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अरदास की और बनाए पीले चावल
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इटावा। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 साला प्रकाश पर्व शनिवार को कोरोना गाइडलाइन के अनुसार घरों में मनाया गया। घरों में लोगों ने पूजा-पाठ किया और मीठे पीले चावल बनाए गए। श्री गुरुतेग बहादुर साहिब गुरुद्वारा और करमगंज स्थित गुरुद्वारे में सामाजिक दूरी के साथ माथा टेककर कोरोना महामारी से मानव जाति को निजात दिलाने की अरदास की।
पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब में सहज पाठ की समाप्ति हुई। जोगिंदर कौर पोपली ने घर में सहज पाठ का आयोजन किया जो शाम को समाप्त हो गया। इस मौके पर गुरुद्वारा को गुब्बारों से सजाया गया था। शाम को पंजाबी कालोनी में आतिशबाजी कर खुशी जताई।
पंजाबी कालोनी निवासी सुरेंद्र सिंह अरोरा ने बताया शहर में श्री गुरु तेग बहादर जी के नाम पर ओवर ब्रिज, गुरुद्वारा साहिब, बिजली सब स्टेशन भी है। वर्ष 1666 में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरण इटावा में पड़े थे। वह मथुरा,आगरा,इटावा,कानपुर इलाहाबाद अब प्रयागराज होते हुए पटना गए थे।
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पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब में सहज पाठ की समाप्ति हुई। जोगिंदर कौर पोपली ने घर में सहज पाठ का आयोजन किया जो शाम को समाप्त हो गया। इस मौके पर गुरुद्वारा को गुब्बारों से सजाया गया था। शाम को पंजाबी कालोनी में आतिशबाजी कर खुशी जताई।
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पंजाबी कालोनी निवासी सुरेंद्र सिंह अरोरा ने बताया शहर में श्री गुरु तेग बहादर जी के नाम पर ओवर ब्रिज, गुरुद्वारा साहिब, बिजली सब स्टेशन भी है। वर्ष 1666 में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरण इटावा में पड़े थे। वह मथुरा,आगरा,इटावा,कानपुर इलाहाबाद अब प्रयागराज होते हुए पटना गए थे।
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