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साहब! जेठों ने पिता को पुलिस से जलवाया
Etawah
Updated Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
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इटावा/जसवंतनगर। शनिवार को थाने के लॉकअप में बंदी द्वारा खुद को आग लगाने की घटना के बाद से थाने में सनाटा छाया हुआ है। इस मामले में पुलिस अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। वहीं कल्लू की बेटी ने अपने जेठों पर आरोप लगाकर मामले में नया मोड ला दिया है। उसका कहना है कि उसके जेठों ने पुलिस के सहयोग से हवालात के अंदर मिट्टी का तेल डालकर पिता को जिंदा जलाने की कोशिश की है। गुजारा भत्ता का मामला वापस लेने के लिए आरोपी पिता पर लगातार दबाव बना रहे थे। उनके खिलाफ अपहरण की एफआईआर झूठी है। पुलिस अब उसे पिता से मिलने नहीं दे रही है।
मालूम हो कि शनिवार को जसवंतनगर कोतवाली के लॉकअप में बंद अपहरण के आरोपी कल्लू आग से झुलस गया। पुलिस का कहना है कि उसने खुद अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई। रविवार को इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। मां अनीसा बेगम के साथ कल्लू की बेटी आशमा एसएसपी से मिलने उनके आवास पहुंची। बेटी ने एसएसपी को एक प्रार्थनापत्र देकर बताया कि 17 नवंबर को पुलिस उसके पिता को पकड़कर थाने ले आई थी। पुलिस रोज उन्हें पीटती थी। उसने अपने ससुरालीजनों के खिलाफ गुजारा भत्ता के लिए केस दायर किया है। उसके जेठ व अन्य ससुरालीजन उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे और इसी के चलते ससुरालीजनाें ने पिता के खिलाफ अपहरण का झूठा मामला दर्ज कराया।
आशमा ने कहा कि शनिवार को वह अपने पिता को खाना व कपड़ा देने गई थी। पुलिस ने खाना व कपड़ा लेकर उसे थाने से भगा दिया। वह गेट के पास बैठी थी कि उसके जेठ थाने में घुसते दिखाई दिए। आरोप है कि जेठों ने पुलिस की सांठगांठ से उसके पिता के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर लॉकअप में ही आग लगा दी। उसकी सूचना पर मोहल्ले वाले आए तब तक उसके पिता को सैफई भेज दिया गया। यहां उसके पिता जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। वह पिता से मिलने गई तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने मिलने नहीं दिया। वहीं कोतवाली के डे अफसर विनोद कुमार दुबे की ओर से कल्लू के विरुद्ध आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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मालूम हो कि शनिवार को जसवंतनगर कोतवाली के लॉकअप में बंद अपहरण के आरोपी कल्लू आग से झुलस गया। पुलिस का कहना है कि उसने खुद अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई। रविवार को इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। मां अनीसा बेगम के साथ कल्लू की बेटी आशमा एसएसपी से मिलने उनके आवास पहुंची। बेटी ने एसएसपी को एक प्रार्थनापत्र देकर बताया कि 17 नवंबर को पुलिस उसके पिता को पकड़कर थाने ले आई थी। पुलिस रोज उन्हें पीटती थी। उसने अपने ससुरालीजनों के खिलाफ गुजारा भत्ता के लिए केस दायर किया है। उसके जेठ व अन्य ससुरालीजन उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे और इसी के चलते ससुरालीजनाें ने पिता के खिलाफ अपहरण का झूठा मामला दर्ज कराया।
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आशमा ने कहा कि शनिवार को वह अपने पिता को खाना व कपड़ा देने गई थी। पुलिस ने खाना व कपड़ा लेकर उसे थाने से भगा दिया। वह गेट के पास बैठी थी कि उसके जेठ थाने में घुसते दिखाई दिए। आरोप है कि जेठों ने पुलिस की सांठगांठ से उसके पिता के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर लॉकअप में ही आग लगा दी। उसकी सूचना पर मोहल्ले वाले आए तब तक उसके पिता को सैफई भेज दिया गया। यहां उसके पिता जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। वह पिता से मिलने गई तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने मिलने नहीं दिया। वहीं कोतवाली के डे अफसर विनोद कुमार दुबे की ओर से कल्लू के विरुद्ध आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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