{"_id":"75285","slug":"Etawah-75285-33","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहर्ताओं के चंगुल से छूटा युवक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपहर्ताओं के चंगुल से छूटा युवक
Etawah
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
भरथना (इटावा)। अपहर्ताओं को चकमा देकर एक युवक उनके चंगुल से निकल भागने में कामयाब रहा। सूचना मिली तो पुलिस युवक को अपने साथ चौकी पर ले आई। युवक की कहानी सुनने के बाद पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। पुलिस की माने तो युवक के लापता होने की कोई गुमशुदगी भी दर्ज नहीं है।
नगर के इटावा मार्ग के चौराहे पर एक चाय की दुकान पर अनिल कुमार रहदास निवासी ग्राम महतुआ थाना इकदिल ने लोगों को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट कर आया है। यह सुनकर किसी ने कस्बा चौकी पुलिस को सूचना दे दी। चौकी प्रभारी उसे अपने साथ ले गए। युवक अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि गत 30 मार्च को वह इटावा से मजदूरी करके साइकिल से अपने घर आ रहा था। नहर के पास कुछ लोगों ने उसे पकड़कर मारपीट की। उसकी साइकिल और जेब में पड़े 160 रुपए छीन लिए। बकौल युवक उसे मार्शल में डालकर आसई के बीहड़ ले गए। वहां उसे कभी गड्ढे में तो कभी खेतों में आंखों में पट्टी बंाधकर रखा गया। अपहरणकर्ताओं के गैंग में छह पुरुष और दो महिलाएं थीं। महिलाए भी हाथों में बंदूक लिए रहती थीं। उसके साथ हर रोज मारपीट की जाती थी। दो दिन पूर्व एक किसान ने उसे बंधा हुआ पाया तो उसके हाथ पैर खोल दिए। उसने किसान को आपबीती बताई तो वह किसान उसे अपने एक परचित के माध्यम से रेलवे लाइन के किनारे छोड़ गया। रेलवे पटरी पर चलते-चलते वह भरथना आ पहुंचा।
कस्बा चौकी प्रभारी बदन सिंह ने कहा कि युवक की कहानी की सच्चाई जानने के लिए इकदिल थाना पुलिस से संपर्क किया गया तो वहां ऐसे किसी गुमशुदगी के दर्ज होने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मामला कोई और भी हो सकता है। पुलिस छानबीन में जुटी है। युवक के परिजनों को सूचना कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के इटावा मार्ग के चौराहे पर एक चाय की दुकान पर अनिल कुमार रहदास निवासी ग्राम महतुआ थाना इकदिल ने लोगों को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूट कर आया है। यह सुनकर किसी ने कस्बा चौकी पुलिस को सूचना दे दी। चौकी प्रभारी उसे अपने साथ ले गए। युवक अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि गत 30 मार्च को वह इटावा से मजदूरी करके साइकिल से अपने घर आ रहा था। नहर के पास कुछ लोगों ने उसे पकड़कर मारपीट की। उसकी साइकिल और जेब में पड़े 160 रुपए छीन लिए। बकौल युवक उसे मार्शल में डालकर आसई के बीहड़ ले गए। वहां उसे कभी गड्ढे में तो कभी खेतों में आंखों में पट्टी बंाधकर रखा गया। अपहरणकर्ताओं के गैंग में छह पुरुष और दो महिलाएं थीं। महिलाए भी हाथों में बंदूक लिए रहती थीं। उसके साथ हर रोज मारपीट की जाती थी। दो दिन पूर्व एक किसान ने उसे बंधा हुआ पाया तो उसके हाथ पैर खोल दिए। उसने किसान को आपबीती बताई तो वह किसान उसे अपने एक परचित के माध्यम से रेलवे लाइन के किनारे छोड़ गया। रेलवे पटरी पर चलते-चलते वह भरथना आ पहुंचा।
विज्ञापन
कस्बा चौकी प्रभारी बदन सिंह ने कहा कि युवक की कहानी की सच्चाई जानने के लिए इकदिल थाना पुलिस से संपर्क किया गया तो वहां ऐसे किसी गुमशुदगी के दर्ज होने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मामला कोई और भी हो सकता है। पुलिस छानबीन में जुटी है। युवक के परिजनों को सूचना कर दी गई है।
विज्ञापन