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पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की जान गई
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इटावा। ससुराल से बहन को लेने जा रहे बाइक सवार युवक को बृहस्पतिवार को चंद्रपुरा रजबहे के पास पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक शव सड़क पर पड़ा रहा। पुलिस के रवैये को लेकर लोगों में काफी गुस्सा रहा।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी राजेश राठौर (28) पुत्र भारत सिंह बृहस्पतिवार सुबह बाइक से बहन को लेने उसके ससुराल जा रहा था। उसकी बहन मैनपुरी जिले के कृपालपुर गांव में तीन बच्चों के साथ रह रही है। बहनोई आदेश राठौर पंजाब में मजदूरी करता है। फिलहाल लॉकडाउन के चलते वह वहीं फंसा है। आदेश ने ही राजेश को फोन करके कहा था कि उसकी पत्नी व बच्चों को बकौली गांव ले आए। क्योंकि कृपालपुर में उसके परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो रही है।
राजेश बाइक से जाते समय ग्वालियर-बरेली हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे ऊसराहार थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा रजबहे के पास हादसे का शिकार हो गया। उसकी बाइक में एक पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। वह सड़क के किनारे बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। मौके पर उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर बहन के ससुरालीजन व बकौली गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर ऊसराहार थाना के दरोगा विनेश जादौन व एक सिपाही भी मौके पर जा पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। उसके बाद पंचनामा भरने और शव को उठाने में देरी की। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजन रोते बिलखते रहे। राजेश की 26 अप्रैल को शादी हुई थी।
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पुलिस के स्तर से हुई देरी को लेकर ऊसराहार थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिजनों ने खुद पहले मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। शव का पंचनामा भरने आदि कार्यों में कुछ समय लगा। लॉकडाउन की वजह शव के लिए वाहन की व्यवस्था करने में भी देरी हुई। इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने में वक्त लगा है।
भाई राजेश की हादसे में मौत की खबर मिलने पर बहन और उसके ससुरालीजन मौके पर पहुंचे। भाई का शव देख बहन सदमे से बेहोश हो गई। परिजन उसे गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। वहीं शव को उठाने में देरी के चलते गुस्साए गांव वालों की पुलिस से बहस होती रही। कृपालपुर गांव के विजय सिंह, सुभाष व मकरंदपुर गांव के लक्ष्मण ने बताया कि तीन घंटे में पुलिस ने कुछ नहीं किया। मौके पर पहुंचे मृतक के भरथना निवासी साले ने सरसईनावर गांव जाकर कपड़ा खरीदा। जिससे राजेश के लहूलुहान शव को ढंका गया। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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ऊसराहार थाना क्षेत्र के बकौली गांव निवासी राजेश राठौर (28) पुत्र भारत सिंह बृहस्पतिवार सुबह बाइक से बहन को लेने उसके ससुराल जा रहा था। उसकी बहन मैनपुरी जिले के कृपालपुर गांव में तीन बच्चों के साथ रह रही है। बहनोई आदेश राठौर पंजाब में मजदूरी करता है। फिलहाल लॉकडाउन के चलते वह वहीं फंसा है। आदेश ने ही राजेश को फोन करके कहा था कि उसकी पत्नी व बच्चों को बकौली गांव ले आए। क्योंकि कृपालपुर में उसके परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो रही है।
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राजेश बाइक से जाते समय ग्वालियर-बरेली हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे ऊसराहार थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा रजबहे के पास हादसे का शिकार हो गया। उसकी बाइक में एक पिकअप गाड़ी ने टक्कर मार दी। वह सड़क के किनारे बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। मौके पर उसकी मौत हो गई। खबर मिलने पर बहन के ससुरालीजन व बकौली गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर ऊसराहार थाना के दरोगा विनेश जादौन व एक सिपाही भी मौके पर जा पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। उसके बाद पंचनामा भरने और शव को उठाने में देरी की। सुबह करीब साढ़े नौ बजे शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के परिजन रोते बिलखते रहे। राजेश की 26 अप्रैल को शादी हुई थी।
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पुलिस के स्तर से हुई देरी को लेकर ऊसराहार थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि परिजनों ने खुद पहले मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। शव का पंचनामा भरने आदि कार्यों में कुछ समय लगा। लॉकडाउन की वजह शव के लिए वाहन की व्यवस्था करने में भी देरी हुई। इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने में वक्त लगा है।
भाई राजेश की हादसे में मौत की खबर मिलने पर बहन और उसके ससुरालीजन मौके पर पहुंचे। भाई का शव देख बहन सदमे से बेहोश हो गई। परिजन उसे गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। वहीं शव को उठाने में देरी के चलते गुस्साए गांव वालों की पुलिस से बहस होती रही। कृपालपुर गांव के विजय सिंह, सुभाष व मकरंदपुर गांव के लक्ष्मण ने बताया कि तीन घंटे में पुलिस ने कुछ नहीं किया। मौके पर पहुंचे मृतक के भरथना निवासी साले ने सरसईनावर गांव जाकर कपड़ा खरीदा। जिससे राजेश के लहूलुहान शव को ढंका गया। उसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।