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अफ्रीकी शेरों के डाक्टरों से मांगी मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Thu, 14 Jan 2016 12:25 AM IST
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शेरनी तपस्या की मौत के बाद शेरनी जेसिका और शेर पटौदी में संक्रमण पाए
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जाने के बाद सफारी प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। मुख्यमंत्री भी इसके प्रति
बेहद चिंतित हैं और विदेशी पशु चिकित्सकों के संपर्क में जुटे हैं। सरकार
ने अफ्रीकी शेरों के डाक्टरों के अलावा इंग्लैंड के पशु चिकित्सा
विशेषज्ञों से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
लायन सफारी में गुजरात से पहुंचे तीन शेरों में से शेष बचे शेर पटौदी व शेरनी जेसिका में भी जुएं व किलौरी से ग्रस्त होने के चलते बबेसिया बीमारी के लक्ष्ण मिले हैं। इससे निपटने के लिए न सिर्फ सफारी प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए है बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
इसके लिए लौंगलीट सफारी इग्लैंड व बब्बर शेर बहुल क्षेत्र अफ्रीका के साथ बोत्स्वाना के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं पं दीनदयाल पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय मथुरा के विशेषज्ञ व कानपुर प्राणी उद्यान के पशु चिकित्सक के सहयोग से दोनों शेरों का इलाज किया जा रहा है।
आरवीआरआई विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है। इसके साथ ही पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के डा. एबी श्रीवास्तव से भी इलाज के लिए सलाह ली जा रही है। लॉयन सफारी में मौजूद डाक्टरों की टीम 24 घंटे पटौदी व जेसिका की निगरानी कर रहे हैं।
मंगलवार को शेरों के एक बार फिर ब्लड सैंपल लिए गए थे। उनकी रिपोर्ट भी आइवीआरआई बरेली से आ गई है। जिसमें संक्रमण स्थिर पाया गया है। इससे सफारी प्रशासन ने जरूर राहत की थोड़ा सांस ली है।
लायन सफारी में गुजरात से पहुंचे तीन शेरों में से शेष बचे शेर पटौदी व शेरनी जेसिका में भी जुएं व किलौरी से ग्रस्त होने के चलते बबेसिया बीमारी के लक्ष्ण मिले हैं। इससे निपटने के लिए न सिर्फ सफारी प्रशासन एड़ी चोटी का जोर लगाए है बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
इसके लिए लौंगलीट सफारी इग्लैंड व बब्बर शेर बहुल क्षेत्र अफ्रीका के साथ बोत्स्वाना के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं पं दीनदयाल पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय मथुरा के विशेषज्ञ व कानपुर प्राणी उद्यान के पशु चिकित्सक के सहयोग से दोनों शेरों का इलाज किया जा रहा है।
आरवीआरआई विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है। इसके साथ ही पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के डा. एबी श्रीवास्तव से भी इलाज के लिए सलाह ली जा रही है। लॉयन सफारी में मौजूद डाक्टरों की टीम 24 घंटे पटौदी व जेसिका की निगरानी कर रहे हैं।
मंगलवार को शेरों के एक बार फिर ब्लड सैंपल लिए गए थे। उनकी रिपोर्ट भी आइवीआरआई बरेली से आ गई है। जिसमें संक्रमण स्थिर पाया गया है। इससे सफारी प्रशासन ने जरूर राहत की थोड़ा सांस ली है।