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हल्ला-गुल्ला से परहेज, सिर्फ वोटिंग की बात
Etawah
Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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इटावा। इसे चुनाव आयोग की मेहनत और लोगों में जागरूकता का असर ही कहें कि शहर के बूथों पर मतदान के दौरान एक-दूसरे के धुर विरोधी कार्यकर्ताओं में सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं से ज्यादा वोटर सजगता बरतते दिखे। कहा जाए तो इस बार शहर के अंदर बूथाें पर एक योजनाबद्ध ढंग से वोटिंग हुई। हर दल का मूल मकसद यही दिखा कि हल्ला-गुल्ला कतई न होने पाए। अलग-अलग बूथों पर जो नजारा हमने देखा वह आपके सामने पेश है।
मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया था। सुबह दस बजे तक महाराणा प्रताप जूनियर हाईस्कूल मतदान केंद्र पर करीब 15 फीसदी मतदान हो चुका था। कटरा साहब खां और सेवा कली मोहल्ला आदि मोहल्लों के लोग सुबह उठकर सबसे पहले वोट डालने पहुंचे। यहां पैरामिलिट्री की जगह सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। अंदर भाजपा और सपा के एजेंट और कुछ पुलिसकर्मी मिले। भीड़ अब तक छंट चुकी थी। लोग आराम से अपना वोट डाल रहे थे। बगल में ही कन्या जूनियर हाईस्कूल मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतार दिखी। पता चला कि शाहकमर मोहल्ला के वोटर हैं। यहां भी तीन बूथों पर मतदान हो रहा था। पैरामिलिट्री की जगह सामान्य पुलिस तैनात थी। सीसीटीवी कैमरा लगा था। इसी बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट विनोद प्रकाश जायजा लेने पहुंचे। बताया कि शांतिपूर्ण ढंग से वोटिंग चल रही है। यह भी कहा कि चूंकि बूथ संवेदनशील नहीं है, इसलिए पैरामिलिट्री फोर्स नहीं लगाई गई है। ----
महिला का वोट कोई और डाल गया
यहां से खालसा स्कूल के मतदान केंद्र पहुंचे तो यहां अपेक्षाकृत अधिक चहलपहल नजर आई। केंद्र पर पांच बूथ होने की वजह से पैरामिलेट्री लगी दिखी। धूप के बीच वोटर कतार में लगे थे। तभी प्रमोद बाथम केंद्र से बाहर आए और अपने साथ के लोगों से बोले कि हम तो चैलेंज वोट डाल कर आए हैं। पूछा तो बताया कि उनके परिवार की महिला का कोई और वोट डाल आया था। जिस पर वह चैलेंज वोट डालकर आए हैं। इस बीच अभाविप नेता और सपा नेता भी मतदान का जायजा लेने अपने अपने बस्तों पर आकर जानकारी लेते रहे।
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मुस्कुराकर बोले, उसी को दिया वोट
अर्चना मेमोरियल केंद्र पर भी वोटरों की कतार दिखी। यहां वोट डालकर बैरुन कटरा साहब खां के सुमित से पूछा, वोट डाल आए तो जवाब दिया कि हां। किसे दिया के सवाल पर सिर्फ मुस्करा कर इतना कहा कि बस वो ही। केंद्र पर महिलाओं की संख्या अच्छी खासी दिखी। प्रकाश नगर, महेरा चुुंगी, अलकापुरी आदि मोहल्ले के लोग यहां वोट करने पहुंचे। यहां केंद्र पर चार बूथ रहे, लेकिन मतदान सीसीटीवी के सहारे होता रहा।
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वृद्ध महिला फोटो आईडी के लिए भटकी
दोपहर करीब 12:30 बजे सहकारी शीतगृह का मतदान केंद्र। दो बूथ के इस केंद्र पर सिर्फ पुलिस नजर आई। यहां वोटर भी कमोवेश कम दिखे। नई बस्ती की वृद्ध महिला तसलीमा गेट पर मौजूद बीएलओ से बोली, मेरा नाम हो तो देख लो। बीएलओ ने फोटो आईडी मांगी तो बताया कि नहीं है। चक्कर काटकर थक चुके हैं। मोहल्ला पूछा तो नई बस्ती बताया। बीएलओ बोले कि आपका वोट यहां नहीं पड़ेगा। वृद्ध महिला मायूस होकर वापस चल दी। जाते हुए शब्द कान में पड़े कि अब दस रुपये रिक्शे के लिए और बेवजह खर्च करने पड़ेंगे।
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पंखा न चलने से परेशान रहे कर्मी
