौस के ग्राम प्रधान सज्जन सिंह राजावत ने बताया कि गांव के स्कूल के पास दो सौ से ढाई सौ आवारा मवेशी बैठते हैं। पशुपालन विभाग सहभगिता योजना में रुचि नहीं दिखा रहा है।
- चकरनगर कस्बा निवासी तनु चौहान व किसान यूनियन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भानु ने बताया कि चकरनगर मुख्य चौराहा पर रात के समय सैकड़ों मवेशी रहते हैं। जो फसल बर्वाद करते हैं। राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं। प्रशासन को इन्हें पकड़ कर गोशाला भेजना चाहिए।
- सिरसा निवासी किसान नारायण सिंह बताते हैं कि बाजरा की दिन में और रात में जाग कर रखवाली की, लेकिन फिर भी फसल नही बचा पाए।अब सरसों और गेहूं की फसल रखवाली बड़ी समस्या है।
- गढ़ीमंगद निवासी कौशलेन्द्र राजावत ने बताया कि क्षेत्र में मवेशी समस्या गंभीर समस्या है। जिला प्रशासन को मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाना चाहिए। जिससे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी से निजात मिल सके।