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आदेश के बाद भी पुराने नोटों से नहीं मिला खाद-बीज

Thu, 24 Nov 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
अमर उजाला ब्यूरो इटावा Updated Thu, 24 Nov 2016 11:22 PM IST
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After ordering seeds and fertilizers also found old notes
साधन सहकारी समिति बकेवर का भवन। - फोटो : अमर उजाला

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केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी सरकारी खाद व बीज की दुकानों पर पुराने 500 के नोटों से किसानों को खाद-बीज नहीं मिल रहा है। समिति के अधिकारी कोई आदेश न आने की बात कह रहे हैं।

 किसानों के सामने सबसे अधिक समस्या नई करेंसी की है। इनके न मिलने से कई बाधाएं आ रही है। किसान न तो प्राइवेट नलकूपों से खेतों का पलेवा कर पा रहे हैं और न ही अन्य काम। यही स्थिति खाद, बीज की है। महेवा विकास खंड में करीब एक दर्जन सहकारी समितियां और संघों से किसानों को खाद दी जा रही है, इन केन्द्रों पर एनपी की उपलब्धता तो है मगर यूरिया और डीएपी गायब है।
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ऐसे में फुटकर की समस्या को लेकर सरकारी बीज भंडारों से अनुदानित बीज नहीं बंट पा रहा है। बीज, खाद के संकट से रबी फसल की बुआई पिछड़ती जा रही है। जबकि केंद्र सरकार ने बीज वितरण केंद्रों पर पुराने पांच सौ की नोट से बीज देने की घोषणा की है, मगर यहां से बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ग्राम दुर्गापुरा निवासी पूर्व प्रधान व किसान गोविंद सिंह बताते है कि वह पांच सौ रुपये की नोट लेकर सहकारी समिति बकेवर पर गेहूं का बीज लेने गए थे, वहां मौजूद समिति के सचिव ने पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया।
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रमऊपुरा निवासी किसान अजय कुमार ने बताया वह लगातार पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं कि पुराने नोट बदल कर वह बीज खरीद सके। मगर वह नोट नहीं बदल सके। जब वह आदेश के अनुसार पुराने नोट लेकर बकेबर समिति पर बीज लेने गए तो वहां मौजूद लोगों ने नोट लेने से इंकार कर दिया। इस संबंध में जब सहकारी समिति के सचिव राजीव गोयल से बात की तो उन्होंने बताया कि पुराने 500 के नोट से बीज की बिक्री का आदेश अभी तक नहीं आया है।
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