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सात पंचायतों में किराए पर मिलेगी पराली काटने की मशीन
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इटावा। किसानों को अब पराली काटने के लिए किराये पर मशीनें मुहैया होंगी। इससे वे पराली न जलाएं और कृषि यंत्रों से उसके छोटे छोटे टुकड़े करके खेतों में पड़ा रहने देें, ताकि जैविक खाद तैयार हो सके। चकरनगर छोड़कर जिले की सभी सात ब्लॉकों की एक-एक पंचायत में यह सुविधा दी जा रही है।
धान की फसल पकने को तैयार है। किसान फसल कटने के बाद पराली न जलाएं। कृषि विभाग और प्रशासन के स्तर से इस वास्ते एक तरफ किसानों को जागरूक और आगाह किया जा रहा। उन्हें बताया जा रहा कि पराली जलाने से पर्यावरण को कितना नुकसान हो रहा और ऐसा करने पर उन्हें जुर्माना व जेल की सजा भी मिल सकती है। दूसरी तरफ ऐसी मशीनें भी मुहैया कराने के प्रयास चल रहे, जिससे पराली जलाए बगैर नष्ट किया जा सके। इसी कड़ी में चकरनगर को छोड़कर शेष सात ब्लॉक क्षेत्रों की एक-एक ग्राम पंचायत चिंहित की जा चुकी है। जहां किसानों को पराली के टुकड़े करने वाली आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध होंगी।
उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि चिह्नित पंचायतें पांच लाख रुपये से 3-4 कृषि यंत्रों की खरीद कर रहीं हैं। चकरनगर में धान की पैदावार नहीं होती है। इसलिए इस ब्लॉक की कोई पंचायत शामिल नहीं है। शेष सात ब्लॉकों से एक एक पंचायत को शामिल किया गया है। सैफई ग्राम पंचायत को छोड़कर शेष चिह्नित पंचायतों को धनराशि मुहैया कराई जा चुकी है। इसमें कृषि भवन से 4-4 लाख रुपये और खुद पंचायत के स्तर से एक एक लाख रुपये दिए गए हैं।
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भरथना क्षेत्र की रमायन महमूदपुर पंचायत की प्रधान विमलादेवी के प्रतिनिधि मंगल कुमार ने बताया कि कुछ कृषि यंत्रों की खरीद हो चुकी है। कुछ और खरीदे जाने हैं। धान की फसल भी 10-12 दिन में पक जाएगी। इससे उनके क्षेत्र के करीब आधा सैकड़ा किसानों को फायदा मिलेगा।
मशीन के एवज में किसान से लिया जाने वाला किराया शासन से तय होगा। उप कृषि निदेशक ने बताया कि दो तीन दिन में इसे निर्धारित कर लिया जाएगा। उसी हिसाब से प्रधान किराया लेंगे, जो बैंक खाते में पहुंचेगा।
पहले किसान धान की कटाई हाथों से करते थे। लिहाजा खेत में कोई पराली नहीं बचती थी। जब से कंबाइन मशीन का प्रयोग होने लगा। तब से यह समस्या खड़ी हुई है। समय और मेहनत बचाने के लिए किसान ऐसा करते रहे हैं।
कृषि यंत्रों की खरीद करने के लिए महेवा ब्लॉक की निवाड़ीकला, भरथना की रमायन महमूदपुर, ताखा की ताखा, बढ़पुरा की कैशोपुर जादोंपुर, बसरेहर की चौबिया, सैफई की लरखौर, जसवंतनगर की मोहब्बतपुर जसोहन ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
चिह्नित पंचायतों ने कृषि मशीनों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें मास्कियो सुपर सीडर, मल्चर, श्रब मास्टर, पैडी स्ट्रा चोकर, जीरो ड्रिल व रीपर राइनो सेल्फ प्रोपेल्ड मशीनें शामिल हैं।
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धान की फसल पकने को तैयार है। किसान फसल कटने के बाद पराली न जलाएं। कृषि विभाग और प्रशासन के स्तर से इस वास्ते एक तरफ किसानों को जागरूक और आगाह किया जा रहा। उन्हें बताया जा रहा कि पराली जलाने से पर्यावरण को कितना नुकसान हो रहा और ऐसा करने पर उन्हें जुर्माना व जेल की सजा भी मिल सकती है। दूसरी तरफ ऐसी मशीनें भी मुहैया कराने के प्रयास चल रहे, जिससे पराली जलाए बगैर नष्ट किया जा सके। इसी कड़ी में चकरनगर को छोड़कर शेष सात ब्लॉक क्षेत्रों की एक-एक ग्राम पंचायत चिंहित की जा चुकी है। जहां किसानों को पराली के टुकड़े करने वाली आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध होंगी।
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उप कृषि निदेशक एके सिंह ने बताया कि चिह्नित पंचायतें पांच लाख रुपये से 3-4 कृषि यंत्रों की खरीद कर रहीं हैं। चकरनगर में धान की पैदावार नहीं होती है। इसलिए इस ब्लॉक की कोई पंचायत शामिल नहीं है। शेष सात ब्लॉकों से एक एक पंचायत को शामिल किया गया है। सैफई ग्राम पंचायत को छोड़कर शेष चिह्नित पंचायतों को धनराशि मुहैया कराई जा चुकी है। इसमें कृषि भवन से 4-4 लाख रुपये और खुद पंचायत के स्तर से एक एक लाख रुपये दिए गए हैं।
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भरथना क्षेत्र की रमायन महमूदपुर पंचायत की प्रधान विमलादेवी के प्रतिनिधि मंगल कुमार ने बताया कि कुछ कृषि यंत्रों की खरीद हो चुकी है। कुछ और खरीदे जाने हैं। धान की फसल भी 10-12 दिन में पक जाएगी। इससे उनके क्षेत्र के करीब आधा सैकड़ा किसानों को फायदा मिलेगा।
मशीन के एवज में किसान से लिया जाने वाला किराया शासन से तय होगा। उप कृषि निदेशक ने बताया कि दो तीन दिन में इसे निर्धारित कर लिया जाएगा। उसी हिसाब से प्रधान किराया लेंगे, जो बैंक खाते में पहुंचेगा।
पहले किसान धान की कटाई हाथों से करते थे। लिहाजा खेत में कोई पराली नहीं बचती थी। जब से कंबाइन मशीन का प्रयोग होने लगा। तब से यह समस्या खड़ी हुई है। समय और मेहनत बचाने के लिए किसान ऐसा करते रहे हैं।
कृषि यंत्रों की खरीद करने के लिए महेवा ब्लॉक की निवाड़ीकला, भरथना की रमायन महमूदपुर, ताखा की ताखा, बढ़पुरा की कैशोपुर जादोंपुर, बसरेहर की चौबिया, सैफई की लरखौर, जसवंतनगर की मोहब्बतपुर जसोहन ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं।
चिह्नित पंचायतों ने कृषि मशीनों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें मास्कियो सुपर सीडर, मल्चर, श्रब मास्टर, पैडी स्ट्रा चोकर, जीरो ड्रिल व रीपर राइनो सेल्फ प्रोपेल्ड मशीनें शामिल हैं।