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जलभराव से निजात के लिए पालिका खर्च करेगी ढाई करोड का बजट
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नगर पालिका परिषद ने इस बार बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से निपटने की रूपरेखा बना ली है।
शहर के 13 मोहल्ले ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां बारिश का पानी भरता है। इन क्षेत्रों पर नगर पालिका की विशेष निगाहें हैं।
इस बार जलभराव से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने ढाई करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पूरी कार्ययोजना बनाने के बाद अमल भी होने लगा है।
बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या यहां के निवासियों के लिए एक बडी समस्या है। शहर की करीब तीन लाख की आबादी का एक तिहाई से अधिक हिस्सा हर साल इससे जूझता है।
इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि नई कालोनियां तो बसीं लेकिन उसके हिसाब से ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की कार्ययोजना नहीं बनीं। फलस्वरूप जलनिकासी की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती चली गई।
नगर पालिका परिषद ने बारिश के पानी से सर्वाधिक प्रभावित मोहल्लों की सूची तैयार कर ली है। इनमें विजय नगर वार्ड के ख्यालीराम वाटिका, रामनगर पावर हाउस के अंदर, पक्का बाग वार्ड के विकास कालोनी, सिविल लाइन वार्ड के पुलिस लाइन गेट के पास,
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शांतिकालोनी वार्ड के आईटीआई चैराहा,फेडस कालोनी के पावर हाउस के अंदर, करमगंज के जीएलपी हास्पिटल के पास, शिवा कालोनी के सराय दयानत तालाब एवं रवि बघेल के मकान के पास
तुलसी नगर में ओवर ब्रिज के पास, अडडा उसरा, कटरा शमशेर खां वार्ड के आजाद नगर टीला मदरसा एवं सुंदरपुर वार्ड के आजाद नगर टीला तालाब के पास बारिश का पानी भरता है। यहां जलनिकासी के लिए नाला आदि की व्यवस्था नहीं है।
प्रभावित 13 क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए नगर पालिका ने 15 पंपिंग सेट लगा दिए हैं। इसके अलावा पांच पंपिंग सेट अतिरिक्त खरीदे जा रहे हैं ताकि प्रभावित क्षत्रों में किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल दूसरा सेट भेजा जा सके। इसके अलावा हर क्षेत्र में कर्मचारी लगाकर उनकी जिम्मेदारी तय कर दी है। निगरानी का भी इंतजाम किया गया है।
वर्जन
जलभराव से निपटने के लिए बनाई गई विशेष कार्ययोजना में नालों की सफाई, पंपिंग सेटों का खर्चा व नए नालों के निर्माण की योजना शामिल है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए चार बडे़ नालों का निर्माण किया जाएगा। दो नालों के टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं। विजय नगर से लेकर चैगुर्जी पुरबिया टोला होकर यमुना नदी तक, पक्का बाग से रामलीला रोड विकास नगर कालोनी होकर बडे़ नाला तक, दीप टाकीज से रामनगर फाटक, नुमाइश पुलिस लाइन तिराहे से मोतीझील, पुलिस लाइन होकर नाला निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा पूरे शहर के छोटे बडे नालों को एक बडे़ नाले से मिलाकर पूरे नया ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने का भी सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए 10 लाख की धनराशि भी सर्वे एजेंसी को दी गई है।
नौशाबा फुरकान, नगर पालिका परिषद चेयरमैन
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शहर के 13 मोहल्ले ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां बारिश का पानी भरता है। इन क्षेत्रों पर नगर पालिका की विशेष निगाहें हैं।
इस बार जलभराव से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने ढाई करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पूरी कार्ययोजना बनाने के बाद अमल भी होने लगा है।
बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या यहां के निवासियों के लिए एक बडी समस्या है। शहर की करीब तीन लाख की आबादी का एक तिहाई से अधिक हिस्सा हर साल इससे जूझता है।
इसका सबसे बड़ा कारण यह रहा कि नई कालोनियां तो बसीं लेकिन उसके हिसाब से ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की कार्ययोजना नहीं बनीं। फलस्वरूप जलनिकासी की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती चली गई।
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नगर पालिका परिषद ने बारिश के पानी से सर्वाधिक प्रभावित मोहल्लों की सूची तैयार कर ली है। इनमें विजय नगर वार्ड के ख्यालीराम वाटिका, रामनगर पावर हाउस के अंदर, पक्का बाग वार्ड के विकास कालोनी, सिविल लाइन वार्ड के पुलिस लाइन गेट के पास,
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शांतिकालोनी वार्ड के आईटीआई चैराहा,फेडस कालोनी के पावर हाउस के अंदर, करमगंज के जीएलपी हास्पिटल के पास, शिवा कालोनी के सराय दयानत तालाब एवं रवि बघेल के मकान के पास
तुलसी नगर में ओवर ब्रिज के पास, अडडा उसरा, कटरा शमशेर खां वार्ड के आजाद नगर टीला मदरसा एवं सुंदरपुर वार्ड के आजाद नगर टीला तालाब के पास बारिश का पानी भरता है। यहां जलनिकासी के लिए नाला आदि की व्यवस्था नहीं है।
प्रभावित 13 क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए नगर पालिका ने 15 पंपिंग सेट लगा दिए हैं। इसके अलावा पांच पंपिंग सेट अतिरिक्त खरीदे जा रहे हैं ताकि प्रभावित क्षत्रों में किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल दूसरा सेट भेजा जा सके। इसके अलावा हर क्षेत्र में कर्मचारी लगाकर उनकी जिम्मेदारी तय कर दी है। निगरानी का भी इंतजाम किया गया है।
वर्जन
जलभराव से निपटने के लिए बनाई गई विशेष कार्ययोजना में नालों की सफाई, पंपिंग सेटों का खर्चा व नए नालों के निर्माण की योजना शामिल है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए चार बडे़ नालों का निर्माण किया जाएगा। दो नालों के टेंडर स्वीकृत हो चुके हैं। विजय नगर से लेकर चैगुर्जी पुरबिया टोला होकर यमुना नदी तक, पक्का बाग से रामलीला रोड विकास नगर कालोनी होकर बडे़ नाला तक, दीप टाकीज से रामनगर फाटक, नुमाइश पुलिस लाइन तिराहे से मोतीझील, पुलिस लाइन होकर नाला निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा पूरे शहर के छोटे बडे नालों को एक बडे़ नाले से मिलाकर पूरे नया ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने का भी सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के लिए 10 लाख की धनराशि भी सर्वे एजेंसी को दी गई है।
नौशाबा फुरकान, नगर पालिका परिषद चेयरमैन