दोपहर करीब 1:00 बजे लाला लाजपतराय मतदान केंद्र पर लोधी मोहल्ला के लोगों की लाइन काफी लंबी नजर आई। चार बूथ वाले इस केंद्र पर भी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के हवाले दिखी। वोटरों ने बताया कि सुबह से ही यहां लाइन लगी है। युवा हिमांशु जैन वोट देकर बाहर निकले। पूछा दे आए वोट? जवाब मिला हां अंकल। किसे दिया, तो मुस्करा कर बोला कि बस ये न पूछिए। यहां कुछ कमरों में पंखा न चलने से मतदान कार्मिक परेशान रहे।
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पीने के पानी को परेशान रहे लोग
आदर्श प्राथमिक विद्यालय में पांच बूथ थे। यहां पैरामिलिट्री लगी दिखी। केंद्र संवेदनशील है। इससे मकसूदपुरा, मुफ्तीटोला, कबीरगंज, रामगंज, गौशाला और मोहल्ला पेंच जुड़े हैं। मतदान यहां भी बगैर किसी हो-हल्ला के चलता मिला। गर्मी की वजह से भीड़ कम दिखी। दोपहर करीब सवा बजे आर्यकन्या केंद्र में चार बूथों पर वोटिंग हो रही थी। सीसीटीवी कैमरा लगा था। एक कांस्टेबल से पूछा कि कितनी फोर्स लगी हैं यहां, तो बताया कि एक दरोगा, चार कांस्टेबल, एक महिला कांस्टेबल समेत होमगार्ड लगे हैं। हालांकि केंद्र पर दरोगा जी नजर नहीं आए। वोट देकर आए मुकेश पचौरी ने बताया कि पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं रही। यहां चौकी शमशेरी से काफी तादाद में लोग वोट डालते दिखे।
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आदर्श मतदान केंद्र रहा इस्लामियां
दोपहर करीब डेढ़ बजे का वक्त है, बाइक या अन्य गाड़ियों से लोग आकर वोट डालते दिखे। इस केंद्र पर सात बूथ होने की वजह से पैरामिलेट्री के जवान मोर्चा संभाले रहे। लोगों ने बताया कि यहां सुबह के वक्त काफी लंबी कतारें लगी रहीं। कालेज के ग्राउंड में आदर्श मतदान केंद्र का बैनर भी लगा दिखा। ऐसा इसलिए कि यहां परिसर की आकर्षक साजसज्जा की गई थी। मतदान से जुड़ी व्यवस्था भी बेहतर दिखी। कालेज की मुख्य इमारत की खूबसूरती का तो वैसे भी कोई जवाब नहीं है, लेकिन सूरज की तपिश सिर चढ़कर बोल रही थी। दोपहर 2:00 बजे जीआईसी पोलिंग केंद्र के बाहर बस्तों पर सिर्फ कार्यकर्ता दिखे। बूथों पर भीड़ नहीं थी। लोगों ने बताया कि सुबह यहां भी सभी सातों बूथों पर कतारें लगी रहीं। शाह महमूदाबाद, स्टेशन बाजार, कटरा पुर्दल खां, मेवाती टोला और शादीलाल मोहल्ला जुड़े होने से यह केंद्र मुस्लिम बहुल माना जाता है।
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मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया था। सुबह दस बजे तक महाराणा प्रताप जूनियर हाईस्कूल मतदान केंद्र पर करीब 15 फीसदी मतदान हो चुका था। कटरा साहब खां और सेवा कली मोहल्ला आदि मोहल्लों के लोग सुबह उठकर सबसे पहले वोट डालने पहुंचे। यहां पैरामिलिट्री की जगह सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। अंदर भाजपा और सपा के एजेंट और कुछ पुलिसकर्मी मिले। भीड़ अब तक छंट चुकी थी। लोग आराम से अपना वोट डाल रहे थे। बगल में ही कन्या जूनियर हाईस्कूल मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतार दिखी। पता चला कि शाहकमर मोहल्ला के वोटर हैं। यहां भी तीन बूथों पर मतदान हो रहा था। पैरामिलिट्री की जगह सामान्य पुलिस तैनात थी। सीसीटीवी कैमरा लगा था। इसी बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट विनोद प्रकाश जायजा लेने पहुंचे। बताया कि शांतिपूर्ण ढंग से वोटिंग चल रही है। यह भी कहा कि चूंकि बूथ संवेदनशील नहीं है, इसलिए पैरामिलिट्री फोर्स नहीं लगाई गई है। ----
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महिला का वोट कोई और डाल गया
यहां से खालसा स्कूल के मतदान केंद्र पहुंचे तो यहां अपेक्षाकृत अधिक चहलपहल नजर आई। केंद्र पर पांच बूथ होने की वजह से पैरामिलेट्री लगी दिखी। धूप के बीच वोटर कतार में लगे थे। तभी प्रमोद बाथम केंद्र से बाहर आए और अपने साथ के लोगों से बोले कि हम तो चैलेंज वोट डाल कर आए हैं। पूछा तो बताया कि उनके परिवार की महिला का कोई और वोट डाल आया था। जिस पर वह चैलेंज वोट डालकर आए हैं। इस बीच अभाविप नेता और सपा नेता भी मतदान का जायजा लेने अपने अपने बस्तों पर आकर जानकारी लेते रहे।
