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Etawah News: खर्च में समाज कल्याण फिसड्डी, सरेंडर किया डेढ़ करोड़ का बजट

Tue, 31 Mar 2026 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:27 PM IST
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Budget of Rs 15 crore surrendered to social welfare corruption in expenditure
इटावा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन मंगलवार को जिले के सरकारी विभागों में बजट खपाने की आपाधापी मची रही। सरकारी धन के लैप्स होने के डर से विभाग दिनभर बिलों को पास कराने की जुगत में लगे रहे। इससे जिला कोषागार कार्यालय में सुबह से लेकर देर रात तक चहल-पहल देखी गई। इस वर्ष शासन की ओर से समाज कल्याण विभाग को 18.37 करोड़ का बजट मिला था जिसमें विभाग 16.88 करोड़ खर्च कर पाया और लगभग 1.49 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए।
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31 मार्च की समय सीमा को देखते हुए कोषागार कार्यालय में फाइलों का अंबार लगा रहा। विभाग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार अंतिम दिन शाम साढ़े छह बजे तक कुल 260 बिलों का भुगतान किया गया। विभिन्न विभागों की ओर से भेजे गए इन बिलों की जांच और डिजिटल सिग्नेचर की प्रक्रिया में अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे। बजट को खपाने के लिए लगभग 900 खातों के माध्यम से 14 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया।
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पुलिस विभाग को 2.14 अरब रुपये का बजट मिला था 2.10 अरब खर्च हुआ और लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट सरेंडर कर दिया गया। होमगार्ड विभाग को 18 करोड़ का बजट मिला था जिसे विभाग ने पूरा खपा दिया। लोक निर्माण विभाग को मिले 30.73 करोड़ के बजट के सापेक्ष 30.71 करोड़ का खर्चा किया गया। सिंचाई विभाग को 71 करोड़ का बजट मिला था जिसमें से विभाग ने लगभग 68 करोड़ खर्च कर लिए और तीन करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए।
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जिला अस्पताल पुरुष को 30.48 करोड़ का बजट मिला, जिसमें 30.03 करोड़ रुपये खर्च किया और लगभग 44 लाख रुपये सरेंडर किया। जिला अस्पताल महिला को मिले 8.52 करोड़ के सापेक्ष लगभग आठ करोड़ का खर्च किया गया। माध्यमिक शिक्षा के 37 करोड़ के बजट में लगभग 35 करोड़ खर्च हुए। बेसिक शिक्षा को 6.37 अरब का बजट मिला और विभाग की ओर से 6.32 अरब खर्च किया गया और लगभग पांच करोड़ का बजट सरेंडर करना पड़ा।

वन विभाग को 35 करोड़ के बजट में लगभग पूरा खर्च किया गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 3.18 करोड़ का बजट मिला। इस विभाग ने भी लगभग शत प्रतिशत बजट खर्च किया।


वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार कार्यालय में सहायक कोषाधिकारी मनोज कुमार, अनीता सक्सेना, वरिष्ठ लेखाकार सुदीप त्रिपाठी, प्रदीप शर्मा, राम कुमार, प्रदीप चौधरी, लेखाकार अरुण कुमार, सतेंद्र काम में जुटे रहे।
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