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गूगल मैप बताएगा क्राइम जोन

Thu, 11 Dec 2014 05:30 AM IST
Etawah
Etawah Updated Thu, 11 Dec 2014 05:30 AM IST
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इटावा। बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने की कवायद की जा रही है। अपराधों को रोकने के लिए अब पुलिस गूगल क्राइम मैपिंग की मदद लेगी। इसके लिए पुलिस ने सेटअप तैयार कर लिया है। बीते वर्षों में हुए अपराधों का आंकड़ा जुटाया गया है। एसएसपी ने बुधवार को थानाध्यक्षों के साथ बैठक करके बढ़ते क्राइम को रोकने पर मंथन किया। इसके बाद उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को क्राइम कंट्रोल का मंत्र भी दिया।
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गूगल मैपिंग सिस्टम गूगल मैप पर आधारित है। इस तकनीकी के तहत बीते वर्षों में हुई हत्याओं, लूट, डकैती, चोरी, बलात्कार, छिनैती आदि वारदातों का रिकार्ड तैयार किया गया है। तैयार रिकार्ड के आधार पर थानों और क्राइम जोन एरिया चिह्नित किए गए हैं। वारदात का वक्त और दिन भी निकालने की कोशिश की गई है। बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में थानाध्यक्षों की बैठक के बाद एसएसपी डॉ. दिनेश सिंह की उपस्थिति में गूगल क्राइम मैपिंग सिस्टम के बारे में प्रोजेक्टर के जरिए जानकारी दी गई। बताया गया कि किस थाने में लूट, चोरी, डकैती और हत्याओं की कितनी वारदातें हुई हैं। लूट की वारदात सबसे ज्यादा किस दिन और किस वक्त हुई हैं। इसी तरह चोरी और डकैती की वारदातें किस दिन और किस वक्त हुए हैं। गूगल क्राइम मैपिंग सिस्टम से बताया गया कि वर्ष 2014 में अब तक सबसे ज्यादा डकैती की वारदात इकदिल थाना क्षेत्र में हुई हैं। कुल 8 डकैती की वारदातों में से पांच इकदिल थाना क्षेत्र में ही हुई हैं। वारदात रात 1 से तीन बजे के बीच हुई। इसी तरह बताया गया कि 2014 में अब तक चोरी की कुल 115 वारदातें हुईं, जिसमें से सबसे अधिक 28 सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। चोरों ने शनिवार और रविवार का दिन वारदात को अंजाम देने के लिए चुना।
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ऐसे दुरुस्त होगी पुलिसिंग
सवाल यह है कि गूगल क्राइम मैपिंग सिस्टम से किस तरह अपराधों पर अंकुश लगेगा। इस संबंध में एसएसपी डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि गूगल मैपिंग सिस्टम के आधार पर क्राइम जोन को चिह्नित किया गया है। उन थानों को चिह्नित किया गया है जहां सबसे ज्यादा अपराध होते हैं। ऐसे में क्राइम जोन एरिया में अधिक गश्त और पिकेट लगाई जाएगी। इसके साथ ही अपराध के ग्राफ के हिसाब से थाने में फोर्स की तैनाती की जाएगी। वारदात के वक्त का भी ख्याल रखा जाएगा और उस वक्त विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा निश्चित तौर पर इस नई व्यवस्था से क्राइम कंट्रोल करने में पुलिस को सहूलियत मिलेगी।
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