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ई- डिस्ट्रिक बनने में नेट कनेक्टिविटी का रोड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 27 Oct 2015 11:43 PM IST
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साल भर पहले 26 सेवाओं को आनलाइन करने के लिए जिले को ई-डिस्ट्रिक बनाने
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काम शुरू किया गया था, जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। अभी भी दो सरकारी
विभागों में इस योजना के तहत नेट कनेक्टिविटी मुहैया नहीं हुई है। यहीं हाल
सैफई और जसवंतनगर ब्लाक दफ्तरों का है।
इन जगहों पर मीडिया कंवर्टर लगने हैं, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हैं। तमाम कवायद के बाद मुख्यालय स्थित चार सरकारी दफ्तरों में यह मीडिया कंवर्टर लग पाए। इस योजना का सेटअप कंपलीट न होने से विभागों को दूसरे नेटवर्क से काम चलाना पड़ रहा है। जिससे आए दिन बाधा उत्पन्न हो रही है।
जिले को ई-डिस्ट्रिक बनाने की कवायद एक साल पहले शुरू हुई थी। योजना का मकसद यह है कि मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों का ऑनलाइन जुड़ाव हो सके। इससे देहात स्तर पर ही लोगों को आय, जाति, खतौनी, कुटुंब रजिस्टर की नकल, वृद्घावस्था पेंशन आदि कुल 26 सेवाओं का लाभ मिल सके।
इसके लिए कचहरी स्थित राजस्व अतिथि गृह को ई-डिस्ट्रिक सेवा का सेंटर बनाया गया है। तहसील व ब्लाक स्तर पर कंप्यूटर व प्रिंटर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यालय स्थित आठ सरकारी महकमों को भी इस योजना से जोड़ा गया है। जहां सीधे तौर पर पब्लिक का वास्ता रहता है।
लेकिन जिले में यह योजना अभी तक फलीभूत नहीं हो सकी है। आधा अधूरा काम हो सका है। सैफई में तहसील कार्यालय पर तो सिस्टम चल रहा है मगर ब्लाक कार्यालय पर अभी शुरुआत नहीं हुई है। इसी तरह जसवंतनगर में भी ब्लाक कार्यालय पर इसकी शुरुआत नहीं हुई है।
मुख्यालय पर जिन आठ सरकारी दफ्तरों में इस योजना के तहत काम होना था। उनमें डीपीआरओ, डीएसओ, समाज कल्याण व विकलांग कल्याण दफ्तरों में कुछ दिन पूर्व मीडिया कंवर्टर लगा दिए गए। लेकिन जिला प्रोबेेशन और सेवा योजन कार्यालय में अभी भी नेट कनेक्टिविटी शुरू नहीं हुई है।
सीएमओ आफिस में यह सुविधा फिलहाल रेडियो फ्रिक्वेंसी यानी आरएफ कनेक्टिविटी से दी जा रही है। जाहिर है कि जिले को अभी तक ई-डिस्ट्रिक का शत प्रतिशत लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। लिहाजा लोगों को समय की बचत और खर्चे के रूप में इस योजना का जो लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए वह अभी अधूरा है।
इस बाबत ई-डिस्ट्रिक्ट सोसाइटी के मैनेजर शरद कुमार ने बताया की मीडिया कंवर्टर लगाने का काम पूरे प्रदेश में रीको कंपनी के पास है। हाल ही में इस कंपनी ने कुछ विभागों में यह कंवर्टर लगा दिए। जिससे उन विभागों को नेट कनेक्टिविटी मिलना शुरू हो गई।
सैफई में तहसील व ब्लाक के बीच ओएफसी तार के टूटने से समस्या आ रही है। ई-डिस्ट्रिक की दिशा में प्रयास जारी हैं। फिलहाल लोगों को इस योजना का लाभ भी मिल रहा है। - शरद कुमार, मैनेजर,
इन जगहों पर मीडिया कंवर्टर लगने हैं, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हैं। तमाम कवायद के बाद मुख्यालय स्थित चार सरकारी दफ्तरों में यह मीडिया कंवर्टर लग पाए। इस योजना का सेटअप कंपलीट न होने से विभागों को दूसरे नेटवर्क से काम चलाना पड़ रहा है। जिससे आए दिन बाधा उत्पन्न हो रही है।
जिले को ई-डिस्ट्रिक बनाने की कवायद एक साल पहले शुरू हुई थी। योजना का मकसद यह है कि मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों का ऑनलाइन जुड़ाव हो सके। इससे देहात स्तर पर ही लोगों को आय, जाति, खतौनी, कुटुंब रजिस्टर की नकल, वृद्घावस्था पेंशन आदि कुल 26 सेवाओं का लाभ मिल सके।
इसके लिए कचहरी स्थित राजस्व अतिथि गृह को ई-डिस्ट्रिक सेवा का सेंटर बनाया गया है। तहसील व ब्लाक स्तर पर कंप्यूटर व प्रिंटर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही मुख्यालय स्थित आठ सरकारी महकमों को भी इस योजना से जोड़ा गया है। जहां सीधे तौर पर पब्लिक का वास्ता रहता है।
लेकिन जिले में यह योजना अभी तक फलीभूत नहीं हो सकी है। आधा अधूरा काम हो सका है। सैफई में तहसील कार्यालय पर तो सिस्टम चल रहा है मगर ब्लाक कार्यालय पर अभी शुरुआत नहीं हुई है। इसी तरह जसवंतनगर में भी ब्लाक कार्यालय पर इसकी शुरुआत नहीं हुई है।
मुख्यालय पर जिन आठ सरकारी दफ्तरों में इस योजना के तहत काम होना था। उनमें डीपीआरओ, डीएसओ, समाज कल्याण व विकलांग कल्याण दफ्तरों में कुछ दिन पूर्व मीडिया कंवर्टर लगा दिए गए। लेकिन जिला प्रोबेेशन और सेवा योजन कार्यालय में अभी भी नेट कनेक्टिविटी शुरू नहीं हुई है।
सीएमओ आफिस में यह सुविधा फिलहाल रेडियो फ्रिक्वेंसी यानी आरएफ कनेक्टिविटी से दी जा रही है। जाहिर है कि जिले को अभी तक ई-डिस्ट्रिक का शत प्रतिशत लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। लिहाजा लोगों को समय की बचत और खर्चे के रूप में इस योजना का जो लाभ मिलना शुरू हो जाना चाहिए वह अभी अधूरा है।
इस बाबत ई-डिस्ट्रिक्ट सोसाइटी के मैनेजर शरद कुमार ने बताया की मीडिया कंवर्टर लगाने का काम पूरे प्रदेश में रीको कंपनी के पास है। हाल ही में इस कंपनी ने कुछ विभागों में यह कंवर्टर लगा दिए। जिससे उन विभागों को नेट कनेक्टिविटी मिलना शुरू हो गई।
सैफई में तहसील व ब्लाक के बीच ओएफसी तार के टूटने से समस्या आ रही है। ई-डिस्ट्रिक की दिशा में प्रयास जारी हैं। फिलहाल लोगों को इस योजना का लाभ भी मिल रहा है। - शरद कुमार, मैनेजर,