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हत्या का प्रयास में दो अभियुक्तों को आवाजीवन कारावास की सजा
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इटावा। लवेदी थाना क्षेत्र के विधिपुरा गांव में करीब आठ साल पहले मां-बेेटे की हत्या के प्रयास में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी (पीए एक्ट) अवधेश कुमार ने शुक्रवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित भी किया। अर्थदंड न देने पर दोनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता एससी/एसटी कोर्ट रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि लवेदी क्षेत्र के विधिपुरा गांव निवासी मन मोहन नट 12 मई 2013 को बरात में बैंडबाजा बजाने बाहर गया था। उसकी पत्नी चंद्रावती बच्चे के साथ घर में लेटी थी। आधी रात को गांव के शिवकुमार नट और लालजी ने चंद्रावती को दबोच लिया और गोली मार दी। बच्चा रोया तो उसे भी एक गोली मार दी। शोरगुल सुनकर पड़ोसी आए, तब तक दोनों भाग चुके थे। चंद्रावती और बच्चे को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। होश में आने पर महिला ने शिव कुमार व लालजी का नाम बताया।
मनमोहन नट ने शिवकुमार व लालजी के खिलाफ हत्या का प्रयास व एससी/एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी (पीए एक्ट) अवधेश कुमार ने दोनों दोषियों शिव कुमार नट और लालजी को को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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शासकीय अधिवक्ता एससी/एसटी कोर्ट रमाकांत चतुर्वेदी ने बताया कि लवेदी क्षेत्र के विधिपुरा गांव निवासी मन मोहन नट 12 मई 2013 को बरात में बैंडबाजा बजाने बाहर गया था। उसकी पत्नी चंद्रावती बच्चे के साथ घर में लेटी थी। आधी रात को गांव के शिवकुमार नट और लालजी ने चंद्रावती को दबोच लिया और गोली मार दी। बच्चा रोया तो उसे भी एक गोली मार दी। शोरगुल सुनकर पड़ोसी आए, तब तक दोनों भाग चुके थे। चंद्रावती और बच्चे को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। होश में आने पर महिला ने शिव कुमार व लालजी का नाम बताया।
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मनमोहन नट ने शिवकुमार व लालजी के खिलाफ हत्या का प्रयास व एससी/एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एससीएसटी (पीए एक्ट) अवधेश कुमार ने दोनों दोषियों शिव कुमार नट और लालजी को को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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