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बुखार पीड़ित भाई-बहन की हालत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:17 PM IST
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उल्टी-दस्त के डर से बच्चों ने छोड़ा स्कूल
- फोटो : bureau
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ताखा क्षेत्र में बुखार से दो बच्चों की मौत के बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव कनकुआ पहुंची। यहां मृतक निखिल के भाई, बहन और मां की हालत भी बिगड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों को सैफई में भर्ती कराया है। वहीं डेंगू की आशंका पर गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच शुरू कर दी है।
ताखा क्षेत्र में शनिवार को प्राथमिक विद्यालय पटियायत में कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र निखिल निवासी कनकुआ की तेज बुखार से मौत हो गई थी। निखिल का छोटा भाई अनिल और मासूम बहन रजनी भी बुखार पीड़ित हैं। सीएचसी प्रभारी डाक्टर अवधेश यादव ने वहां पहुंच बताया कि झोलाछाप डाक्टर गलत दवाइयां दे रहा था। रविवार को अनिल की हालत और बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक उसके शरीर पर चकत्ते पड़ रहे हैं। जिससे डेंगू की आशंका है। वहीं अनिल की मां को भी बुखार आ जाने पर डाक्टर अवधेश यादव ने एंबुलेंस से तीनों को सैफई भेज दिया है।
उधर रविवार को सीएमओ कार्यालय से आठ डाक्टरों की टीम कनकुआ गांव पहुंची। वहां कैंप लगाकर 65 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां दीं। मलेरिया और डेंगू की आशंका पर गांव में लार्वी सायडल स्प्रे भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डाक्टर जगदीश प्रसाद, प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार, अशोक कुमार शामिल रहे। 28 मरीजों के खून की जांच की गई। डा. अवधेश यादव ने कहा कि निखिल के परिजनों को डेंगू है या नहीं, इसका पता सैफई अस्पताल में रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा।
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ताखा क्षेत्र में शनिवार को प्राथमिक विद्यालय पटियायत में कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र निखिल निवासी कनकुआ की तेज बुखार से मौत हो गई थी। निखिल का छोटा भाई अनिल और मासूम बहन रजनी भी बुखार पीड़ित हैं। सीएचसी प्रभारी डाक्टर अवधेश यादव ने वहां पहुंच बताया कि झोलाछाप डाक्टर गलत दवाइयां दे रहा था। रविवार को अनिल की हालत और बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक उसके शरीर पर चकत्ते पड़ रहे हैं। जिससे डेंगू की आशंका है। वहीं अनिल की मां को भी बुखार आ जाने पर डाक्टर अवधेश यादव ने एंबुलेंस से तीनों को सैफई भेज दिया है।
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उधर रविवार को सीएमओ कार्यालय से आठ डाक्टरों की टीम कनकुआ गांव पहुंची। वहां कैंप लगाकर 65 मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां दीं। मलेरिया और डेंगू की आशंका पर गांव में लार्वी सायडल स्प्रे भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम में डाक्टर जगदीश प्रसाद, प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार, अशोक कुमार शामिल रहे। 28 मरीजों के खून की जांच की गई। डा. अवधेश यादव ने कहा कि निखिल के परिजनों को डेंगू है या नहीं, इसका पता सैफई अस्पताल में रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा।
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