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हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आकर महिला की मौत
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मृतिका राजन श्री की फाइल फोटो
- फोटो : ETAWAH
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सैफई। वैदपुरा थानाक्षेत्र में शनिवार सुबह छत पर गीले कपड़े फैलाने के लिए गई महिला 11 हजार वोल्ट की बिजली की लाइन की चपेट में आ गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने हाई वोल्टेज लाइन हटाए जाने व मुआवजे की मांग को लेकर गांव में करीब दो घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एसडीओ ने लाइन हटाने व महिला के आश्रितों को मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर मामला शांत कराया।
रजमऊ गांव निवासी मजदूर रामदास की पत्नी राजनश्री (52) सुबह कपड़े सुखाने के लिए अपने मकान की छत पर गई थी। वहां रस्सी में फैलाते वक्त वह मकान के ऊपर से गुजरी हाई वोल्टेज लाइन के तार की चपेट में आ गई। राजनश्री की चीख सुनकर परिवार और आसपास के लोग जब तक छत पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार लाइन हटाए की मांग की गई, लेकिन अफसरों ने इसे अनसुना कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों ने मुआवजे की भी मांग की। मांगें पूरी न होने तक अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी व बिजली विभाग के एसडीओ जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। गुस्साए लोगों की मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। तब करीब दो घंटे बाद लोगों का गुस्सा थमा। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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रजमऊ गांव में ही करीब एक साल पहले रघुवर दयाल के 25 वर्षीय बेटे की भी इसी लाइन के चपेट में आने से मौत हो गई थी। तब भी ग्रामीणों ने हंगामा किया था। मकानों के पास से गुजरी हाईवोल्टेज लाइन को हटाए जाने की मांग की थी। घटना को एक साल बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने इस लाइन को नहीं हटाया। न ही गांव में डाली गई पीवीसी लाइन को ही चालू कराया गया। इसको लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी थी।
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रजमऊ गांव निवासी मजदूर रामदास की पत्नी राजनश्री (52) सुबह कपड़े सुखाने के लिए अपने मकान की छत पर गई थी। वहां रस्सी में फैलाते वक्त वह मकान के ऊपर से गुजरी हाई वोल्टेज लाइन के तार की चपेट में आ गई। राजनश्री की चीख सुनकर परिवार और आसपास के लोग जब तक छत पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया।
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ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार लाइन हटाए की मांग की गई, लेकिन अफसरों ने इसे अनसुना कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों ने मुआवजे की भी मांग की। मांगें पूरी न होने तक अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी व बिजली विभाग के एसडीओ जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। गुस्साए लोगों की मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। तब करीब दो घंटे बाद लोगों का गुस्सा थमा। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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रजमऊ गांव में ही करीब एक साल पहले रघुवर दयाल के 25 वर्षीय बेटे की भी इसी लाइन के चपेट में आने से मौत हो गई थी। तब भी ग्रामीणों ने हंगामा किया था। मकानों के पास से गुजरी हाईवोल्टेज लाइन को हटाए जाने की मांग की थी। घटना को एक साल बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने इस लाइन को नहीं हटाया। न ही गांव में डाली गई पीवीसी लाइन को ही चालू कराया गया। इसको लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी थी।