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प्रशासन ने गैंग लीडर के आगे टेके घुटने
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
Updated Tue, 14 Apr 2015 12:02 AM IST
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फिरोजाबाद निवासी गैंग लीडर विजया यादव पर वहां दो दर्जन से ज्यादा संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर हत्या, लूट और अपहरण के भी मुकदमे हैं। वहां पर जेल में उसकी गतिविधियां ठीक नहीं थीं। इस पर उसे वहां से इटावा जेल ट्रांसफर किया गया है। इससे पहले उसके गैंग के दो दर्जन से ज्यादा बंदी इटावा जेल में बंद हैं। इनके उपद्रव के आगे प्रशासन फिलहाल बैकफुट पर नजर आ रहा है।
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गैंग लीडर विजया यादव शनिवार को दोपहर बाद जेल में आई थी। उस समय वह दुपट्टे से अपना पूरा चेहरा ढके थी। जेल में दाखिल होने से पहले उसे अपना चेहरा खोलने को कहा गया तो वह भड़क गई। इस पर जेलर ने उसकी तलाशी के लिए महिला सिपाहियों को बुलाया।
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वह तलाशी लेने लगी तो वह मारपीट पर उतारू हो गई थी। उसके गैंग के दो दर्जन से ज्यादा साथी जेल में पहले से हैं। उनको इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने जेल के अंदर हंगामा कर दिया। जेल के अंदर उनकी दबंगई चलती है। इस समय साढ़े सोलह सौ बंदियों में एक हजार बंदी 28 साल तक की उम्र के हैं।
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बंदियों ने शनिवार को हंगामा किया। वह जेल अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने लगे। इस पर पुलिस अधिकारियों ने मामला शांत करने के लिए जेल अफसरों समेत कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि फिरोजाबाद में उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती और लूट के 35 मामले दर्ज हैं। काफी दिनों से वह फिरोजाबाद जेल में बंद है। उसकी हरकतों से वहां का जेल प्रशासन परेशान था। इस पर उसे गृहजनपद की जेल से हटाकर इटावा भेजा गया है।
जेल अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से सवाल पर एसएसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है। आगे तो विवेचना में पता चलता कि उसके आरोप सही हैं या गलत। उनका कहना है कि जेल में कोई भी बंदी आता है तो उसकी तलाशी ली जाती है।
डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि महिला की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। उसकी जांच कराई जा रही है। जेलर समर बहादुर सिंह व डा. दयानंद सिंह यादव को हटा दिया गया है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।