भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे ऋषभ ने मैदान छोड़ा
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बकेवर (इटावा)। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे के बेटे ऋषभ दुबे ने बीडीसी सदस्य पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लिया है। उनके इस कदम को पार्टी में उठे तूफान को थामने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बीडीसी सदस्य का यह चुनाव महेवा ब्लाक प्रमुख के लिए चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण माना जारहा है। मालूम हो कि महेवा ब्लाक के विधीपुर ईकरी से बीडीसी सदस्य रहे डा. समीर त्रिपाठी ने इस्तीफा दे दिया था। वह अब लखना नगर पंचायत के चेयरमैन हैं। ऐसे में विधिपुर ईकरी में बीडीसी सदस्य का उपचुनाव हो रहा है। यहां से भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे के बेटे ऋषभ दुबे, भाजपा नेता गोविंद त्रिपाठी की मां गुलाब देवी, भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य अशोक चौबे, गांव के जयशंकर, बलराम, प्रदीप कुमार, गोविंद स्वरूप ने पर्चा दाखिल किया। भाजपा के तीन उम्मीदवारोें के मैदान में आने से यह चुनाव रोचक हो गया। क्योंकि महेवा ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, जिसकी मतगणना होनी बाकी है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों की अगुवाई भाजपा नेता गोविंद त्रिपाठी की पत्नी रानी त्रिपाठी ने की थी। इसी वजह से गोविंद ने यहां से अपनी मां गुलाब देवी का पर्चा भरकर एक बीडीसी सदस्य बढ़ाने की रणनीति में लगे हैं। भाजपा के अंदरखाने में निगाह रखने वालों की मानें तो जिलाध्यक्ष के बेटे ऋषभ दुबे बीडीसी सदस्य बनकर महेवा ब्लाक प्रमुख पद पर दावेदारी करने की फिराक में थे। इसकी भनक लगते ही भाजपा में खेमेबंदी शुरू हो गई। सूत्रों की मानें तो तीन दिन तक चले समझाइश के बाद ऋषभ ने गुरुवार को अपना पर्चा उठा लिया। ऐसे में भाजपाई एक बार फिर एकजुटता का दावा करने लगे हैं। इस दावे में कितना दम है, यह तो चुनाव के दौरान दिखेगा। अब बीडीसी उम्मीदवार के रूप में गुलाब देवी, नवादा के अशोक चौबे के अलावा गांव के जयशंकर, बलराम, प्रदीप कुमार, गोविंद स्वरूप मैदान में हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष शिव महेश दुबे ने कहा वे जनपद से बाहर हैं। बेटे को ब्लाक प्रमुख बनाने जैसी कोई रणनीति नहीं थी। पार्टी की ओर से गोविंद त्रिपाठी की पत्नी रीना त्रिपाठी ही ब्लाक प्रमुख की प्रत्याशी हैं।