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फर्जी सीआईडी अफसर गिरफ्तार, साथी फरार

Sat, 23 Jan 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा।
अमर उजाला ब्यूरो इटावा। Updated Sat, 23 Jan 2016 12:09 AM IST
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Bogus CID officer arrested, fellow escape
नवयुवकों को सीआईडी इंस्पेक्टर बनाने का झांसा देकर ठगी करने वाले फर्जी सीआईडी प्रमुख को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसका साथी अभी फरार है।
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पुलिस ने उसके ठिकाने से फर्जी मोहरें, परिचय पत्र, सैकड़ों पासपोर्ट साइज फोटो सहित एक बोलेरो गाड़ी भी बरामद की है। आरोपी खुद को निर्दोष बताते हुए साथी को इस पूरे प्रकरण का जिम्मेदार ठहराता रहा ।


सिविल लाइंस थाना पुलिस को होमगंज निवासी अतुल वर्मा से सीआईडी में नौकरी लगवाने के नाम पर एक परिचय पत्र देता है और 5600 रुपये वसूल करता है। अतुल को जब कोई नौकरी लगती नजर नहीं आई तो उसने सिविल लाइंस थाने में दो युवकों के खिलाफ तहरीर दी।
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गुरुवार शाम को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भरथना के मेड़ी दुधी निवासी सतेंद्र यादव को नुमाइश ग्राउंड के पास स्थित स्टेडियम गेट पर बोलेरो गाड़ी सहित दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 640 पासपोर्ट फोटो, रसीद बुक, रजिस्टर आदि तमाम फर्जी कागजात बरामद किए।
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 सत्येंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी राहुल सेंगर के घटिया अजमत अली स्थित घर पर बने दफ्तर की तलाशी ली। जहां से सैकड़ों ब्लैंक परिचय पत्र, फर्जी लेटर, कैशबुक, मोहरें आदि बरामद हुईं।

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। सीओ सिटी शिवराज सिंह ने बताया कि मिशन की आड़ में गोरखधंधा चल रहा था। सत्येंद्र और उसका साथी राहुल बेरोजगार लोगों को ठगने का काम करते हैं। सत्येंद्र के पास से बरामद बोलेरोे भी 18 हजार रुपये मासिक किराए पर ली गई है।

उसे फर्जी कागजात तैयार करने, धोखाधड़ी करने टोल प्लाजा, रोडवेज बस, ट्रेन का गलत इस्तेमाल करने की धाराओं में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस उसके साथी राहुल की तलाश में जुटी है। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाएगी।

 
सतेंद्र के पास से मिले सीआईडी इंस्पेक्टर के आईडी कार्ड पर सचिव प्रबल प्रताप सिंह के हस्ताक्षर मिले । जब उससे प्रबल प्रताप सिंह के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह दो साल पहले उनकी मौत हो चुकी है वह राहुल के  पिता थे। वहीं आईडी कार्ड पर किए गए हस्ताक्षर 3 जनवरी के हैं। जब इस बारे में उससे पूछा गया तो बताया कि हस्ताक्षर राहुल करता था।

सिविल लाइंस थानाध्यक्ष राधा मोहन द्विवेदी ने बताया कि आरोपी सत्येंद्र कुमार यादव ने अपने गोरखधंधे को फैलाने के लिए चंबल घाटी विनोवा भावे मिशन का सहारा लेता था।


वो लोगों बताता था कि वह सीआईडी प्रमुख है और इस समय चंबल घाटी विनोवा भावे मिशन पर काम कर रहा है। जब सतेंद्र से मिशन के दस्तावेज मांगे गए तो वह सब कुछ राहुल के पास होने की बात कह कर किनारा करने लगा। उसने बताया कि यह मिशन राष्ट्रपति कार्यालय से संचालित होता है। पुलिस उसके मिशन और साथी राहुल की तलाश में जुटी है।


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