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उम्मीदों के पुल फिर अधूरे, अस्पताल को भी नहीं मिला पैसा

Thu, 26 May 2022 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 11:48 PM IST
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Bridges of hopes are incomplete again, even the hospital did not get money
इटावा। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बजट में उम्मीदों के दो पुलों को धनराशि नहीं मिल पाई। शहर में रामनगर क्रासिंग पर आरओबी और रूरा में यमुना पुल कई वर्ष से प्रस्तावित हैं। मुलायम सिंह यादव की सपनों की इटावा सफारी में बब्बर शेरों का प्रजनन केंद्र के लिए भी बजट नहीं मिला। किसानों को बिजली बिल में छूट और निराश्रित महिलाओं, वृद्धावस्था, दिव्यांग पेंशन दोगुनी कर जरूर कुछ राहत दी गई है।
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रामनगर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव एक दशक से विचाराधीन है। इस बार के बजट में पुल के लिए धन मिलने की उम्मीद थी लेकिन निराशा ही हाथ लगी। इसी तरह सपा सरकार में बने इटावा सफारी पार्क में एशिया टेक बब्बर शेरों का प्रजनन केंद्र भी बनना है। इसके लिए भी योगी सरकार के बजट में जगह नहीं मिली।
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रूरा में यमुना नदी पर पुल निर्माण की उम्मीद भी धूमिल रही। इस पुल के लिए एक सैकड़ा गांव के लोगों बजट में धनराशि मिलने की उम्मीद लगाए थे। इन गांव के लोगों को बढ़पुरा ब्लाक जाने के लिए इटावा का चक्कर लगाना पड़ता है। पुल निर्माण से सीधे पछांयगांव से जुड़ाव हो जाएगा।
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पेंशनधारकों और किसानों को मिलेगा लाभ
इटावा। निराश्रित महिला पेंशन की 30733, वृद्धावस्था के 63260 और दिव्यांग पेंशन के 11200 लाभार्थी हैं। इन लाभार्थियों को पेंशन दुगनी होने का सीधा लाभ मिलेगा। अभी 500 रुपये महीना पेंशन मिलती है, अब 1000 रुपये मिलेंगे। इटावा खंड में 4400 और सैफई खंड में 4255 कुल 8655 निजी नलकूप धारक हैं। इन किसानों को बिजली बिल में 50 फीसदी छूट का लाभ मिलेगा।
अधूरे अस्पताल को भी नहीं मिला पैसा
सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माणाधीन है। अब तक 420 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, करीब 70 करोड़ की जरूरत है। उम्मीद थी कि सरकार इस बार के बजट में निर्माण पूरा करने के लिए धनराशि तय कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। परियोजना सात साल से अटकी है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अंकोलाजी, कार्डियोलाजी, गैस्ट्रो, पलमोनरी, नेफ्रोलाजी, यूरोलाजी, मेडिसिन सर्जरी, पीडियाट्रिक वार्ड, एंडेफिनोलाजी वार्ड, क्लीनिकल हीमोटोइलाजी, कैंसर के मरीजों का इलाज हो सकेगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एके सिंह ने बताया कि बजट मिल जाए तो एक साल में काम पुरा कर लिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में 230 नर्सों के पद खाली
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में इन दिनों डॉक्टर स्टाफ की भारी कमी का सामना कर रहा है। मेडिकल कॉलेजों में नर्सों के पदों पर भर्ती होने से अब सैफई मेडिकल कॉलेज में भी खाली पड़े 230 नर्सों के पद भरने की उम्मीद जागी है। उधर, सैफई में 160 डॉक्टर पर भी रिक्त हैं। बता दें कि मेडिकल कॉलेज में 286 डॉक्टर स्टाफ के पद और नर्स स्टाफ के 765 पद हैं।
सभी वर्गों का ध्यान रखा
अर्थशास्त्री प्रोफेसर आरके अग्रवाल ने कहा कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। किसानों का विशेष रूप से सिंचाई के अलावा सुविधा, शिक्षा, चिकित्सा पर जोर, बच्चों की शिक्षा को आधुनिक ढंग से बढ़ाने, महिला सुरक्षा, विदेशी व स्वदेशी विनियोग को बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर बल दिया गया है।
व्यापारियों को नहीं मिली राहत
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उप्र के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने कहा बजट में कोरोना संक्रमण काल में बंद दुकानों और कारखानों के बिजली बिल और बैंक ब्याज में कोई छूट न मिलने से निराशा हुई है। उप्र में अन्य राज्यों के मुकाबले बिजली की दरें अधिक हैं। जिससे व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो रहा है।
मंडी टैक्स समाप्ति की नहीं हुई घोषणा
व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री आकाशदीप जैन ने कहा बजट में जीएसटी लगने के बाद मंडी टैक्स समाप्त न कर सरकार ने महंगाई को बढ़ावा दिया है। व्यापारियों को बीमा एवं पेंशन भी नहीं दी है, जिससे व्यापारियों को निराशा हुई है। सरकार को व्यापारियों के हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया।

दिव्यांगों को बैटरी वाहन नहीं मिले
जिला विकलांग एसोसिएशन के मंत्री संतोष कुमार त्रिवेदी का कहना है दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन नहीं मिल पा रही है। 80 दिव्यांगों को मिलने वाला बैटरी वाहन नहीं मिल सका। बताया गया पूरा धन नहीं मिला, जो राशि आई वापस करनी पड़ी। अधिकतर अधिकारी बजट न होने की समस्या बताते हैं।
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