{"_id":"6451607823679b5a450a5a74","slug":"bsp-can-create-problem-in-election-maths-etawha-news-c-12-1-213424-2023-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etawah News: हाथी की चाल बिगाड़ सकती तीन सीटों पर गणित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etawah News: हाथी की चाल बिगाड़ सकती तीन सीटों पर गणित
Wed, 03 May 2023 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
Updated Wed, 03 May 2023 12:41 AM IST
विज्ञापन
इटावा। लंबे समय से शांत बैठा हाथी इस बार जिले की तीन नगर निकाय सीटों पर मुख्य राजनीतिक दलों का गणित बिगाड़ सकता है। शहर में जहां मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण से सपा को नुकसान हो सकता है। वहीं भरथना में भाजपा और सपा दोनों के वोटों बैंक में सेंध लग सकती है। लखना में भी बसपा की चाल प्रमुख दलों के लिए चुनौती है।
पिछले कई वर्षों से प्रदेश में ही चुप्पी साधे बसपा को जिले की इटावा, भरथना नगर पालिका और लखना नगर पंचायत में सपा के बागियों ने दम देने का काम किया है। इटावा में अंतिम दिन सपा से टिकट कटने के बाद इदरीश ने तत्काल बसपा से अपनी पुत्रवधू गुलनाज को नामांकन कराकर चुनावी मैदान में रहने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद से सपा को मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण करने की चिंता सता रही है।
माना जा रहा है कि इदरीस बुनकर समाज से जुड़े लोगों के वोट अपने पाले में करके सपा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं भरथना में सपा से टिकट मांग रहे मनोज पोरवाल ने अपनी पुत्रवधू वर्तिका गुप्ता को भी हाथी की सवारी कराई है। वह 2000 में भाजपा से चेयरमैन रह चुके हैं। उन्होंने तब करीब छह हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2006 में सपा में शामिल हो गए और अपनी पत्नी नीता पोरवाल को दमदारी से लड़कर जिताया था। वैश्य समाज में इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
विज्ञापन
ऐसे में यह भाजपा और सपा दोनों का गणित बिगाड़ सकते हैं। उधर, लखना में सपा से टिकट कटने के बाद पूर्व चेयरमैन सतीश चंद्र वर्मा ने भी बसपा से चुनाव लड़ने की ठानी है। वह सपा से 2012 में सपा से चेयरमैन रह चुके हैं। हालांकि 2017 में इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इस बार इनके चुनावी मैदान में होने से मुख्य दलों का गणित बिगड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इनके खड़े होने से कोई खासा नुकसान नहीं होगा।
2017 में बसपा की यह रही थी स्थिति
2017 में इटावा से बसपा के टिकट पर पुष्पा देवी ने चुनाव लड़ा था। इन्हें उस समय 7, 531 वोट मिले थे। वह चौथे स्थान पर रही थीं। वहीं भरथना में बसपा से बलवीर सिंह चुनावी मैदान में कूदे थे। यह 4563 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। उधर, लखना में बसपा के प्रत्याशी विवेक राठौर 1284 मत पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे।
तीनों नगर पंचायतों में मतदाता
इटावा - 217739 भरथना - 41905
लखना - 8551
आईजी ने देखी तैयारियां
इटावा। निकाय चुनावों को शांति से संपन्न कराने के लिए आईजी ने जिले की व्यवस्थाएं परखीं। मतदान स्थलों का निरीक्षण भी किया। पुलिस लाइन में अधीनस्थों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए।साथ ही क्षेत्र में पैदल गश्त कर लोगों से बातचीत की। निकाय चुनाव के लिए 11 मई को मतदान होना है। मंगलवार को आईजी प्रशांत कुमार पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से निकाय चुनाव को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का ब्यौरा लिया और अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।
देर शाम काफिले के साथ शहर का भ्रमण कर मतदान स्थलों का निरीक्षण किया। आईजी ने कहा कि निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जायेंगे। कोई आचार संहिता का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शांति पूर्वक चुनाव कराना हमारा दायित्व है और हम इसे पूरी ईमानदारी से पूरा करेंगे। इसके बाद आइजी भरथना में बने एसएवी इंटर कॉलेज में बने मतदान स्थल का निरीक्षण किया। (संवाद)
विज्ञापन
पिछले कई वर्षों से प्रदेश में ही चुप्पी साधे बसपा को जिले की इटावा, भरथना नगर पालिका और लखना नगर पंचायत में सपा के बागियों ने दम देने का काम किया है। इटावा में अंतिम दिन सपा से टिकट कटने के बाद इदरीश ने तत्काल बसपा से अपनी पुत्रवधू गुलनाज को नामांकन कराकर चुनावी मैदान में रहने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद से सपा को मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण करने की चिंता सता रही है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि इदरीस बुनकर समाज से जुड़े लोगों के वोट अपने पाले में करके सपा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं भरथना में सपा से टिकट मांग रहे मनोज पोरवाल ने अपनी पुत्रवधू वर्तिका गुप्ता को भी हाथी की सवारी कराई है। वह 2000 में भाजपा से चेयरमैन रह चुके हैं। उन्होंने तब करीब छह हजार वोटों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2006 में सपा में शामिल हो गए और अपनी पत्नी नीता पोरवाल को दमदारी से लड़कर जिताया था। वैश्य समाज में इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
विज्ञापन
ऐसे में यह भाजपा और सपा दोनों का गणित बिगाड़ सकते हैं। उधर, लखना में सपा से टिकट कटने के बाद पूर्व चेयरमैन सतीश चंद्र वर्मा ने भी बसपा से चुनाव लड़ने की ठानी है। वह सपा से 2012 में सपा से चेयरमैन रह चुके हैं। हालांकि 2017 में इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इस बार इनके चुनावी मैदान में होने से मुख्य दलों का गणित बिगड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इनके खड़े होने से कोई खासा नुकसान नहीं होगा।
2017 में बसपा की यह रही थी स्थिति
2017 में इटावा से बसपा के टिकट पर पुष्पा देवी ने चुनाव लड़ा था। इन्हें उस समय 7, 531 वोट मिले थे। वह चौथे स्थान पर रही थीं। वहीं भरथना में बसपा से बलवीर सिंह चुनावी मैदान में कूदे थे। यह 4563 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। उधर, लखना में बसपा के प्रत्याशी विवेक राठौर 1284 मत पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे।
तीनों नगर पंचायतों में मतदाता
इटावा - 217739 भरथना - 41905
लखना - 8551
आईजी ने देखी तैयारियां
इटावा। निकाय चुनावों को शांति से संपन्न कराने के लिए आईजी ने जिले की व्यवस्थाएं परखीं। मतदान स्थलों का निरीक्षण भी किया। पुलिस लाइन में अधीनस्थों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए।साथ ही क्षेत्र में पैदल गश्त कर लोगों से बातचीत की। निकाय चुनाव के लिए 11 मई को मतदान होना है। मंगलवार को आईजी प्रशांत कुमार पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने एसएसपी से निकाय चुनाव को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का ब्यौरा लिया और अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।
देर शाम काफिले के साथ शहर का भ्रमण कर मतदान स्थलों का निरीक्षण किया। आईजी ने कहा कि निकाय चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जायेंगे। कोई आचार संहिता का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शांति पूर्वक चुनाव कराना हमारा दायित्व है और हम इसे पूरी ईमानदारी से पूरा करेंगे। इसके बाद आइजी भरथना में बने एसएवी इंटर कॉलेज में बने मतदान स्थल का निरीक्षण किया। (संवाद)