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मुस्कुराकर बोले, उसी को दिया वोट
अर्चना मेमोरियल केंद्र पर भी वोटरों की कतार दिखी। यहां वोट डालकर बैरुन कटरा साहब खां के सुमित से पूछा, वोट डाल आए तो जवाब दिया कि हां। किसे दिया के सवाल पर सिर्फ मुस्करा कर इतना कहा कि बस वो ही। केंद्र पर महिलाओं की संख्या अच्छी खासी दिखी। प्रकाश नगर, महेरा चुुंगी, अलकापुरी आदि मोहल्ले के लोग यहां वोट करने पहुंचे। यहां केंद्र पर चार बूथ रहे, लेकिन मतदान सीसीटीवी के सहारे होता रहा।
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वृद्ध महिला फोटो आईडी के लिए भटकी
दोपहर करीब 12:30 बजे सहकारी शीतगृह का मतदान केंद्र। दो बूथ के इस केंद्र पर सिर्फ पुलिस नजर आई। यहां वोटर भी कमोवेश कम दिखे। नई बस्ती की वृद्ध महिला तसलीमा गेट पर मौजूद बीएलओ से बोली, मेरा नाम हो तो देख लो। बीएलओ ने फोटो आईडी मांगी तो बताया कि नहीं है। चक्कर काटकर थक चुके हैं। मोहल्ला पूछा तो नई बस्ती बताया। बीएलओ बोले कि आपका वोट यहां नहीं पड़ेगा। वृद्ध महिला मायूस होकर वापस चल दी। जाते हुए शब्द कान में पड़े कि अब दस रुपये रिक्शे के लिए और बेवजह खर्च करने पड़ेंगे।
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पंखा न चलने से परेशान रहे कर्मी
दोपहर करीब 1:00 बजे लाला लाजपतराय मतदान केंद्र पर लोधी मोहल्ला के लोगों की लाइन काफी लंबी नजर आई। चार बूथ वाले इस केंद्र पर भी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस के हवाले दिखी। वोटरों ने बताया कि सुबह से ही यहां लाइन लगी है। युवा हिमांशु जैन वोट देकर बाहर निकले। पूछा दे आए वोट? जवाब मिला हां अंकल। किसे दिया, तो मुस्करा कर बोला कि बस ये न पूछिए। यहां कुछ कमरों में पंखा न चलने से मतदान कार्मिक परेशान रहे।
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पीने के पानी को परेशान रहे लोग
आदर्श प्राथमिक विद्यालय में पांच बूथ थे। यहां पैरामिलिट्री लगी दिखी। केंद्र संवेदनशील है। इससे मकसूदपुरा, मुफ्तीटोला, कबीरगंज, रामगंज, गौशाला और मोहल्ला पेंच जुड़े हैं। मतदान यहां भी बगैर किसी हो-हल्ला के चलता मिला। गर्मी की वजह से भीड़ कम दिखी। दोपहर करीब सवा बजे आर्यकन्या केंद्र में चार बूथों पर वोटिंग हो रही थी। सीसीटीवी कैमरा लगा था। एक कांस्टेबल से पूछा कि कितनी फोर्स लगी हैं यहां, तो बताया कि एक दरोगा, चार कांस्टेबल, एक महिला कांस्टेबल समेत होमगार्ड लगे हैं। हालांकि केंद्र पर दरोगा जी नजर नहीं आए। वोट देकर आए मुकेश पचौरी ने बताया कि पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं रही। यहां चौकी शमशेरी से काफी तादाद में लोग वोट डालते दिखे।
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आदर्श मतदान केंद्र रहा इस्लामियां
दोपहर करीब डेढ़ बजे का वक्त है, बाइक या अन्य गाड़ियों से लोग आकर वोट डालते दिखे। इस केंद्र पर सात बूथ होने की वजह से पैरामिलेट्री के जवान मोर्चा संभाले रहे। लोगों ने बताया कि यहां सुबह के वक्त काफी लंबी कतारें लगी रहीं। कालेज के ग्राउंड में आदर्श मतदान केंद्र का बैनर भी लगा दिखा। ऐसा इसलिए कि यहां परिसर की आकर्षक साजसज्जा की गई थी। मतदान से जुड़ी व्यवस्था भी बेहतर दिखी। कालेज की मुख्य इमारत की खूबसूरती का तो वैसे भी कोई जवाब नहीं है, लेकिन सूरज की तपिश सिर चढ़कर बोल रही थी। दोपहर 2:00 बजे जीआईसी पोलिंग केंद्र के बाहर बस्तों पर सिर्फ कार्यकर्ता दिखे। बूथों पर भीड़ नहीं थी। लोगों ने बताया कि सुबह यहां भी सभी सातों बूथों पर कतारें लगी रहीं। शाह महमूदाबाद, स्टेशन बाजार, कटरा पुर्दल खां, मेवाती टोला और शादीलाल मोहल्ला जुड़े होने से यह केंद्र मुस्लिम बहुल माना जाता है।