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वेतन रुकने की धमकी मिलते ही भेज दिए शैक्षिक प्रमाणपत्र

Tue, 21 Jul 2020 06:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2020 06:06 PM IST
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Certificates sent when salary came to a standstill
वेतन रुकने की नौबत आई तो सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा कर दिए। जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने 20 जुलाई तक की समय सीमा तय कर दी थी। इसके बाद स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि कागजात नहीं तो वेतन नहीं।
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इस आदेश के बाद सभी 75 विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्र जमा कर दिए। जिला स्तर पर गठित समिति इन प्रमाणपत्रों को बोर्ड के हिसाब से सिलेसिलेबार एकत्र किया जाएगा।
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इसके बाद उन्हें संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों में सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक बड़ी संख्या में पकडे़ गए हैं। ऐसे अध्यापकों के खिलाफ विभिन्न जिलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।
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अध्यापकों से वेतन के रूप में ली गई धनराशि की भी वसूली की जा रही है। इसके बाद शासन ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराने का निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में जिले के शिक्षकों के कागजात भी एकत्रित किए गए हैं। अब इन कागजातों को डीआईओएस कार्यालय में बोर्डों के हिसाब से अलग किया जाएगा। यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड या अन्य बोर्डों से जहां के कागजात हैं उन्हीं के पास इन कागजातों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
बोर्ड ही इनका सत्यापन करके भेजेंगे कि कागजातों की स्थितियां क्या हैं। इसी तरह जो कागज जिस यूनीवर्सिटी के हैं वहां से सत्यापन कराया जाएगा।
डीआईओएस राजू राणा ने कहा कि कागजातों को बोर्डों के हिसाब सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग काफी मशक्कत के बाद विद्यालयों से यह कागजात मंगा पाया है।

अब इनकी जांच की आगे की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मामले में एडीएम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक समिति की बनाई गई है।
कागजातों को बोर्ड के हिसाब से अलग अलग कर दिए जाने के बाद समिति इनका निरीक्षण करेगी। इसके बाद ही इन कागजातों को सत्यापन के लिए संबंधित बोर्डों के पास भेजा जाएगा।
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