फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etawah News ›   all get clean chit in city hospital matter

जिला अस्पताल प्रकरण में सभी को क्लीन चिट

Sat, 06 May 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Sat, 06 May 2017 11:33 PM IST
विज्ञापन
all get clean chit in city hospital matter
प्रतीकात्‍मक - फोटो : प्रतीकात्‍मक

भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में मृत बेटे का शव ले जाने के लिए पिता को एंबुलेंस या शव वाहन न मिलने के मामले में डाक्टर सहित सभी को जांच में क्लीन चिट मिल गई है। चार सदस्यीय जांच दल ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेज दी है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित उदयवीर ने स्वीकार किया है कि उसके पास बाइक थी इस कारण उसने एंबुलेंस या शव वाहन की डिमांड ही नहीं की।

विज्ञापन

ग्राम विक्रमपुर निवासी उदयवीर के बेटे की मौत के बाद जिला अस्पताल में एंबुलेंस न मिलने पर शव कंधे पर ले जाने के मामले की जांच चार सदस्यीय टीम कर रही थी। इस टीम में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गोरेलाल शुक्ला, डॉ. जेपी चौधरी, डॉ. पीके गुप्ता व डॉ. सिद्धार्थ शामिल हैं। जांच दल ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट डीएम सेल्वा कुमारी जे को सौंप दी। डीएम स्तर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। जांच दल की रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ में मृतक पुष्पेंद्र के पिता उदयवीर ने साफ तौर से कहा है कि जब अस्पताल की इमरजेंसी में उसके बेटे को मृत घोषित कर दिया गया तो इसके बाद वह बिना किसी को कोई जानकारी दिए उसे गोद में लेकर अस्पताल से चला आया। उसने अस्पताल में किसी से एंबुलेंस आदि वाहन की मांग नहीं की।  उसके पास बाइक थी और वह अपने एक साथी के साथ उसे बाइक से ही घर लेकर चला गया। इस बयान के बाद जांच दल ने इमरजेंसी में तैनात डाक्टर पीयूष त्रिपाठी, फार्मासिस्ट शरद यादव व वार्ड ब्वाय श्याम बाबू को क्लीन चिट देते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी।
विज्ञापन

शव के लिए एंबुलेंस नहीं, शव वाहन देने क ा है नियम
इटावा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव यादव ने जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी देने के साथ बताया कि जिला अस्पताल में अगर किसी मरीज की मौत होती है तो उसे शव लेकर जाने के लिए शव वाहन दिए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए अस्पताल में एक शव वाहन है और किसी भी अस्पताल कर्मी से इसकी डिमांड की जा सकती है। शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा देने का कोई नियम नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed