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वायरल बुखार का प्रकोप बरकरार, डेंगू के 8 मरीज मिले
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जिला अस्पताल में फर्श पर लेटे बुखार पीड़ित बच्चे
- फोटो : ETAWAH
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इटावा। जिले में बुखार व डेंगू थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को बुखार से तीन लोगों की जान गई। वहीं जिला अस्पताल में आठ और सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में 17 मामले डेंगू के सामने आए। अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
जसवंत नगर संवाद के मुताबिक बलरई गांव निवासी राजेंद्र सिंह का बेटा नवीन उर्फ सोनू (17) इंटर का छात्र था। वह कई दिनों से बुखार से जूझ रहा था। परिजन उसका स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराते रहे। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उसे उपचार के लिए आगरा ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी सांसे थम गईं। इसी तरह धरबार गांव निवासी सुंदर पाल की छह माह की बेटी प्रिया को तीन दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टरों से सुंदर पाल ने बेटी का इलाज कराया। फायदा न होने पर सिरसागंज के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, जसवंत नगर के ही आलमपुर गांव निवासी सत्येंद्र कुमार कुशवाहा की बेटी गरिमा (6 माह) भी तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इटावा के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां गरिमा की उपचार के दौरान मौत हो गई।
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इटावा। बुखार तेजी से बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में बाल रोग चिकित्सकों के बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। जिसे से 293 के नमूने डेंगू जांच के लिए भेजे गए। वहीं आठ डेंगू के नए मरीज सामने आए। वायरल बुखार के 215 मरीज भर्ती हुए, जबकि 19 ठीक हुए। बुधवार को जिला अस्पताल में 993 मरीजों ने पर्चा बवनाया। सबसे ज्यादा बुखार के करीब चार सौ मरीज रहे। इनमें भी बच्चों की संख्या अधिक थी।
जिला अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक डॉ. पीके गुप्ता ने बताया उन्होंने करीब सवा सौ बच्चे देखे। इसी प्रकार डॉ. शादाब आलम ने भी करीब 100 बच्चों का उपचार किया। डॉ. शादाब आलम ने बताया बच्चों को तीन दिन से बुखार आने पर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं। बच्चे को घर पर न रखें। खून की जांच कराएं। कहा एकदम से बुखार नहीं आता है बल्कि बुखार शरीर में बना रहता है। बिना खांसी, जुकाम के भी बुखार बना रहता है। तेज बुखार होने पर पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होती है तो डेंगू की जांच अवश्य कराएं।
पैथालॉजी लैब के वरिष्ठ टेक्निशियन एके दुबे ने बताया ढाई सौ से अधिक मरीजों ने बुखार की जांच कराई, इनमें से 102 की रेपिड किट से डेंगू की जांच हुई। जबकि, 40 सैंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई भेजे गए।
सैफई। स्थानीय मेडिकल यूनिवर्सिटी में डेंगू के 17 नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि, ओपीडी में बुधवार को बुखार के 149 मरीज आए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बुधवार को अस्पताल से डेंगू के 17 मरीजों की छुट्टी की गई। वर्तमान में 54 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। बुधवार को इटावा के डेंगू के तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं। इटावा के नौ डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में इटावा के 28 डेंगू ग्रसित मरीज भर्ती है। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।
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जसवंत नगर संवाद के मुताबिक बलरई गांव निवासी राजेंद्र सिंह का बेटा नवीन उर्फ सोनू (17) इंटर का छात्र था। वह कई दिनों से बुखार से जूझ रहा था। परिजन उसका स्थानीय चिकित्सकों से उपचार कराते रहे। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उसे उपचार के लिए आगरा ले जा रहे थे। रास्ते में उसकी सांसे थम गईं। इसी तरह धरबार गांव निवासी सुंदर पाल की छह माह की बेटी प्रिया को तीन दिन से बुखार आ रहा था। स्थानीय डॉक्टरों से सुंदर पाल ने बेटी का इलाज कराया। फायदा न होने पर सिरसागंज के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, जसवंत नगर के ही आलमपुर गांव निवासी सत्येंद्र कुमार कुशवाहा की बेटी गरिमा (6 माह) भी तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इटावा के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां गरिमा की उपचार के दौरान मौत हो गई।
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इटावा। बुखार तेजी से बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में बाल रोग चिकित्सकों के बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। जिसे से 293 के नमूने डेंगू जांच के लिए भेजे गए। वहीं आठ डेंगू के नए मरीज सामने आए। वायरल बुखार के 215 मरीज भर्ती हुए, जबकि 19 ठीक हुए। बुधवार को जिला अस्पताल में 993 मरीजों ने पर्चा बवनाया। सबसे ज्यादा बुखार के करीब चार सौ मरीज रहे। इनमें भी बच्चों की संख्या अधिक थी।
जिला अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक डॉ. पीके गुप्ता ने बताया उन्होंने करीब सवा सौ बच्चे देखे। इसी प्रकार डॉ. शादाब आलम ने भी करीब 100 बच्चों का उपचार किया। डॉ. शादाब आलम ने बताया बच्चों को तीन दिन से बुखार आने पर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाएं। बच्चे को घर पर न रखें। खून की जांच कराएं। कहा एकदम से बुखार नहीं आता है बल्कि बुखार शरीर में बना रहता है। बिना खांसी, जुकाम के भी बुखार बना रहता है। तेज बुखार होने पर पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होती है तो डेंगू की जांच अवश्य कराएं।
पैथालॉजी लैब के वरिष्ठ टेक्निशियन एके दुबे ने बताया ढाई सौ से अधिक मरीजों ने बुखार की जांच कराई, इनमें से 102 की रेपिड किट से डेंगू की जांच हुई। जबकि, 40 सैंपल एलाइजा जांच के लिए सैफई भेजे गए।
सैफई। स्थानीय मेडिकल यूनिवर्सिटी में डेंगू के 17 नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि, ओपीडी में बुधवार को बुखार के 149 मरीज आए। चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बुधवार को अस्पताल से डेंगू के 17 मरीजों की छुट्टी की गई। वर्तमान में 54 डेंगू के मरीज भर्ती हैं। बुधवार को इटावा के डेंगू के तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं। इटावा के नौ डेंगू मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वर्तमान में इटावा के 28 डेंगू ग्रसित मरीज भर्ती है। इसके अलावा औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी समेत आसपास के कई जिलों के मरीज यहां भर्ती हैं।