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पालतू गोवंश की भी पशुपालन विभाग करायेगा टैगिंग
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बकेवर। छुट्टा गोवंश के साथ अब पालतू गोवंशों की भी पशु पालन विभाग टैगिंग कराएगा। इसका फायदा यह होगा कि जो पशुपालक दूध निकालने के बाद पशुओं को छुट्टा छोड़ देते हैं। उनकी पहचान हो सकेगी। उन पशुओं को पकड़कर पशुपालकों के पास पहुंचाया जाएगा। अगली बार ऐसा न करने की चेतावनी दी जाएगी। पशु पालन विभाग अब जल्द ही मवेशियों को टैग लगाने की तैयारी करने में जुट गया है। इस सिस्टम से छुट्टा मवेशी पर तो रोक लगेगी ही किसानों की समस्याएं भी काफी हद तक कम हो सकती है।
अब पालतू गोवंशों को छुट्टा छोड़ने वालों की पहचान हो जाएगी। शासन के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग गोवंशों के नंबर पड़ा टैग लगाएगा। प्रत्येक गोवंश का एक नंबर दिया जाएगा। उसके मालिक का नाम भी फीड रहेगा।
महेवा ब्लॉक में दस हजार से ज्यादा पालतू गोवंश हैं। करीब डेढ़ हजार छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं। सरकार के आदेश पर सभी पालतू पशुओं के कानों में एक टैग लगाया जाएगा। पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर सोमेश निगम ने बताया कि सबसे पहले पालतू गोवंश को टैगिंग की जाएगी। टैग पर लिखे नंबर से उसके मालिक का भी पता लगेगा। ग्राम पंचायतों में घूमने वाले छुट्टा गोवंश के भी टैगिंग की जाएगी। इससे उनकी संख्या का भी अंदाजा लगाया जाएगा साथ ही छुट्टा मवेशियों के कारण फसलों के नुकसान में भी कमी आएगी।
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अब पालतू गोवंशों को छुट्टा छोड़ने वालों की पहचान हो जाएगी। शासन के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग गोवंशों के नंबर पड़ा टैग लगाएगा। प्रत्येक गोवंश का एक नंबर दिया जाएगा। उसके मालिक का नाम भी फीड रहेगा।
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महेवा ब्लॉक में दस हजार से ज्यादा पालतू गोवंश हैं। करीब डेढ़ हजार छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं। सरकार के आदेश पर सभी पालतू पशुओं के कानों में एक टैग लगाया जाएगा। पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर सोमेश निगम ने बताया कि सबसे पहले पालतू गोवंश को टैगिंग की जाएगी। टैग पर लिखे नंबर से उसके मालिक का भी पता लगेगा। ग्राम पंचायतों में घूमने वाले छुट्टा गोवंश के भी टैगिंग की जाएगी। इससे उनकी संख्या का भी अंदाजा लगाया जाएगा साथ ही छुट्टा मवेशियों के कारण फसलों के नुकसान में भी कमी आएगी।
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